अभी तक अगर आपने राफ्टिंग का मजा सिर्फ ऋषिकेश में ही लिया है तो एक और जगह है जहां राफ्टिंग का एक्सपीरियंस होगा बिल्कुल अलग और एक्साइटिंग. हरे-भरे जंगल और बीच में बहती नदी, कुछ ऐसा होता है बैंबू राफ्टिंग का नजारा. जिसका एक्सपीरियंस लेने के लिए आपको पेरियार टाइगर रिजर्व आना पड़ेगा. बैंबू राफ्टिंग नेचर वौक का ही हिस्सा है. इसमें बांस के बने नाव से नदी में घूमने का मौका मिलता है.

बैंबू राफ्टिंग

इसकी शुरूआत सुबह 8 बजे से ही हो जाती है जिससे आप सुबह-सुबह प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकें. फोटोग्राफी के लिहाज से भी ये समय काफी अच्छा होता है. इस राफ्टिंग तक पहुंचने के लिए आपको घने जंगलों में थोड़ी देर ट्रैकिंग करना होता है. यकीन मानिए इस ट्रैकिंग के दौरान आपको किसी भी प्रकार की थकावट महसूस नहीं होगी बल्कि आप इसे एन्जौय करेंगी.

3 घंटे की बैंबू राफ्टिंग न सिर्फ अनोखा एडवेंचर है बल्कि नौलेज और एंटरटेनमेंट हर एक लिहाज से भी बेस्ट है. खूबसूरत नजारों के साथ पक्षियों की चहचहाहट आपके इस सफर को बनाती है और भी सुहाना. इस राफ्टिंग के लिए आ रही हैं तो अपने साथ कैमरा ले आना बिल्कुल न भूलें क्योंकि इस जगह की खूबसूरती को बयां करने के लिए फोटोग्राफ्स ही काफी हैं. शाम के 5 बजे के बाद राफ्टिंग बंद हो जाती है.

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फूलों पर मंडराती रंग-बिरंगी तितलियां, पेड़ों पर लगे फल और उनके आसपास घूमते हाथी, बंदर, गौर और सांभर राफ्टिंग के दौरान आपका स्वागत करते हुए नजर आएंगे. पश्चिमी घाट में पेरियार टाइगर रिजर्व बहुत ही बड़ी और घनी बायो-डायवर्सिटी वाली जगह है.

राफ्टिंग के नियम

एक बैंबू राइड में लगभग 10 टूरिस्ट, एक आर्म्ड फौरेस्ट गौर्ड और चार गाइड होते हैं. जिनमें से ज्यादातर गाइड ट्राइबल कम्यूनिटी से आते हैं जिन्हें यहां के जंगलों और आसपास की हर एक चीज के बारे में बखूबी पता होता है. इनसे आप काफी कुछ जानकारी ले सकती हैं. इसलिए इन्हें सरकार द्वारा शुरू किए गए इको डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा भी बनाया गया है.

राफ्टिंग के दौरान मिलने वाली सुविधाएं

राफ्टिंग के दौरान टूरिस्ट को ब्रेकफास्ट भी सर्व किया जाता है. ब्रेड, जैम, फ्रूट्स, चाय, स्नैक्स के अलावा लंच की सुविधा भी मिलती है. बैंबू पर बैठकर राफ्टिंग करते हुए आप पहुंचते हैं पेरियार टाइगर रिजर्व के कैचमेंट एरिया में.

जंगल में कुछ वक्त और गुजारना चाहते हैं तो यहां बैंबू से बने रूम्स भी अवेलेबल हैं. जहां रूकने का एक्सपीरियंस भी काफी अलग होगा. ऐसा लगेगा मानो आप केरल के किसी ट्रेडिशनल घर में ठहरे हैं. इसके अलावा यहां केरल टूरिज्म डेवलपमेंट कौरपोरेशन होटल एंड रिजौर्ट का अरन्या निवास भी है. जहां टूरिस्टों के लिए हर एक सुविधा मिलती है.

कैसे पहुंचे 

रेलमार्ग- कोट्टायम, यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है जो टेक्कडी से 114 किमी दूर है.

हवाईमार्ग- तमिलनाडु का मदुरै एयरपोर्ट यहां से 136 किमी की दूरी पर है और कोच्ची का नेदुंबासेरी एयरपोर्ट 190 किमी की दूरी पर.

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