Women’s Day Special :  विंग कमांडर अंजलि सिंह का जीवन राष्ट्र, अनुशासन और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उनके पिता ऑनरेरी फ्लाइट लेफ्टिनेंट (HFL) मदन प्रसाद सिंह भारतीय सेना में सेवारत रहे। उनके व्यक्तित्व, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति ने अंजलि सिंह के जीवन को गहराई से प्रभावित किया। बचपन से ही सेना के वातावरण में पली-बढ़ी अंजलि ने राष्ट्रसेवा को अपना लक्ष्य बनाया और 2002 में भारतीय वायु सेना की एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग शाखा में प्रवेश किया। उन्होंने वायु सेना तकनीकी महाविद्यालय, बेंगलुरु से कठोर सैन्य-व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत उन्हें मिग-29 लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट इंजीनियर अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली। यह दायित्व संभालने वाली वे पहली भारतीय महिला अधिकारी बनीं। 2016 में उन्हें प्रिपरेशन यूनिट की कमान सौंपी गई। इस इकाई का दायित्व मरकरी क्रूज़ मिसाइल प्रणाली के परीक्षण उपकरणों का रखरखाव और संचालन दक्षता बनाए रखना था। सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान परीक्षण उपकरण में गंभीर तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गई जिससे निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका थी। उनके नेतृत्व में उपकरण को यूनिट स्तर पर ही पुनः कार्यशील बनाया गया और मिशन की निरंतरता सुनिश्चित हुई। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए 2017 में उन्हें AOC-in-C (Air Officer Commanding-in-Chief) द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया.

2019 में वे मास्को स्थित भारतीय दूतावास में सैन्य राज्य नियुक्त होने वाली भारत की पहली महिला अधिकारी बनीं। उनका कार्यकाल अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि इसी अवधि में कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसी जटिल परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं। महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा और उपकरणों की आपूर्ति में बाधाएँ आईं, जिन्हें उन्होंने सूझ-बूझ और दृढ़ता से संभाला।

उसी अवधि में उन्होंने सुरक्षा प्रणाली के प्रशिक्षण दल का भी कुशल प्रबंधन किया। विदेशी धरती पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दल के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मनोबल को बनाए रखना उच्च प्राथमिकता थी।

महामारी काल में उन्होंने ‘संदेश भारत मिशन’ के अंतर्गत रूस में फंसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके पश्चात रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान ‘ऑपरेशन गंगा’ के अंतर्गत भारतीय विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षित निकासी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वर्तमान में वे तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान (TETTRA) में चीफ इंस्ट्रक्टर के रूप में कार्यरत हैं जहाँ वे अधिकारियों, युवाओं और अधिकारियों को मिग-29 विमान का तकनीकी प्रकार प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। वे न केवल तकनीकी ज्ञान का संचार कर रही हैं बल्कि अनुशासन, आत्म-विश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना भी विकसित कर रही हैं। एक महिला के रूप में वर्दी पहनना मेरे लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का गर्व है।

क्या कहती हैं अंंजलि सिंह

आज की नारी साहस, समर्पण और आत्मविश्वास की सशक्त प्रतीक है। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं सभी महिलाओं और बेटियों से आग्रह करती हूँ कि वे अपने सपनों के लिए पूरी मेहनत और लगन से आगे बढ़ें, और जीवन में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करें

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