Inspire Award : ‘‘ह्यूमर मेरे लिए सिर्फ लोगों को हंसाने का जरीया नहीं बल्कि उन बातों को कहने का मंच है जो अकसर अनकही रह जाती हैं,’’ कहती हैं नीति पाल्टा.
पायनियरिंग फीमेल स्टैंडअप कौमिक ऐंड कल्चरल वौइस नीति पाल्टा भारत की बेहतरीन स्टैंडअप कौमेडियंस में से एक हैं जो अपनी तेज बुद्धि, सामाजिक अवलोकन और निडर दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं. ये जैंडर, रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी पर खुल कर और संवेदनशीलता के साथ बात करती हैं और इसी वजह से इन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है.
नीति की कौमेडी में व्यक्तिगत अनुभव, सामाजिक टिप्पणी और सांस्कृतिक समझ का अनोखा मेल दिखाई देता है. वे दर्शकों को सिर्फ हंसाती नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर सोचने पर भी मजबूर करती हैं.
शुरुआती जीवन और सफर
नीति ने अपने कैरियर की शुरुआत विज्ञापन और टैलीविजन लेखन से की थी. एक इंप्रूव अनुभव ने उन्हें स्टैंडअप कौमेडी की ओर आकर्षित किया. 2010 के दशक की शुरुआत में उन्होंने मंच पर स्टैंडअप कौमेडियन के तौर पर परफौर्म करना शुरू किया और धीरेधीरे भारत के स्टैंडअप कौमेडी सर्किट में अपनी खास जगह बनाई. उस समय भारत में महिला स्टैंडअप कौमिक्स की संख्या काफी कम थी लेकिन नीति ने अपने अलग अंदाज, आत्मविश्वास और साफ दृष्टिकोण के दम पर खुद को स्थापित किया.
भारत के अलगअलग शहरों, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन ने उन्हें एक ऐसा कलाकार बनाया जो लगातार अपने अनुभवों और विचारों से लोगों से जुड़ती रही हैं.
कलात्मक पहचान
नीति की कौमेडी का केंद्र सामाजिक टिप्पणियां, व्यक्तिगत अनुभव और सांस्कृतिक समीक्षा है. वे आम जीवन की छोटीछोटी घटनाओं को ईमानदारी, व्यंग्य और हास्य के साथ पेश करती हैं. उन की प्रस्तुति शैली बातचीत जैसी सहज और आत्मीय होती है जो दर्शकों को तुरंत जोड़ लेती है.
कार्य और कलात्मक पहचान
नीति ने भारत और विदेशों के कई प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शन किया है.
उन के कौमेडी स्पैशल्स और डिजिटल क्लिप्स व्यापक रूप से देखे जाते हैं.
वे अमेजन प्राइम की लोकप्रिय कौमेडी सीरीज कौमिकस्तान में मैंटर और जज के रूप में भी नजर आ चुकी हैं.
उन का कंटैंट रोजमर्रा की जिंदगी, सामाजिक धारणाओं और मानवीय व्यवहार पर आधारित होता है.
उन का काम हास्य और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच एक संतुलन बनाता है जो दर्शकों को मनोरंजन के साथसाथ सामाजिक विषयों पर विचार करने का मौका देता है.
योगदान
नीति पाल्टा को भारत की इंग्लिश स्टैंडअप कौमेडी में महिला दृष्टिकोण को प्रमुखता से सामने लाने का श्रेय दिया जाता है. उन्होंने अपने काम के माध्यम से भारतीय कौमेडी स्पेस को अधिक समावेशी और विविध बनाया है.
नीति की प्रस्तुतियां अकसर जीवन की सामान्य परिस्थितियों को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करती हैं.
कौमिकस्तान में मैंटर और जज के रूप में उन की भूमिका ने उभरते कौमेडियंस को मंच, मार्गदर्शन और पहचान दिलाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है.
सम्मान और उपलब्धियां
रौ ओज फेस्ट इंडिया में बैस्ट स्टैंडअप कौमिक
2013 में ‘मेलबोर्न इंटरनैशनल कौमेडी फैस्टिवल’ में परफौर्म करने वाली पहली भारतीय महिला स्टैंडअप कौमिक्स में शामिल.
कौमिकस्तान (सीजन 3+4) में मैंटर और जज.
भारत की पायनियरिंग फीमेल स्टैंडअप कौमिक्स में गिनी जाती हैं, जिन्होंने कौमेडी के दायरे को व्यापक बनाया.
इंस्पायर अवार्ड स्पैशल
नीति कहती हैं, ‘‘ऐसा नहीं है कि मैं ने कौमेडी को चुना बल्कि कौमेडी खुद मेरी जिंदगी में आ गई. मैं पेशे से लेखक थी और लिखना मुझे हमेशा पसंद था. सुबह लिखती थी, शाम को जा कर जोक्स टैस्ट करती थी कि लोग कितना हंसते हैं. फिर किसी ने मुझे पैसे औफर किए तो मैं ने सोचा कि अच्छा, इस से पैसे भी कमाए जा सकते हैं.
