महिलाओं के लिए जरूरी है जीवन बीमा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में भावनात्मक एवं शारीरिक सुरक्षा के साथ ही आर्थिक सुरक्षा भी बेहद जरूरी है. खासतौर पर महिलाओं का आर्थिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है. इस की बड़ी वजह है, आजकल की महिलाओं का पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलना. जी हां, आज की सशक्त महिलाएं न केवल घर की चारदीवारी से बाहर निकल कर अपना अस्तित्व निखार रही हैं, बल्कि अपने घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को भी पूरा कर रही हैं. ऐसे में उन की अनुपस्थिति में परिवार को होने वाले आर्थिक नुकसान को पूरा करने के लिए उन का बीमित होना अनिवार्य है.

बचत से ज्यादा जरूरत

वैसे जीवन बीमा को अधिकतर महिलाएं बचत समझती हैं लेकिन जीवन बीमा बचत से ज्यादा जरूरत है, क्योंकि इस से बड़े होते बच्चों की शिक्षा, रोजगार व शादी सहित जीवन की कई महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिलती है. इस के और भी कई लाभ हैं, जो महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का समावेश करते हैं.

आइए, कुछ लाभों के बारे में हम बताते हैं:

‘मेरे जाने के बाद मेरे बच्चों का क्या होगा?’, ‘क्या पति अकेले सभी बड़ी जिम्मेदारियां उठा लेंगे?’ यह सवाल अकसर आप को परेशान करते होंगे. जायज भी है, बढ़ती हुई महंगाई में घर एक कमाने वाले की कमाई से नहीं चल सकता, बल्कि जरूरी है कि घर की कुछ आर्थिक जिम्मेदारियां आप भी उठाएं. हो सकता है कि आप की सैलरी घर की बड़ी जिम्मेदारियां उठाने में मददगार न हो लेकिन आप की छोटीछोटी बचत इस में आप की मदद कर सकती है. इस में जीवन बीमा की अहम भूमिका है क्योंकि यह आप को एकमुश्त बड़ी रकम देता है, जिस से आप अपने दायित्वों को पूरा कर सकती हैं.

1. आजकल ऐसी इंश्योरैंस पौलिसी भी आ गई है जिस में जीवन बीमा के साथ ही सेविंग और क्रिटिकल इलनैस (बीमारियां एवं प्रैगनैंसी) को भी कवर किया जाता है. यह पौलिसी खासतौर पर उन महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी है जो घर और बाहर दोनों जगह की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, क्योंकि ऐसे में सेहत पर विपरीत असर तो पड़ता ही है, तब इस तरह की पौलिसियां आर्थिक रूप से मददगार बनती हैं.

2. यदि आप का परिवार पूरी तरह आप की आय पर निर्भर है तो आप को टर्म इंश्योरैंस पौलिसी लेनी चाहिए. इस में परिपक्वता पर तो कोई राशि प्राप्त नहीं होती लेकिन बहुत कम प्रीमियम पर बड़ा सुरक्षा कवर मिल जाता है.

3. कुछ जीवन बीमा योजनाओं में विशेष बीमारी होने पर कुछ बीमा कंपनियों द्वारा इलाज हेतु अग्रिम राशि दे दी जाती है.

4. यदि आप की आय, आयकर में महिलाओं को दी गई छूट से अधिक है, तो बीमा पौलिसी पर आप को आयकर की छूट भी प्राप्त होगी.

कैसे चुनें बीमा पौलिसी

बीमा पौलिसी कराने से पहले यह देखना जरूरी है कि बीमाधारक अपनी आर्थिक स्थिति के मुताबिक कितनी रकम का प्रीमियम भर सकता है. दरअसल, अधिक प्रीमियम वाली बीमा पौलिसी लेने के बाद, जब प्रीमियम भरने में कठिनाई महसूस होती है, तब कई बीमाधारक तय समय से पहले ही बीमा अनुबंध तोड़ देते हैं. इस से बीमाधारक को फायदे की जगह नुकसान ही उठाना पड़ता है. पौलिसी चलती रहे, यही कोशिश करनी चाहिए.

इन टिप्स पर गौर करें, बीमा पौलिसी चुनते समय मदद मिल सकती है:

1. बीमाधारक पर कितने लोग आश्रित हैं और वह उन्हें कैसी जीवनशैली देना चाहता है.

2. बीमाधारक को अपने रोजमर्रा के खर्चे और अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए.

3. किस तरह की इंश्योरैंस पौलिसी आप के लिए मददगार है, इस बात का भी खयाल रखें.

4. आप अपना प्रीमियम समय पर भर सकते हैं या नहीं इस बात का भी ध्यान रखें.

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जीवन बीमा क्यों है जरूरी

हमारे देश में आज भी जीवन बीमा को ले कर लोगों में झिक है खासतौर से महिलाओं में. अधिकांश महिलाओं को तो जीवन बीमा के विषय में जानकारी ही नहीं होती. इन सब बातों को वे अपने पति पर छोड़ देती हैं. पति भी पत्नियों को बचत के तरीकों, अपने खातों की जानकारी, विकास पत्र या बीमा पौलिसी के बारे में अधिक जानकारी देने से बचते हैं.

हमारे यहां परिवार का आर्थिक बोझ उठाने की जिम्मेदारी अकसर पुरुषों के कंधों पर होती है. हालांकि अब बड़ी संख्या में  महिलाएं भी नौकरी कर रही हैं और घर की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अपना योगदान दे रही हैं. ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपने और अपने परिवार को सुरक्षित रखने का इंतजाम समय रहते कर लें.

घर की आर्थिक गाड़ी खींचने वाला व्यक्ति चाहे स्त्री हो या पुरुष, उस के कंधों पर कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं. बच्चों की शिक्षा, उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को विदेश भेजने की ख्वाहिश, बेटी का अच्छा विवाह, अपना घर बनवाना और रिटायर होने के बाद भी आय का कोई सोर्स हर व्यक्ति चाहता है.

बीमा की उपयोगिता

इन तमाम जिम्मेदारियों को पूरा करने से पहले ही अगर घर के कमाऊ सदस्य के साथ कोई अनहोनी घट जाए तो सोचिए उस के लक्ष्यों का क्या होगा? परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए पैसे कहां से आएंगे? इस का सिर्फ एक इलाज है- जीवन बीमा. इस के जरीए सभी वित्तीय लक्ष्यों के लिए परिवार को सुरक्षा कवच मिल जाता है. जीवन बीमा परिवार के आत्मसम्मान की रक्षा करता है. घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मृत्यु के बाद परिवार को दूसरों पर आश्रित नहीं होना पड़ता है.

जीवन बीमा के बारे में आज हर व्यक्ति को जानने की जरूरत है. इस के विषय में ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछने की जरूरत है. जीवन बीमा की उपयोगिता क्या है? यह कितनी रकम का होना चाहिए? इसे कब लेना चाहिए? ऐसे सभी सवालों के जवाब हम आप को दे रहे हैं.

अगर आप नौकरीपेशा हैं या अपना कोई व्यवसाय करते हैं तो आप को अपनी सालाना आमदनी का कम से कम 10 गुना जीवन बीमा कवर जरूर लेना चाहिए.

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क्यों खरीदें जीवन बीमा पौलिसी

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने होम लोन ले कर घर खरीदा है. उस के बच्चे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं. घर के सभी प्रकार के खर्च के लिए परिवार उस व्यक्ति पर निर्भर है. अब यदि किसी बीमारी या दुर्घटना की वजह से उस व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उस के नहीं रहने की स्थिति में उस का परिवार सड़क पर न आ जाए, इस के लिए बीमा पौलिसी खरीदना जरूरी है.

बीमा कवरेज लेने से उस के नहीं होने की स्थिति में उस के आश्रितों को बीमा कंपनी से मुआवजा मिलेगा, जिस से उन का आगे का समय आसानी से कट सकता है. जीवन बीमा पौलिसी व्यक्ति के नहीं रहने की स्थिति में उस के परिवार को वित्तीय जोखिम से सुरक्षा देता है.

जीवन बीमा किसे लेना चाहिए

यदि व्यक्ति के परिवार में पत्नी है, बच्चे हैं और उस के मातापिता वृद्ध हैं तथा उन की अपनी कोई कमाई नहीं है तो उस व्यक्ति को निश्चित रूप से जीवन बीमा पौलिसी खरीदना चाहिए. जीवन बीमा पौलिसी खरीदने की सब से आम वजह किसी अप्रत्याशित घटना से परिवार को संरक्षण प्रदान करना है. जीवन बीमा पौलिसी से मुआवजे के रूप में मिली रकम का उपयोग कर परिवार के आश्रित सदस्यों के अगले कई सालों का खर्च उठाया जा सकता है.

अगर आप पर ऋण या देनदारी है

यदि किसी व्यक्ति ने लोन ले कर खरीदारी यानी घर खरीदा है या अपनी संपत्ति गिरवी रखी है, तो उसे जीवन बीमा पौलिसी अवश्य ले लेनी चाहिए. इस से उस के नहीं रहने की स्थिति में न सिर्फ उस के परिवार को उस कर्ज को चुकाने में मदद मिलेगी, बल्कि परिवार के लिए आमदनी का एक नियमित स्रोत भी बनेगा.

पार्टनरशिप फर्म में भागीदार

यदि आप के साथ पार्टनरशिप फर्म में शामिल कोई व्यक्ति है तो आप दोनों को जीवन बीमा पौलिसी खरीदनी चाहिए. इस प्रकार की पौलिसी आप के पार्टनर की मृत्यु होने की स्थिति में होने वाले किसी प्रकार के वित्तीय नुकसान की स्थिति में आप की फर्म को वित्तीय सुरक्षा देगी.

कब कराना चाहिए जीवन बीमा

नौकरी लगते ही आप को जीवन बीमा पौलिसी खरीद लेनी चाहिए. जीवन बीमा कवरेज लेने के लिए टर्म प्लान कम प्रीमियम में अधिकतम कवरेज हासिल करने का बेहतरीन विकल्प है. आप की उम्र जितनी कम होगी जीवन बीमा पौलिसी में आप का प्रीमियम उतना ही कम होगा.

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बीमा कितने समय के लिए कराना चाहिए

जब तक आप के परिवार के सदस्य अपने खर्च के लिए आप की कमाई पर निर्भर हों, आप को उतने समय का अंदाजा लगा कर ही बीमा पौलिसी खरीदनी चाहिए. आप जब तक अपने परिवार के लिए कमाने वाले महत्त्वपूर्ण सदस्य हैं तब तक के लिए आप को जीवन बीमा कराना चाहिए.

आमतौर पर यह माना जाता है कि अगर आप की शादी 30 साल की उम्र में हो गई है और 35 साल की उम्र तक आप के 2 बच्चे हैं तो उन की पढ़ाईलिखाई आदि अगले 25 साल में पूरी हो जाएगी और तब तक वे जौब शुरू कर देंगे. इस हिसाब से आप को जीवन बीमा पौलिसी में 60-65 साल तक की उम्र के लिए लेनी चाहिए.

जब खरीदें जीवन बीमा

जीवन बीमा पौलिसी असल में बीमा कंपनी और बीमाकृत जीवन के बीच एक अनुबंध होता है, जिस में बीमा धारक द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम के बदले बीमा कंपनी बीमाकृत व्यक्ति की मौत या तय समय के बाद एक निश्चित रकम, जिसे बैनिफिट्स कहते हैं, देने को राजी होती है. जीवन बीमा की आवश्यकता समझने के बाद भी लोगों के लिए सही प्लान का चयन करना हमेशा मुश्किल होता है. यह पर्सनल फाइनैंस के उन विषयों में से एक है, जिसे समझने में अधिकतर लोग गलती करते हैं. सामान्यतया, जीवन बीमा पौलिसी बीमा धारक की आवश्यकता एवं बचत क्षमता के आधार पर खरीदी जाती है. जीवन बीमा प्लान आप के प्रियजनों को वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान कर उन्हें सुरक्षित करने के लिए लिया जाता है, इसलिए इसे खरीदने से पहले आप को अतिरिक्त सावधान रहना चाहिए. आप अगली बार जीवन बीमा खरीदते समय क्या करें और क्या न करें को ध्यान में जरूर रखें.

क्या करें

विशेषज्ञों व अलगअलग स्रोतों से सलाह लें और प्रत्येक सलाह पर धैर्यपूर्वक विचार करें. फिर इस के आधार पर जीवन बीमा के लिए अपनी आवश्यकताओं के बारे में सोचें. यदि आप संख्या में इस की मात्रा निर्धारित कर सकते हैं तो करें. जैसे आप यह देखें कि अगर आप के परिवार में 4 सदस्य हैं, तो आप के बिना घर चलाने के लिए उन्हें कितने पैसों की आवश्यकता होगी? यदि आप परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य हैं, तो आप के बाद आप के बच्चों की स्कूल फीस, कालेज फीस और अन्य खर्र्चों को पूरा करने के लिए न्यूनतम कितने रुपयों की नियमित आवश्यकता होगी. इस में आप अपने सभी कर्ज, देयताएं, यहां तक कि क्रैडिट कार्ड की बकाया राशि भी शामिल करें. इस बात को समझने की कोशिश करें कि जीवन बीमा आप के परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का जरीया है. इसे महज एक टैक्स बचाने के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल न करें.

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अपने परिजनों विशेषकर जीवनसाथी/ नौमिनी को पौलिसी के बारे में जरूर बताएं. उसे यह भी समझाएं कि कोई अनहोनी होने पर क्लेम लेने के लिए उसे क्या करना होगा. ऐसे में अकसर हम सभी अनहोनी जैसे मुद्दों पर बातचीत करने से बचते हैं, जबकि आप अपने प्रियजनों को अपने जाने के बाद उन के लिए बनाए गए सुरक्षा कवच से अवगत करा कर अपने कौमन सैंस और समझदारी का परिचय दे रहे होते हैं. अपनी पौलिसी की नियमित आधार पर समीक्षा करें और परिस्थितियों व आवश्यकता में बदलाव होने पर उस में सुधार करें. उदाहरण के लिए यदि आप की शादी हो जाती है, आप के घर में नन्हा मेहमान आ जाता है, आप की देयता या कर्ज में बढ़ोतरी हो जाती है या आप का पेशा बदल जाता है आदि, तो अपनी पौलिसी की समीक्षा करने के दौरान आप अपने वित्तीय सलाहकार की सहायता भी ले सकते हैं.

क्या न करें

सिर्फ सस्ते के चक्कर में आवश्यकता से कम का कवर न लें. यदि आप को प्रीमियम का खर्च वहन करने में समस्या है तो कवर कम करने के बजाय कम अवधि का प्लान चुनें. प्रपोजल फौर्म में कोई भी कौलम खाली न छोड़ें तथा किसी दूसरे को अपना फौर्म भरने भी न दें. अपने प्रीमियम का भुगतान करना न भूलें, न ही इस में विलंब करें क्योंकि लैप्स अवधि के दौरान पौलिसी का कवर नहीं होता है और क्लेम नहीं मिलता है. पौलिसी लेते समय न कोई तथ्य छिपाएं, न ही कोई गलत जानकारी दें क्योंकि इस से क्लेम के समय विवाद की स्थिति बन सकती है.   

– अनिल चोपड़ा, ग्रुप सीईओ एवं निदेशक, बजाज कैपिटल

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घर बैठे करें लाइफ इंश्योर

डिजिटल पेमेंट का फायदा

आज जिंदगी उलझी हुई जरूर है, लेकिन कुछ चीजों में आसान भी है, क्योंकि आज टेक्नोलॉजी का साथ जो है.  जो काम पहले घंटों लाइन में लगकर होता था, वह काम अब बस एक क्लिक करते ही हो जाता है. जैसे किसी भी चीज का बिल पे करना, टिकट बुक करवाना इत्यादि. यही नहीं बल्कि डिजिटल पेमेंट के जरिए आप खुद के पास रिकॉर्ड रख सकते हैं, ऑफर्स का लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि ऑनलाइन पेमेंट करने पर आपको कभी कैशबैक तो कभी अलगअलग तरह के ऑफर्स मिलते हैं, जो ऑफलाइन में संभव नहीं हैं. वहीं कई बार हमें बिलकुल ऐंड मूमेंट पर याद आता है कि आज तो बिल या पॉलिसी की पेमेंट देने की आखिरी तारीख थी. ऐसे में देर होने पर पेनेल्टी भरने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता, जबकि ऑनलाइन पेमेंट करने की एक खास विशेषता यह है कि आप अपने पिछले व जाने वाले खर्चों की जानकारी रखकर अपने खर्चों पर नजर रख सकते हैं और यहां तक कि हिसाब में बड़ी गड़बड़ी होने पर भी इस के जरिए हम उसका पता लगा सकते हैं

कोविड-19 ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है. बीमा का महत्व अब पहले से और ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि कब, किस पर क्या मुसीबत आ जाए, परिवार में कब क्या जरूरत पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता. ऐसे में हैल्थ व जिंदगी से जुड़ा किसी भी तरह का बीमा आप पर भारी-भरकम खर्च का बोझ नहीं आने देता. लेकिन यह जरूरी है कि आप समय पर बीमा लें, ताकि आप व आपका परिवार उसका समय पर फायदा उठा सके. आप अपने साथ अपने परिवार की सुरक्षा के लिए घर बैठे भी बीमा ले सकते हैं. तो आइए जानते हैं घर बैठे आप बीमा कैसे ले सकते हैं-

बेहतर ऑप्शन

जाहिर सी बात है कि आप घर बैठे जो भी पॉलिसी खरीदना चाहेंगे, उसके बारे में आप पहले पूरी तरह से वाकिफ होना चाहेंगे. ऐसे में अगर आपके पास पॉलिसी के बारे में सारी जानकारी पहले से है तो आप उसे डायरेक्ट बीमा कंपनी की साइट से खरीद सकते हैं. लेकिन अगर आप विभिन्न बीमा कंपनीज के प्लान की तुलना करने के बाद उसे खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए एग्रीगेटर्स वेबसाइट्स के जरिए खरीदने का ऑप्शन भी है, क्योंकि इसके जरिए आपको विभिन्न बीमा कंपनीज की पॉलिसी की शर्तों, फायदों व प्रीमियम की तुलना करने की सुविधा जो मिलती है. जिससे आपको उस पॉलिसी को समझने व खरीदने में आसानी होती है.

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बेसिक डिटेल्स हैं जरूरी

चाहे आप बीमा कंपनी की डायरेक्ट साइट पर जाएं या फिर एग्रीगेटर्स वेबसाइट पर, आपको किसी भी प्लान को देखने, कम्पेअर करने के लिए कुछ बेसिक सी जानकारी देनी जरूरी होती है, जैसे बात करें अगर टर्म इंश्योरेंस खरीदने की, तो आपको अपना नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी. साथ ही बताना होगा कि आप स्मोकिंग या तंबाकू का सेवन करते हैं या नहीं. आपकी एनुअल इनकम कितनी है आदि. उसी तरह अगर आप यूलिप प्लान में निवेश करते हैं, जो कि मार्केट लिंक्ड प्लान होता है. इससे आपकी इनकम भी होती है और जीवन सुरक्षा भी मिलती है. इस प्लान के लिए भी आपको कंपनी द्वारा पूछी गई बेसिक डिटेल्स भरनी होती हैं. इसी के आधार पर आपके सामने सभी बीमा कंपनीज के प्लान आते हैं, जिनके फीचर्स को अच्छे से जानकर आप अपनी पॉकेट व जरूरत के हिसाब से पॉलिसी खरीद सकते हैं.

खरीदने की प्रक्रिया

एक बार जब आप मन बना लेते हैं कि आपको कौन सी पॉलिसी खरीदनी है तो आप बस उस पॉलिसी के बाए ऑनलाइन के ऑप्शन पर क्लिक करें, जिसमें आपको अपनी ईमेल आईडी, शहर, व्यवसाय टाइप, पैन कार्ड नंबर आदि की जानकारी भरनी होगी. आपको उसी पेज पर पॉलिसी से संबंधित व प्रीमियम संबंधित सारी जानकारी मिल जाएगी. सहमत होने पर आप प्रोसीड वाले ऑप्शन पर क्लिक करके आपको कुछ एडिशनल इन्फॉर्मेशन जैसे नोमिनी डिटेल्स, अपने एड्रेस व आईडी प्रूफ संबंधित डाक्यूमेंट्स आदि अपलोड करने के बाद आपका प्रीमियम कैलकुलेट हो जाता है. इसके बाद आप चूज कर सकते हैं कि आपको प्रीमियम अपनी सहूलियत के अनुसार मंथली, ईयरली कैसे पे करना है. फिर उस के बाद पेमेंट का ऑप्शन आता है, जिसमें आप अपने कार्ड से, नेटबैंकिंग से, यूपीआई से, ऑनलाइन वॉलेट से प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं. सफल भुगतान होने पर ग्राहक को कन्फर्मेशन मैसेज और ईमेल आईडी के माध्यम से मिल जाता है. हैल्थ व टर्म इंश्योरेंस में कई बार मेडिकल टेस्ट जरूरी होता है. लेकिन इस समय आपको कई बेहतर पॉलिसीज बिना टेस्ट के भी मिल जाएंगी.

वेरीफिकेशन

पॉलिसी कंपनीज वेरिफिकेशन के बाद आपको पॉलिसी इशू कर देती हैं. साथ ही पॉलिसी डॉक्यूमेंट आ जाए तो आप उसे एक बार ठीक से चेक कर लें ताकि आगे किसी तरह की कोई दिक्कत न हो. इसमें यह भी ऑप्शन होता है कि अगर आपको पोलिसी पसंद नहीं आती तो आप हर कंपनी की शर्तों के अनुसार उतने दिनों में आसानी से वापस कर सकते हैं. इसलिए घबराए नहीं बल्कि बेफिक्र होकर ऑनलाइन पॉलिसी खरीदें. आप पॉलिसी खरीदने के लिए विश्वसनीय बीमा कंपनी एलआईसी की वेबसाइट पर या उसके ऐप की मदद से भी अपनी जरूरत के अनुसार अलगअलग तरह की पॉलिसी ऑनलाइन खरीद सकते हैं.

ऑनलाइन इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के फायदे

आज जहां हर जगह डर का माहौल है, ऐसे में कोई भी घर से बाहर निकलना जरूरी नहीं समझ रहा है और बात भी सही है. ऐसे में आप जान, माल व अपनों को सुरक्षा देने के लिए घर बैठे इंश्योरेंस ले सकते हैं और वह भी बिना किसी झंझट के. साथ ही इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के फायदे भी हैं, जो इस प्रकार से हैं-

– जब भी हम मार्केट में कुछ खरीदने  जाते हैं, तो हम बजट को सबसे पहले ध्यान में रखते हैं, ऐसे में ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने से आपका बजट नहीं बिगड़ता, क्योंकि ऑनलाइन पॉलिसी आपको ऑफलाइन के मुकाबले में सस्ते में मिलती है, क्योंकि इसे आप सीधे बीमा कंपनी से खरीदते हैं और इसमें बीच में कोई नहीं होता.

– बीमा कंपनियां ऑनलाइन अपनी पॉलिसी की पूरी जानकारी देती हैं, जिससे ग्राहक को पॉलिसी को समझने में आसानी होने के साथसाथ सभी चीजें भी स्पष्ट होती हैं, जबकि ऑफलाइन एजेंट पर निर्भर रहने के कारण बहुत सारी चीजें पॉलिसी खरीदने के बाद पता चलती हैं, जिनसे हम कभीकभी सहमत भी नहीं होते.

– ऑनलाइन आपको दूसरी पॉलिसी खरीदने वाले ग्राहकों के फीडबैक भी मिल जाएंगे,

जिससे आपको कंपनी की इमेज के बारे में पता लगने के साथसाथ क्लेम सेटलमेंट में क्या दिक्कतें आती है या नहीं, इस बारे में भी स्पष्ट पता चल जाएगा, जबकि ऑफलाइन यह पता चलना काफी मुश्किल है.

– ऑनलाइन एग्रीगेटर्स कंपनीज ग्राहक को ऑनलाइन प्लान्स को कंपेअर करने की सुविधा देती हैं, जिससे तुलना करके सही प्लान को खरीदने में आसानी होती है.

– ऑनलाइन पॉलिसी खरीदना मतलब कम पेपर वर्क और हैसल फ्री प्रोसेस.

– ऑनलाइन पॉलिसी लेने पर आपको मेल पर सॉफ्ट कॉपी मिलती है, जबकि अगर आप हार्ड कॉपी के ही भरोसे बैठे हैं, तो उसके खो जाने पर आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

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कैसे करें सेफ ऑनलाइन पेमेंट

अकसर हमारे मन में यही डर रहता  है कि अगर हम ऑनलाइन पेमेंट करेंगे तो कहीं हमारा अकाउंट हैक न हो जाए,

डेटा लीक न हो जाए. लेकिन अगर आप स्मार्टली कुछ बातों का ध्यान रखकर ऑनलाइन  पेमेंट करेंगे

तो आप सुरक्षित तरीके से  पेमेंट कर पाएंगे. तो जानते हैं उन बातों  के बारे में-

– अपने कार्ड का पासवर्ड व नेटबैंकिंग डिटेल्स किसी से शेयर न करें.

– अपना पासवर्ड समयसमय पर बदलते रहें.

– वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) का प्रयोग करें, जो कि आपकी ट्रांजैक्शन को और सिक्योर बना देगा.

– अपनी ट्रांजैक्शन के लिए प्राइवेट ब्राउजर का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि यह ज्यादा सेफ होता है.

– आप काम होने के बाद पेज को लॉगआउट जरूर करें.

– जिस साइट से आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, देख लें कि वह साइट सिक्योर है या नहीं.

– किसी भी पब्लिक वाईफाई व कंप्यूटर  का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में  न करें.

– यदि आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं तो सिर्फ वेरीफाई एप्स को ही अपने फोन में डाउनलोड करें.

जो कि प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर्स पर लिस्टेड हो.

– फोन में एप डाउनलोड होने के साथ कैमरा, फोन, फोटोज, कॉन्टेक्ट्स, मैसेज आदि की परमिशन मांगते हैं.

इस बात का ध्यान रखें कि जहां जरूरत हो उन्हीं एप्स का एक्सेस दें बाकियों के लिए डिनाई करें.

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