8 TIPS: नेचुरल प्रौडक्ट से करें स्किन की देखभाल

आज की भागतीदौड़ती जिंदगी में महिलाओं को अपनी त्वचा का ध्यान रख पाना बहुत मुश्किल है. ऐसे में उन्हें प्राकृतिक प्रसाधनों मसलन हलदी, चंदन, केसर, मलाई, ऐलोवेरा, बादाम, व्हाइट लिली और गुलाबजल से भरपूर प्रोडक्ट की तलाश रहती है. क्योंकि यही वे तत्त्व हैं जो त्वचा को अच्छी तरह से नरिश कर के उन्हें खूबसूरत बनाते हैं. आइए जानते हैं इन तत्त्वों की विशेषताएं.

1. हलदी

हलदी सब से सस्ता और अच्छा बौडी स्क्रबर है.  ऐंटीसैप्टिक, ऐंटीबैक्टीरियल और ऐंटीइनफ्लेमैट्री गुणों से भरपूर हलदी में करक्यूमिन नामक तत्त्व पाया जाता है. इस में मौजूद यलो पिगमैंट  त्वचा को निखारने का काम करते हैं. हलदी में एेंटी औक्सीडैंट भी होते हैं जो त्वचा को फ्री रैडिकल्स के आक्रमण से सुरक्षित रखने का काम करते हैं.

2. व्हाइट लिली

ऐंटीपिगमैंटेशन, व्हाइटनिंग और ब्लीचिंग जैसे गुणों से भरपूर व्हाइट लिली में ग्लायकोलिक ऐसिड पाया जाता है, जो डैड स्किन व ऐजिंग स्पौट्स को हलका करने में मददगार होता है. व्हाइट लिली जैल से युक्त क्रीम के इस्तेमाल से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें भी त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचा पातीं.

3. ऐलोवेरा

ऐलोवेरा एक प्राकृतिक मौइश्चराइजर है. यह हर तरह के स्किन टाइप के लिए लाभदायक है. यह सैल रिन्यूअल प्रौसेस को तो बढ़ाता ही है साथ ही इस में मौजूद हीलिंग प्रौपर्टीज स्किन सैल्स मुलायम रखती हैं और त्वचा को चमकदार बनाती हैं.  ऐलोवेरा जैल में कूलिंग और ऐंटीइनफ्लेमैट्री प्रौपर्टीज की मौजूदगी भी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए इस में विटामिन सी और विटामिन ई भी पाए जाते हैं.

4. चंदन

चंदन में मौजूद लाइटनिंग और कूलिंग एजेंट त्वचा के अंदर तक जा कर उस में निखार के साथ चमक भी लाते हैं. साथ ही यह ऐंटीसैप्टिक भी है. इसलिए चोट या फिर जलनेकटने पर भी इसे दवा की तरह लगाया जा सकता है. चंदन के तेल से मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा हो जाता है जिस से त्वचा पर झुर्रियां नहीं पड़तीं.

5. केसर

चंदन की तरह ही केसर में भी लाइटनिंग एजेंट मौजूद रहते हैं, जो त्वचा का रंग निखारते हैं और उसे ग्लोइंग बनाते हैं. प्रदूषण, धूलमिट्टी से होने वाले स्किन इन्फैक्शन से त्वचा को बचाने में भी केसर सुरक्षा कवच का काम करता है, क्योंकि इस में ऐंटी बैक्टीरियल प्रौपर्टीज भी पाई जाती हैं.

6. मलाई

मलाई जितनी सेहत के लिए फायदेमंद होती है उतनी ही त्वचा के लिए जरूरी भी होती है. मलाई में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है जो त्वचा को चमकदार बनाता है, साथ ही फुंसियों से मुक्ति दिलाता है. इस की चिकनाई से त्वचा की खुश्की दूर हो जाती है.

7. बादाम

बादाम त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है. इस को खाने से जहां दिमाग तेज होता है, वहीं बादाम का तेल त्वचा पर लगाने से त्वचा का रंग साफ और चमकदार हो जाता है. बादाम में एल्फा टोकोफेरल सब्सटैंस होता है जो विटामिन ई का एक मजबूत स्रोत होता है. विटामिन ई त्वचा को नरिश करता है.

8. गुलाबजल

अरोमा थेरैपी के लिए सब से उपयोगी माने जाने वाले गुलाबजल में ऐस्ट्रिंजैंट होता है जो स्किन टोनर का काम करता है. इस के रोजाना इस्तेमाल से चेहरे की झुर्रियां कम हो जाती हैं और त्वचा यूथफुल लगने लगती है.

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Holi Special: अरोमा थेरेपी और नेचुरल तरीकों से स्किन को रखें होली-प्रूफ

रंगो के त्यौहार होली फेस्टिवल खेलने के ख्याल के साथ ही सभी को हार्ड केमिकल युक्त रंगों को हटाने के तरीकों के बारे में चिंता अधिक सताने लगती है, और होली के एक्ससिटेमेंट कई लोगो के लिए फीकी पड़ जाती है. हालांकि इस साल सभी होली खेलने को लेकर अधिक सतर्क हैं लेकिन फिर भी लोग अपने परिवार के लोगो के साथ या फिर अपने बेहद ख़ास मित्रों के साथ होली मिलान का कार्यक्रम बना रहे हैं और  अपने निकट और प्रियजनों के साथ होली खेलने के लिए तैयार हैं.

आजकल होली खेलने और होली के रंग उतारने के लिए लोगो के पास बहुत से विकल्प मौजूद हैं, जैसे की  नेचुरल, इको-फ्रेंडली, होममेड और अरोमाथैरेपी आधारित रंगों और स्किन और  बालों से रंग छुटाने के लिए भी कई नेचुरल विकल्प मौजूद है. ऐसे में सिल्वर लाइन सलोन एंड मेकओवर्स की सौंदर्य एक्सपर्ट पूर्णिमा गोयल, ऐसे ही कुछ विकल्प इस्तेमाल करने के तरीके बता रही हैं, आईये जाने की कैसे आप थोड़े ही बदलाव और सावधानियों के साथ होली मिलन की अपनी स्पिरिट को दुगना कर सकते हैं और अपनी स्किन और बालों की सुरक्षा सकते हैं.

स्किन पर होली के रंग का प्रभाव

जैसा की सभी जानते हैं की रसायन युक्त रंग स्किन और बालों पर बुरी तरह से प्रतिक्रिया करते हैं, जिससे स्किन और बालों पर एक रासायनिक परत चढ़ जाती है.  और इस समस्या के चलते स्किन और स्कैल्प  संवेदनशील हो  सकती है और साथ ही  खुजली, चकत्ते आदि की समस्या भी हो सकती है. बेहद संवेदनशील और डिहाइड्रेट स्किन वाले लोग या थायराइड या पायरोसिस जैसी समस्या से जूझ रहे है अथवा किसी भी तरह के हार्मोनल असंतुलन से परेशान लोगो को  होली खेलने से बचना चाहिए . यदि फिर भी, उन्हें खेलने का मन है तो वो  रंगो के विपरीत असर को दूर करने के लिए अपने स्नान के पानी में टी ट्री  या लैवेंडर के तेल की बूंदों को मिला सकते हैं.

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स्किन में बढ़ाएं पोषण

प्री होली और पोस्ट होली स्किन केयर के लिए आप अपने शरीर पर बादाम के तेल अप्लाई कर सकते हैं, यह विटामिन ई से भरपूर होता है और कठोर रंगों के खिलाफ एक सुरक्षा प्रदान करते हुए आपकी स्किन के स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ाता है. अगर आपके पास बादाम का तेल नहीं है, तो आप इसे जैतून के तेल या नारियल के तेल से बदल सकते हैं, जो आपकी स्किन की बनावट और टोन को बढ़ाने के लिए अच्छा है. अपने बालों को कोट करना मत भूलिए, साथ ही स्कैल्प भी.

स्किन की सुरक्षा हो खास

होली चूँकि ओपन में खेली जाती है तो स्किन टैनिंग, सन बर्न जैसी समस्याएं बेहद कॉमन होती हैं, इसलिए ज़रूरी है की आप स्किन को मोएस्ट्राईस रखने के साथ ही सन प्रोटेक्शन क्रीम का इस्तेमाल करें, आप वाटरप्रूफ सनस्क्रीन लगा सकते हैं.  अपने होंठों और स्किन के लिए आप होली खेलने से पहले अपनी स्किन पर पेट्रोलियम जेली लगा सकते हैं. इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आप अपनी पलकों और आंखों के नीचे के क्षेत्र में भी पेट्रोलियम जेली लगाएं. जैसा कि आप सूती कपड़ों में पूरी तरह से ढके रहते हैं, ऐसे में आपको अपने नाखूनों की सुरक्षा भी करनी चाहिए, नाखूनों पर दो रंगों के नेल पेंट और तेल लगाने के साथ ही उन्हें भी रंगों से बचा सकते हैं.

स्कैल्प का ध्यान रखें कुछ ऐसे

आमतौर पर होली खेलने के बाद लोग बालों और स्कैल्प से रंग हटाने के लिए कई बार अपने बालों को शैम्पू करना पसंद करते हैं और ऐसा करते हुए  अपनी स्कैल्प को भी  रगड़ते हैं, इसके साथ ही बालों से रंग उतारने के लिए ब्लीच लगा लेते हैं , लेकिन इन तरीकों से रंग खोपड़ी या बालों से नहीं निकलते,  ब्लीच की परत के नीचे सील हो जाते हैं. रंग के साथ रसायनों के अति प्रयोग में और फिर ब्लीच का इस्तेमाल स्कैल्प को संक्रमित कर सकता है. ऐसे में  बालों का असमय सफेद होना , रूखी स्किन आदि की समस्या भी उत्पन हो जाती है.  आप ध्यान रखे की शैम्पू का इस्तेमाल हमेशा उसे डाईलयूट करके ही करें और कंडीशनर को आप बालों पर लगाएं ना के जड़ो पर या स्कैल्प पर लगाएं.

स्किन पर नमी बनाएं रखने के खास उपाय

इसके अतिरिक्त स्किन को क्लीन करते हुए स्किन को हाइड्रेट रखना और नमी बना कर चलना बहुत ज़रूरी है , आप स्क्रब्स या सोपी फेस वाश का इस्तेमाल ना करते हुए घर पर बने फेस पैक लगाएं और उसे ही ड्राई हनी पर हल्के हाथो से दूध लगाते हुए उतारें , आप इसमें स्क्रबिंग का इफ़ेक्ट डालते हुए पपीते के बीज, शीआ सीड्स मिक्स करते हुए स्क्रब बना सकते हैं और स्किन पर अप्लाई कर सकते हैं , साथ ही कच्चे दूध में नींबू का रस डाले , इसे अपनी स्किन पर हल्के से लगाएं. नींबू, दूध और नारियल का दूध प्राकृतिक ब्लीच के रूप में काम करते हैं और स्किन से रंग हटाने के लिए सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प हैं. आप अरोमाथेरपी की भी मदद ले सकते हैं और जोजोबा तेल का 1 बड़ा स्पून या लैवेंडर और फिर  चमेली के तेल की 2 बूंदों के साथ मिला कर इसका इस्तेमाल कर सकते है , यह करने से होली के दौरान भी आपकी स्किन की नमी बरकरार रहेगी और सन -बर्न- आदि स्किन की परेशानियों से आप बचे रहेंगे साथ ही यह नेचुरल पैक्स आपकी स्किन की  नमी आदि  के स्तर को बनाये रखेंगे.

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स्किन की पूरी सुरक्षा इस तरह

अब स्किन को फूलप्रूफ प्रोटेक्ट करने के साथ ही आप थोड़ा आराम कर सकते हैं और फिर एक अच्छे सैलून और स्पा में जाकर अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए  नेचुरल मैनीक्योर, पेडीक्योर, हेयर स्पा और लिम्फेटिक ड्रेनेज मसाज के लिए जा सकते हैं ,  जो न केवल आपको आराम देगी , बल्कि detoxify भी करेगी . आप एक फुल-बॉडी स्पा का विकल्प भी चुन सकते हैं, खासकर चॉकलेट स्पा आपके लिए सबसे अच्छा हो सकता है, और आहार के लिए  आप फलों और रसों को अपनी डाइट में अच्छी मात्रा में शामिल करें.

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