नए साल का दांव भाग-3

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काफी बहस हुई पर सुधीर ने दोनों की बोलती बंद कर दी और वार्निंग दे कर चला गया. अमायरा ने अपने फ्लैट की बालकनी से अपने बेटे को स्कूल जाते हुए बाय करते समय सुधीर को आते देख लिया था सो मोहना के फ्लैट के पास खड़े हो कर पूरी बात सुन कर अपने घर चली गई थी.

खुशी के मारे उस की आवाज वंदिता को फोन पर बताते हुए कांप गई, ‘‘बस,

अब तो यह यहां से चली जाएगी… एक मुश्किल तो, खत्म हुई.’’

वंदिता ने शांत स्वर में कहा, ‘‘यह तो तुम लोगों ने बहुत अच्छा किया पर अब कपिल पर मु झे कभी विश्वास नहीं होगा. अब मेरे दिल में उस के लिए कोई जगह नहीं… यह चली जाएगी कोई और आ जाएगी. यही होता रहा है. खैर, थैंक्स यार.’’

उस दिन जब चारों जिम में मिलीं तो सब खुश थीं. वंदिता हंसी, ‘‘तो अमायरा ने मोहना को भगा ही दिया.’’

शिनी ने कहा, ‘‘अब तुम से पार्टी चाहिए.’’

वंदिता जोर से हंसी, ‘‘शर्म करो तुम लोग. इस बात की पार्टी कौन मागता है?’’

‘‘अरे, हम आज की मौडर्न फ्रैंड्स हैं.झ्र ऐसी बातों से निबटेंगे, तो पार्टी तो बनती ही है यार.’’

‘‘ठीक है, पहले इसे आने तो दो.’’

‘‘ठीक है.’’

कपिल 1 हफ्ते के लिए टूर पर था. अब जब तक कुछ बहुत ही जरूरी न हो, उस की और वंदिता की बात ही नहीं होती थी. इस बार जब कपिल टूर से आया तो उस का मूड बहुत ही खराब था. वंदिता ने अंदाजा लगा लिया कि उसे मोहना के फ्लैट खाली करने की टैशन है. कपिल औफिस न गया. बस बैड पर था. कोई काम नहीं कर रहा था. लगातार चैट कर रहा था… मोहना से फोन पर धीरेधीरे बातें कर रहा था. वंदिता प्रत्क्षत: अपने रोज के कामों में व्यस्त थी… ट्यूशन पढ़ा रही थी पर उस की नजरें लगातार कपिल की हरकतों पर थीं. इस आदमी ने उसे बहुत मानसिक कष्ट दिया था. फिर भी उस ने बहुत धैर्य बनाए रख था.

15 दिनों में मोहना ने फ्लैट खाली कर दिया. उस की मेड से ही अमायरा को पता चला कि अब उस ने काफी दूर एक छोटी सी सोसाइटी में एक छोटा सस्ता फ्लैट किराए पर लिया. जिस दिन मोहना का सामान गया, कपिल बैड से उठा ही नहीं. वंदिता ने भी कुछ नहीं पूछा.

चारों सहेलियां मिलीं तो वंदिता ने कहा, ‘‘थैंक्स दोस्तो, तुम लोग सच में मेरी दोस्त हैं.’’

सिम्मी ने कहा, ‘‘पार्टी कब दे रही है?’’

‘‘चलो, अब हम लोग न्यू ईयर पर 2 रातों के लिए माथेरान चलते हैं. आनाजाना, होटल, खानापीना सब मेरी तरफ से. न्यू ईयर पर वहीं धमाल कर के आते हैं. एक चेंज की मु झे सख्त जरूरत है.’’

सब चौंक पड़ी, ‘‘सच?’’

‘‘और क्या, तुम लोग अपनी फैमिली से न्यू ईयर पर छुट्टी ले लो.’’

‘‘हां यार, अब बच्चे बड़े हैं… हमारे हस्बैंड तो जानते ही हैं तुम किस दौर से गुजरी हो.

तुम्हारे साथ न्यू ईयर की ऐसी शुरुआत करने से हमें कोई नहीं रोकेगा पर कपिल का क्या होगा?’’

‘‘उसे माशूका के जाने का दुख मनाने दो. संजय गोवा और साक्षी महाबालेश्वर

जा रही हैं. वे भी न्यू ईयर पर फ्रैंड्स के ही साथ हैं. उन्हें पूरी बात बताई तो वे बहुत खुश हुए.

असल में तुम लोगों के साथ मेरा यह ट्रिप वे दोनों ही स्पौंसर कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि मैं तुम लोगों के साथ ऐंजौय कर के जाऊं.’’

‘‘वाह, क्या बात है. मतलब आशिक साहब अकेले रहेंगे. वह है ही इसी लायक.’’

वंदिता बच्चों के साथ अब खूब खुश रहती. कपिल सूजा मुंह ले कर घूमता. वंदिता नाश्ता, खाना चुपचाप टेबल पर रख देती. वह खा कर चला जाता. रात को फिर ऐसे ही खा कर टीवी देखने बैठ जाता.

कभीकभी रात देर से लौटता. वंदिता अंदाजा लगाती मोहना से मिलने गया होगा. पर कपिल अब परेशान था. उस ने मोहना के साथ बहुत रंगरलियां मनाई थीं. अब वह जिस फ्लैट में गई थी, वह वन बैडरूम ही था. यहां वाला टू बैडरूम था.

विनय के बाहर जाने पर यश को दूसरे रूम में सुला कर रातभर मस्ती की जाती थी. अब इस फ्लैट में जगह बहुत कम थी. फ्लोर पर भी प्राइवेसी नहीं थी. मोहना चिढ़ीचिढ़ी रहने लगी थी. वह नाराज भी थी कि कपिल ने ही उस का किराया क्यों नहीं भर दिया था. कपिल उस पर खर्च तो खूब करता था पर किराए की रकम हर महीने क्व32 हजार देना आसाना नहीं था.

मोहना कपिल से अब बहुत कम मिलने लगी थी. यहां से जाने के बाद दोनों के रिश्ते में ठंडापन भर रहा था जो कपिल को बरदाश्त नहीं हो रहा था. इधर वंदिता का केयर फ्री अंदाज उसे और चिढ़ा रहा था. 31 दिसंबर को वंदिता को बैग पैक करते देख कपिल बुरी तरह चौंका, ‘‘कहां जा रही हो?’’

‘‘माथेरान.’’

‘‘क्या?’’ करंट सा लगा कपिल को, ‘‘क्यों? किस के साथ?’’

‘‘तुम भी तो जा रहे न, पर चिंता मत करो, मैं तुम्हें वहां डिस्टर्ब नहीं करूंगी और न ही पूछूंगी किस के साथ जा रहे हो? हां, मैं तुम्हें बता सकती हूं कि मैं किस के साथ जा रही हूं… अपनी सहेलियों के साथ जा रही हूं.’’

कपिल का चेहरा देखने लायक था. कुछ बोल ही नहीं पाया. तभी संजय और साक्षी भी अपनाअपना बैग ले कर आ गए. वंदिता को गले लगा कर खूब प्यार किया और कहा, ‘‘मम्मी, खूब ऐंजौय करना. हम टच में तो रहेंगे ही,’’ और फिर तीनों घूमने निकल गए.

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संजय ने चारों सहेलियों के लिए अच्छे होटल में 2 रूम बुक करवा दिए थे. चारों ने जीभर कर ऐंजौय किया. न्यू ईयर की रात

होटल में ही खूब मस्ती की. होटल के खुले गार्डन में म्यूजिक, डांस का आयोजन था. सब ने खूब डांस किया. शानदार खाने का लुत्फ उठाया. कपिल की 2 मिस्ड कौल्स देख चारों खूब हंसीं. वंदिता ने कपिल को वापस फोन नहीं किया.

संजय, साक्षी और वंदिता अपनेअपने फ्रैंड्स के साथ न्यू ईयर का टाइम ऐंजौय कर के जब वापस घर आए तो कपिल बुरी तरह खी झता हुआ टीवी देख रहा था. वे तीनों दूसरे कमरे में नए साल पर कई गई मस्ती शेयर कर रहे थे. उन के खिलखिलाने की आवाजों से कपिल के कान जैसे फट रहे थे. जब तक की अपनी हरकतें वह भी जानता था, कुछ कहने का मुंह था ही नहीं. पैर पटकते हुए उन लोगों के कमरे का दरवाजा बंद कर आया ताकि उन सब के हंसने की आवाजें उसे सुनाई न दें.

कहां कपिल मोहना के साथ न्यू ईयर पर माथेरान जा कर जश्न मनाने वाला था,

पर अकेला खी झता,  झुं झलाता घर में बैठा रह गया था. अकेला होने पर उस ने मोहना को घर आने के लिए बहुत कहा, पर वह नहीं आई. उसे नया आशिक मिल चुका था. कपिल उसे किसी और पुरुष के साथ 1-2 जगह देख चुका था. मोहना ने बहुत जल्दी उसे भुला दिया. अब वह घर में अपनी बिगड़ी स्थिति कैसे संभाले, इसी उधेड़बुन में बेचैन था. वंदिता नए साल के इस दांव से बहुत खुश, उत्साहित हो कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए एकदम तैयार थी.

‘‘नितिन ने उसे सब बता दिया कि मोहना का

सोसाइटी के ही किसी पुरुष से संबंध हैं और वह

पुरुष रातदिन खूब आताजाता है…’’

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