स्वस्थ रहें, खूबसूरत रहें

हर लड़की की इच्छा होती है कि लोग उस की खूबसूरती की तारीफ करें. वह जहां से गुजरे लोगों की निगाहें उस पर टिक जाएं. मगर खूबसूरती का अर्थ केवल बाहरी सुंदरता से नहीं लगाया जा सकता. आज के समय में खूबसूरती के साथ फिटनैस अनिवार्य है. वैसे भी आप अंदर से फिट और सेहतमंद होंगी तो खूबसूरत खुदबखुद दिखने लगेंगी. आप का शरीर सुडौल और शेप में होगा तो आप पर कोई भी ड्रैस खिलेगी.

शरीर स्वस्थ होगा तो चेहरे पर खुद ही चमक आ जाएगी, बाल घने और आंखें आकर्षक लगेंगी. सुंदरता और सेहत का एकदूसरे से बहुत गहरा संबंध होता है, इसलिए याद रखें कि खुद को सुंदर बनाने व फिट रखने का फार्मूला एक ही है जो यह है :

खाएं सेहतमंद भोजन तो खिल उठे तनमन

अच्छी सेहत और सही पोषण के लिए अच्छे खानपान व संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है. इस के लिए भारी भोजन लेने या ज्यादा खाने के बजाय सही चीजें लेनी जरूरी हैं. यदि आप ऐसा करती हैं तो हर तरह से मजबूत बनने के साथ आप की खूबसूरती भी बढ़ेगी. अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दूध, दही, सूप, जूस, दालें और दूसरी जरूरी चीजें शामिल करें. इस से त्वचा की ताजगी और शरीर की फिटनैस बनाए रखी जा सकती है. भोजन करना शरीर के पोषण के लिए जरूरी है मगर अधिक खाने की आदत सेहत व खूबसूरती को चौपट कर देती है. यह चरबी, बदसूरती तथा बीमारियों को निमंत्रण देती चली जाती है.

ये भी पढ़ें- कैसे और कब इस्तेमाल करें पल्स औक्सीमीटर    

जलन नहीं, प्यार रखें मन में

हर इंसान के अंदर कुछ खास गुण होते हैं. उन का सही उपयोग किया जाए तो हमें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. इसी तरह कुदरत ने सभी को अलगअलग रंगरूप, आकार और सौंदर्य दिया है. कई बार दूसरों की खूबसूरती या सफलता देख कर हम जल उठते हैं. हमें ईर्ष्या होने लगती है. याद रखिए, ईर्ष्या करने से कुछ हासिल नहीं होता बल्कि शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसलिए हमेशा अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाए रखें. मन में दूसरों के लिए प्यार रखें. जो आप के पास है उसे बेहतर करने का प्रयास करते रहें. इस से मन खुश रहेगा और आप का आकर्षण भी बरकरार रहेगा.

गुस्सा पास न फटके

याद रखें, क्रोध की आग दूसरों से ज्यादा खुद आप को जलाती है. किसी को देख कर मुंह बनाने, त्योरियां चढ़ाने या चीखनेचिल्लाने से चेहरे की त्वचा में खिंचाव आता है. जिस से असमय ही त्वचा  झुर्रियों की शिकार हो जाती है. आप की स्वाभाविक खूबसूरती गायब होने लगती है. सौंदर्य के साथ ही क्रोध स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है. इस से मानसिक तनाव पैदा होता है और नींद तक गायब हो जाती है. इन सब का असर भी आप की खूबसूरती पर पड़ता है. इसलिए स्वस्थ व सुंदर रहना है तो गुस्सा अपने पास न फटकने दें.

हर हाल में रहें खुश

हर कोई हंसता हुआ चेहरा पसंद करता है. चेहरे पर हंसीखुशी और प्रेम का भाव रखने से चेहरे की रंगत, आंखों की चमक, गालों की लालिमा और दिल की धड़कन बढ़ जाती है. बढ़ा हुआ रक्तसंचार एक सामान्य चेहरे पर भी अलग सी रौनक बिखेर देता है. इसलिए हर हाल में खुश रहने की आदत डालें. इस से आप का दिल भी तंदुरुस्त रहेगा और जीवन में नई खुशियां आने की संभावना भी बढ़ जाएगी.

बी पौजिटिव

जिंदगी में कभी भी किसी चीज को ले कर चिंता नहीं करनी चाहिए. चिंता दीमक की तरह आप को खोखला कर देती है. चिंता करने से आप अपनी सेहत और सौंदर्य दोनों को बरबाद करती हैं. कहा भी गया है, चिंता चिता से बढ़ कर है. हर किसी के जीवन में परेशानियां आती हैं. लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप उन परिस्थितियों में खुद को और हालात को कैसे संभालती हैं. हर स्थिति से लड़ें और हौसला रखें, लेकिन चिंता बिलकुल न करें. हमेशा सकारात्मक सोच रखें.

ऐक्सरसाइज

ऐक्सरसाइज कर के आप सेहत और खूबसूरती दोनों बढ़ा सकती हैं. अगर आप रोज सुबह और शाम ब्रिस्क वाक यानी तेज कदमों वाली चाल से चलती हैं तो इस का असर सीधा चेहरे के निखार पर दिखता है. जब हम तेज कदमों से चलते हैं तो दिल तेजी से काम करता है. रक्तसंचार बेहतर होता है जिस से खून शुद्ध होता है. इस से दिल को ज्यादा मात्रा में औक्सीजन मिलती है और यही प्रक्रिया त्वचा में चमक पैदा करती है.

ये भी पढ़ें- ब्लडग्रुप डाइट अपनाएं और वजन घटाएं

इसी तरह ऐक्सरसाइज के दौरान दौड़ने से दिमाग को खुश करने वाले कैमिकल्स, जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन का स्तर बढ़ता है. इस से चेहरे व आंखों में स्वाभाविक चमक आती है. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता मानते हैं कि तनाव में रहने वाली महिलाओं, जो सप्ताह में 3 दिन भी 45 मिनट की ऐक्सरसाइज कर लेती हैं, में उम्र का असर कम दिखता है. जबकि तनाव में रहने वाली अन्य महिलाओं में बढ़ती उम्र के लक्षण जल्दी नजर आने लगते हैं.

रोज थोड़ी देर व्यायाम करने से सिर की त्वचा में भी खून का संचार तेज होता है. बेहतर रक्त संचार से बाल जड़ों से मजबूत और सुंदर होते हैं. ऐक्सरसाइज करने से पसीना निकलता है. पसीना आप के शरीर से गंदगी बाहर निकाल फेंकता है, जिस से त्वचा फ्रैश हो जाती है.

आत्मविश्वास

खुद पर विश्वास रखने वाला व्यक्ति सदैव प्रसन्न एवं स्वस्थ होता है. अपने आत्मविश्वास को कभी भी कम न होने दें. आत्मविश्वास से चेहरे पर सदा मुसकान और चमक बनी रहती है जिस से आप प्राकृतिक रूप से खूबसूरत लगती हैं. दुनिया की सारी चिंताएं और समस्याएं व्यक्ति के आत्मविश्वास के सामने घुटने टेकने को मजबूर हो जाती हैं.

फ्रैंड्स का साथ

दोस्तों और भाईबहनों का मस्तीभरा साथ इंसान को अंदर से खुश रखता है. और यह खुशी उस की सेहत व सुंदरता के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है. खुलेदिल से हंसना, खिलखिलाना, दिल की बातें शेयर करना और हर गम को बांट लेना यह सब इंसान अपने दोस्तों व हमउम्र वालों के साथ ही कर सकता है. इन का साथ पा कर न सिर्फ आप रिफ्रैश महसूस करती हैं बल्कि फैशन, ब्यूटी और टैक्नोलौजी के मामले में भी अपडेटेड रहती हैं.

जल्दी उठने और जल्दी सोने की आदत डालें

आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में हम दिन के साथसाथ देररात तक व्यस्त रहते हैं. रात में देर से सोते हैं और सुबह नींद नहीं खुलती. औफिस या कालेज जाना हो तो सुबह नींद पूरी हुए बिना ही उठ कर भागते हैं. इस से हमारी नींद पूरी नहीं होती है. इस का बुरा असर हमारी सेहत पर पड़ता है. मानसिक क्षमता तो प्रभावित होती ही है, साथ ही आंखों के नीचे कालापन भी बढ़ने लगता है. चेहरे की रौनक खोने लगती है. इसलिए अगर आप स्वस्थ, चुस्तदुरुस्त और खूबसूरत रहना चाहती हैं तो सुबह बिस्तर जल्दी छोड़ें और रात में जल्दी सोएं.

ये भी पढ़ें- PCOS: न करें अनदेखी

मुझे स्मोकिंग की आदत है, क्या मैं आईवीएफ की मदद से मां बन सकती हूं?

सवाल-

मेरी उम्र 30 साल है. मेरी शादी को 6 साल हो चुके हैं, लेकिन मैं कंसीव नहीं कर पारही हूं. मुझे स्मोकिंग की भी आदत है. क्या मैं आईवीएफ तकनीक  की मदद से मां बन सकती हूं?

जवाब-

आप को कंसीव करना है तो स्मोकिंग को पूरीतरह छोड़ना होगा. यदि आप के पति भी स्मोकिंग करते हैं तो उन्हें भी इस आदत को छोड़ने को कहें.आप की उम्र भी अधिक है, इसलिए जल्दी गर्भधारण करना जरूरी है. इस के लिए आप आईवीएफ की मदद ले सकती हैं. यह आप के लिए बिलकुल सुरक्षित तकनीक है.

ये भी पढ़ें- 

डौ. अर्चना धवन बजाज बांझपन उपचार और आईवीएफ के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं. चिकित्सा के क्षेत्र में एमबीबीएस, डीजीओ, डीएनबी और एमएनएएस की डिग्रियां हासिल करने के बाद उन्होंने यूके स्थित नॉटिंघम विश्वविद्यालय से मेडिकल रिप्रोडक्टिव टेक्नोलौजी में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की है. वे हैचिंग, वीर्य भू्रण के संरक्षण, ओवरियन कौर्टिकल पैच, क्लीवेज स्टेज भ्रूण पर ब्लास्टमोर बायोप्सी और ब्लास्टक्रिस्ट की अग्रणी विशेषज्ञ हैं. दिल्ली में नर्चर आईवी क्लिनिक की निदेशक के तौर पर काम करते हुए डौ. बजाज ने स्त्रीरोग विशेषज्ञ, एक परामर्शदाता, प्रसूति विशेषज्ञ और फर्टिलिटी एंड आईवीएफ विशेषज्ञ के तौर पर विशेष ख्याति पायी है.

पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें- पैंसठ की उम्र में भी मां बनना संभव

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें