ड्राय स्किन की प्रौब्लम से कैसे छुटकारा पाएं?

सवाल-

मेरी स्किन बहुत जल्दी ड्राई हो जाती है और सौफ्ट भी नहीं रह पाती. क्या मुझे ज्यादा क्रीम अप्लाई करने की जरूरत है?

जवाब-

क्रीम के कम या ज्यादा इस्तेमाल से स्किन रूखी हो जाती है, यह बिलकुल गलत है. क्रीम की वजह से नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार स्किन के भीतर खून का संचरण धीरे होने लगता है, जिस से शरीर का तापमान कम हो जाता है. शरीर का तापमान कम होने की वजह से शरीर से सीवम कम उत्पन्न होता है. यह सीवम तेलग्रंथियों से निकलता है, जो स्किन को मुलायम और चमकदार बनाने में सहायक होता है.

सर्दियों में सब से अधिक स्किन खराब होने लगती है. सर्दियों में हमारी स्किन की पहली परत पर असर पड़ता है. इस से हमारी स्किन की ऐपिडर्मिस में सिकुड़न आने लगती है, जिस के कारण स्किन में मौजूद कोशिकाएं टूटने लगती हैं. साथ ही सर्दियों में शरीर का तापमान कम होने लगता है, जिस के कारण सीवम गाढ़ा हो जाता है और वह स्किन की बाहरी परत पर नहीं आ पाता और स्किन सख्त हो जाती है. इसलिए आप को जरूरत है स्किन के अंदर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने की जो नियमित फेशियल और मालिश से बढ़ाया जा सकता है.

सवाल-

मैं ऐंटीएजिंग क्रीम यूज करती हूं, लेकिन उस के यूज करने के बाद स्किन अधिक ड्राई हो गई है. क्या स्किन ड्राई होने का कोईर् और भी कारण हो सकता है?

जवाब

स्किन ड्राई होने के कई कारण हैं, जिन में साबुन का अधिक इस्तेमाल करने, शरीर में पानी और फ्लूइड की कमी होने, स्किन को बहुत ज्यादा रगड़ने, बारबार धोने और स्क्रब करने से भी स्किन का मौइस्चर खत्म हो जाता है और स्किन रूखी हो जाती है. आप जिस ऐंटीएजिंग क्रीम को यूज कर रही हैं हो सकता है उस में रेटिनोल जैसे तत्त्व का उपयोग किया गया हो. क्रीम हमेशा बैंडेड ही यूज करें.

सवाल-

मेरे हाथों की स्किन बेजान और ड्राई दिखने लगी है. हमेशा हाथों को मुलायम बनाए रखने के खास टिप्स बताएं?

जवाब-

हाथों को सुंदर बनाए रखने के लिए स्क्रब करना बेहद जरूरी होता है. हाथों को स्क्रब करने से त्वचा से मृत कोशिकाएं हट जाती हैं और हाथ सुंदर दिखने लगते हैं. इस के बाद हाथों पर मौइश्चराइजर लगाना जरूरी होता है. इस से त्वचा पर मौइस्चर बना रहता है.

हाथों के लिए स्क्रब बनाने के लिए 1 मुट्ठी बादाम पीस कर पाउडर बना लें. उस में आधा छोटा चम्मच शहद डाल कर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट से हाथों को स्क्रब करें. चीनी, नमक और नारियल तेल से बना स्क्रब भी यूज कर सकती हैं.

इस स्क्रब को बनाने के लिए 1 चम्मच नारियल तेल और

1 चम्मच शहद को अच्छी तरह मिला लें. अब इस में एकचौथाई कप नमक और चीनी मिलाएं. अब इस में थोड़ा सा नीबू का रस मिला कर 30 सैकंड तक ब्लैंड करें. इस से हाथों पर स्क्रब करने से मृत कोशिकाएं हट जाती है.

मैं 5 फुट 3 इंच लंबी हूं और वजन 85 किलोग्राम है. मुझे किस तरह का डै्रसिंग स्टाइल अपनाना चाहिए ताकि मैं स्लिम दिखूं?

आप डार्क कलर के कपड़े पहनें. अगर आप को ब्लैक कलर पसंद है तो इस कलर की ड्रैस अपने वार्डरोब में जरूर रखें. पार्टी में जाना है और आप स्लिम दिखना चाहती हैं तो एक बार स्ट्राइप्स

ड्रैस जरूर ट्राई करें. यह हमेशा फैशन में रहती है और पतला दिखाती है. आप हाई वेस्ट जींस, पैंट, स्कर्ट कुछ भी ट्राई कर सकती हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

आईब्रोज से दें चेहरे को नया लुक

चेहरे को आकर्षक बनाने में आईब्रोज की मुख्य भूमिका होती है. अगर आईब्रोज की सही तरीके से ग्रूमिंग न हो या उन का शेप सही न हो, तो चेहरे की सुंदरता कम हो जाती है.

वैसे हर इनसान की आईब्रोज आमतौर पर उस के चेहरे की बनावट के अनुसार होती हैं. जैसे किसी की मोटी तो किसी की पतली आईब्रोज की शेप ठीक कराने के लिए अधिकतर महिलाएं पार्लर जाती हैं. पर वहां सही शेप न बनने पर सिर्फ चेहरा ही नहीं चेहरे के भाव भी बदल जाते हैं, इसलिए हमेशा अच्छे ब्यूटीपार्लर में ही जा कर आईब्रोज की ग्रूमिंग करानी चाहिए.

इस के बारे में ओरिफ्लेम की ब्यूटी ऐंड मेकअप ऐक्सपर्ट आकृति कोचर बताती हैं कि कोई भी मेकअप ट्रैंड फिल्मों से आता है. पहले हीरोइनें पतली आईब्रोज रखा करती थीं, इसलिए उस का ट्रैंड चला. अभी बुशी आईब्रोज का फैशन पिछले कुछ सालों से चल रहा है. मेकअप में आईब्रोज का सही आकार आप की उम्र को 5 साल तक कम कर सकता है और आईब्रोज को वैसे तो आर्क शेप में होनी चाहिए पर वह शेप भी हर महिला के चेहरे के अनुसार अलगअलग रखा जाता है. जैसे अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन का चेहरा बहुत शार्प है, इसलिए उन पर पारंपरिक हाई आईब्रोज वाला आर्क शेप अच्छा लगता है, तो अभिनेत्री काजोल की आईब्रोज जुड़ी हुई हैं पर वे उन की आंखों की खूबसूरती बढ़ाती हैं. कुल मिला कर बात यही है कि चेहरे के अनुरूप सही तरीके से ग्रूमिंग की गई आईब्रोज हर किसी के फीचर को उभारती हैं और नया लुक देती हैं. फिर चाहे वे रानी मुखर्जी हों, कैटरीना या दीपिका. सब की आईब्रोज उन के चेहरे को सुंदर बनाती हैं.

आइए जानते हैं कि किस चेहरे पर कैसी आईब्रोज फबती हैं:

– ओवल चेहरे पर उभरी हुई आईब्रोज अच्छी लगती हैं. बौलीवुड अभिनेत्रियां आमतौर पर इसी तरह की आईब्रोज बनवाती हैं. ऐसी आईब्रोज का अंतिम हिस्सा कान की तरफ नीचे मुड़ना चाहिए.

– गोल चेहरा हो तो ऊंची आईब्रोज बनवाएं. बीच में ज्यादा उभार हो.

– वर्गाकार चेहरे पर भी आईब्रोज ऊंची रखनी चाहिए और उन का ऐंगल शार्प होना चाहिए.

– चौकोर चेहरे पर आईब्रोज चौड़ी रखें. इस के अलावा हलकी गोलाई ऐसे चेहरे पर अच्छी लगती है.

– हार्ट शेप चेहरा होने पर राउंड शेप में आईब्रोज बनवाएं. कर्व बेहद हलका दें. इस से चेहरे की खूबसूरती बढ़ेगी.

– आईब्रोज को अधिक नुकीला न बनवाएं. आईब्रोज हमेशा आंखों से थोड़ी लंबी होनी चाहिए. अगर नाक बड़ी और चौड़ी है, तो दोनों आईब्रोज के बीच अधिक दूरी नहीं रखनी चाहिए. दोनों आईब्रोज के बीच की दूरी दोनों आंखों के बीच की दूरी के बराबर होनी चाहिए.

– सही आईब्रोज से चेहरे पर चमक आती है. 30 से 40 साल तक की उम्र में आईब्रोज अच्छी रहती हैं, लेकिन 50-60 की उम्र में त्वचा ढीली हो जाती है तो आईब्रोज कम होने लगती हैं. ऐसे में ब्लैक या डार्क ब्राउन आईशैडो या आईब्रो पैंसिल का प्रयोग करना चाहिए.

आकृति आगे बताती हैं कि आईब्रो पैंसिल के स्ट्रोक, आईब्रोज के हेयर के हिसाब से धीरेधीरे करने चाहिए. सैंटर से हेयर ग्रो की तरफ हलके हाथों से ताकि आप का लुक नैचुरल लगे.

कई बार आईब्रोज कम होने पर महिलाएं अधिक चिंतित होती हैं तो आर्टिफिशियल आईब्रोज लगवाने के लिए कौस्मैटिक सर्जन के पास जाती हैं. ऐसा करें, लेकिन अच्छे कौस्मैटिक सर्जन से ही आईब्रोज लगवाएं. इस के अलावा आईब्रोज पर टैटू भी किया जाता है, जो परमानैंट होता है. टैटू के द्वारा इस में कलर भर दिया जाता है, जो खराब नहीं होता. इस से अलग एक बात यह है कि कैस्टर औयल लगाने से आइब्रोज अच्छी निकलती हैं.

न करें ये गलतियां

कुछ कौमन गलतियां जो महिलाएं अकसर करती हैं, निम्न हैं:

सही रंग की आईब्रोज न बनाना. आईब्रोज हेयर कलर के अनुरूप होनी चाहिए. अधिक गाढ़ा या हलका रंग ठीक नहीं होता.

नैचुरल आर्क को बनाए न रखना.

सही तरह से आईब्रो पैंसिल का प्रयोग न करना.

आईब्रोज अधिक पतली कर लेना.

दोनों आईब्रोज को समान रूप से न बनाना

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डार्क सर्कल की प्रौब्लम का इलाज बताएं?

सवाल-

मैं 32 वर्षीय महिला हूं. मेरी आंखों के इर्दगिर्द गहरे काले घेरे हैं. मेरी बड़ी बहन और मां को भी यह परेशानी है. ये घेरे किस कारण बनते हैं और इन से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है?

जवाब-

आंखों के आसपास की त्वचा का रंग मूलरूप से त्वचा को रंग प्रदान करने वाली मिलेनोसाइट्स कोशिकाओं के ऊपर निर्भर करता है. मिलेनोसाइट के कम रंगद्रव्य बनाने पर त्वचा का रंग साफ रहता है और अधिक सक्रिय होने पर गहरा हो जाता है. यह गुण कुछ हद तक आनुवंशिक होता है, जिस पर किसी का वश नहीं चलता. लेकिन शरीर में खून की कमी हो जाए या कोई पूरी नींद न ले पाए तब भी आंखों के इर्दगिर्द काले घेरे बन जाते हैं. इस के अलावा जिन लोगों में नेत्र कोठर की गहराई अधिक होती है, उन में भी यह दोष दिखाई दे सकता है. इन घेरों को हलका करने के लिए आप कुछ छोटेछोटे उपाय आजमा सकती हैं. पहली बात तो धूप में कम से कम निकलें ताकि मिलेनोसाइट्स कम से कम सक्रिय हों. दूसरी यह कि चेहरे पर हाईड्रोक्वीनोन क्रीम और विटामिन ई युक्त क्रीम लगाएं. इन से भी त्वचा के रंग में सुधार दिखेगा. तीसरी, यह कि रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें. धीरेधीरे त्वचा का रंग निखरता जाएगा.

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आंखो के नीचे काले घेरे की समस्या लगभग सभी के साथ होती है. जो बौडी में कई सारे न्यूट्रिशंस की कमी से होने वाली कमजोरी और तनाव की समस्या का संकेत देते हैं. लेकिन कई बार ये डार्क सर्किल उम्र बढ़ने, ड्राई स्किन, रात भर काम करने और सही तरीके से न सोने के कारण भी हो सकते हैं. आंखों के काले घेरे दूर करने के कुछ घरेलू उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर इनसे छुटकारा पाया जा सकता है.

1. बादाम का तेल

बादाम का तेल कई प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है, जो आंखों के आसपास की त्वचा को फायदा पहुंचाता है. बादाम के तेल के नियमित उपयोग से त्वचा का रंग हल्का पड़ जाता है, इसीलिए इसे आंखों के आसपास लगाने से डार्क सर्कल दूर हो जाते है. रात में इसे आंखों के नीचे थोड़ा सा लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें. मसाज करने के बाद ऐसे ही छोड़ दें. सुबह उठने के बाद मुंह धो लें.

सोने जाने से पहले आंखों के नीचे काले घेरों के ऊपर अलमन्ड औयल लगाकर हल्का-सा मसाज करें. रात भर लगा रहने दें. सुबह उठने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

2. खीरा

खीरा त्वचा की रंगत सुधारने में बहुत ही कारगर होता है. इसके साथ ही खीरा लगाने से त्वचा ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग नजर आती है. खीरे के पतले-पतले स्लाइस काटकर उसे रेफ्रिजरेटर में 30 मिनट के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें. फिर इसे डार्क सर्किल पर लगाकर कम से कम 10 मिनट तक रखें. सूखने के बाद इसे पानी से धो लें. दिन में तीन से चार बार इसका इस्तेमाल तकरीबन एक हफ्ते तक करें और फर्क देखें.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- इन 5 होममेड टिप्स से पाएं डार्क सर्कल से तुरंत छुटकारा

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Summer Special: स्किन के लिए हनी का इस्तेमाल होगा फायदेमंद

आजकल तेज गरमी और पौल्यूशन से सबसे ज्यादा नुकसान स्किन को होता है, जिसके लिए हम मार्केट से क्रीम खरीदते हैं, लेकिन वह लंबे समय तक के लिए ठीक नही करती. अगर स्किन की खूबसूरती लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए हम नेचुरल होममेड टिप्स का इस्तेमाल करें तो वह हमारी स्किन के लिए फायदेमंद होगा. इसीलिए आज हम आपको स्किन के लिए हनी के फायदें बताएंगे. जिससे आप मार्केट से लाएं हुए प्रोडक्ट की जगह होममेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करेंगे.

1. स्किन को शाइनी बनाएगा हनी

शहद और दूध में मौजूद एंटीऔक्‍सीडेंट शरीर के लिए बहुत अच्‍छा होता है. शहद और दूध से बना मास्‍क त्‍वचा पर लगाने से तुरंत चमक आ जाती है. ऑफिस में पूरा दिन काम करने के बाद इसके इस्‍तेमाल से आप फ्रेश दिखने लगते है. साथ ही नियमित रूप से शहद और दूध के मास्‍क से चेहरे की टैनिंग भी दूर होने लगती है. इसके अलावा विटामिन, मिनरल और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण यह रंगत को निखारने में भी मदद करता है.

2. झुर्रियों को दूर करें

अगर आपको उम्र बढ़ने की इस प्रौब्लम का सामना करना पड़ रहा हैं, और आप झुर्रियों को दूर करना चाहते हैं तो हनी और मिल्क से बना फेस पैक इस प्रौब्लम में आपकी मदद कर सकता है. इसके लिए दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर फेस पर लगा लें.

3. फटे लिप्स के लिए होम रेमेडी है हनी

अक्‍सर लोग को फटे होंठों की प्रौब्लम रहती हैं. फटे होंठों को नमी की जरूरत होती है. आप अपने होंठों को नमी देने के लिए इस मैजिकल पेस्ट का इस्‍तेमाल कर सकते हैं. टाइम से इसे लगाने पर आप जल्‍द ही फटे होंठों की प्रौब्लम से निजात पा सकते हैं.

4. बेहतर क्लिंजर है हनी

कच्चा दूध एक अच्छा क्लिंजर है. यह बात तो हम सभी जानते हैं, लेकिन कच्‍चे दूध में शहद को मिलाने से यह स्किन पर अच्छा असर करता है. इसके लिए कच्‍चे दूध में थोड़ा सा शहद मिलाकर कौटन की मदद से पेस्ट को फेस पर लगाकर पांच मिनट लगाने के बाद धो लें. नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी स्किन सौफ्ट और क्लीन होने लगेगी.

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क्या मेकअप से मुहांसों की प्रौब्लम होती है?

सवाल-

मैं 19 साल की युवती हूं. पिछले 2-3 सालों से मेरे चेहरे पर कभीकभी मुंहासे हो जाते हैं. नानी कहती हैं कि मुंहासे खून की अशुद्धि से होते हैं. क्या यह बात सच है? वे मुझे खानेपीने को ले कर भी टोकती रहती हैं. क्या आप यह स्पष्ट कर सकते हैं कि किन चीजों को खाने से मुंहासे होने का डर रहता है? वे मुझे चेहरे पर कौस्मैटिक्स लगाने से भी मना करती हैं. क्या सौंदर्यप्रसाधन सचमुच मुंहासों को बढ़ावा देते हैं?

जवाब-

कीलमुंहासे खून की अशुद्धि से नहीं, बल्कि त्वचा के भीतर छिपी सिबेशियस ग्रंथियों के फूलने से होते हैं. किशोर उम्र में जब शरीर में सैक्स हारमोन बनने शुरू होते हैं तो हारमोन की प्रेरणा से ही सिबेशियस ग्रंथियां बड़ी मात्रा में सीबम बनाने लगती हैं. उस समय अगर सिबेशियस ग्रंथि से सीबम की ठीक से निकासी नहीं होती है, तो यह ग्रंथि फूल जाती है और छोटीछोटी फुंसियों में बदल जाती है.

खानेपीने की बहुत सी चीजें मुंहासों को बिगाड़ने का अवगुण रखने के लिए बदनाम हैं. इन में तली हुई चीजें, चाटपकौड़ी और चौकलेट को सब से बुरा माना जाता है. पर इस सोच के पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है. हां, किसी एक चीज के साथ अगर मुंहासे बारबार बढ़ते नजर आएं, तो उस चीज से परहेज करें. जहां तक मुंहासों और सौंदर्यप्रसाधनों के बीच संबंध होने की बात है, तो यह किसी सीमा तक सच है. त्वचा पर तैलीय सौंदर्यप्रसाधन, फाउंडेशन क्रीम, मौइश्चराइजिंग क्रीम, लोशन और तेल लगाने से रोमछिद्र बंद होने और मुंहासों के बढ़ने का पूरा रिस्क रहता है. अत: इन से परहेज बरतने में ही भलाई है. पर अगर आप कैलेमिन लोशन, पाउडर, ब्लशर, आईशैडो, आईलाइनर, मसकारा और लिपस्टिक लगाना चाहें, तो इन में कोई नुकसान नहीं.

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समर में स्किन डार्क होने से परेशान हूं, मैं क्या करुं?

सवाल-

कहते हैं चेहरे पर बाल अगर डार्क हों तो ब्लीच करानी चाहिए. मेरे चेहरे पर बाल बिलकुल नहीं हैं पर मुझे अपनी स्किन थोड़ी डार्क नजर आने लग गई है. तो क्या मैं ब्लीच करा सकती हूं?

जवाब-

डार्क स्किन हो या बाल दोनों को ब्लीच किया जा सकता है और दोनों का रंग हलका किया जा सकता है. अगर चेहरे पर बाल नहीं हैं तो ब्लीच करते वक्त थोड़ा ज्यादा ध्यान ध्यान देने की जरूरत होती है. ब्लीच बहुत सौफ्ट और लाइट होनी चाहिए. जल्द ही रंग में फर्क आ जाता है.

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सवाल-

मैं वर्किंग लेडी हूं और रोज सुबहशाम धूप का सामना करती हूं, जिस से मेरा रंग काफी डार्क होता जा रहा है. कोई घरेलू उपाय बताएं जिस से कि मैं अपना रंग साफ कर सकूं?

जवाब-

सब से पहले मैं सज्जैस्ट करूंगी कि घर से निकलने से पहले हमेशा सनस्क्रीन लगा कर ही निकलें. अगर आप धूप में बहुत ज्यादा देर रहती हैं तो 3 घंटे बाद सनस्क्रीन दोबारा भी लगाएं क्योंकि 30 या 40 एसपीएफ का सनस्क्रीन 3-4 घंटे काम करता है.

अगर आप ज्यादा देर धूप में रहें तो दोबारा सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी है. हो सके तो अंब्रेला का इस्तेमाल भी करें जो आप की स्किन को तो बचाएगा ही आप के बालों को भी सन के साइड इफैक्ट से बचाएगा. फेस की टैनिंग को खत्म करने के लिए गरमियों में ऐलोवेरा बहुत अच्छा काम करता है.

आप ऐलोवेरा का एक पत्ता ले लें. उस को धो कर नीचे से टेढ़ा काट कर 1/2 घंटे के लिए किसी गिलास में रख दें. उस में से पीले रंग का एक लिक्विड निकल जाएगा. उस के बाद उस को सैंटर से 1/2-1/2 कर के जैल को निकाल लें. इस जैल में कुछ बूंदें नीबू के रस की मिलाएं और कुछ ड्रौप्स शहद की मिला लें.

इस मिक्सर से फेस पर हर रोज रात को 2 मिनट मसाज करें और सुबह धो लें. ऐसा लगातार करने से सन टैनिंग का असर खत्म हो जाएगा और आप का रंग पहले जेसा गोरा हो जाएगा.

ये भी पढ़ें- चेहरे के रंग को गोरा करने के लिए क्या प्रौमिनैंट मेकअप सही है?

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गरमियों में भी एड़ियां फटने से परेशान हूं, मैं क्या करुं?

सवाल-

ज्यादातर देखा गया है कि सर्दियों में एडि़या फटती हैं, पर मेरी एडि़यां गरमियों में भी फटने लग जाती हैं. क्या करूं?

जवाब-

गरमियों में हम न तो पैरों की मसाज करती हैं न ही उन पर कोई क्रीम लगाती हैं. कुछ महिलाओं की स्किन बहुत ड्राई होने की वजह से गरमियों में क्रीम न लगाने की वजह से उन की एडि़यां फटने लग जाती हैं. गरमियों में पैर जल्दी गंदे भी हो जाते हैं क्योंकि शूज के बदले चप्पलें पहनी जाती हैं. ऐसे में पैरों के फटने के चांसेज और ज्यादा बढ़ जाते हैं.

आप हमेशा रात को पैरों को ठीक से धो कर हलकी सी क्रीम लगा कर थोड़ी सी मसाज कर के सोएं. इस से एडि़या नहीं फटेंगी. यदि फटी हुई हैं तो कुछ दिन लगातार गरम पानी में थोड़ा सा नीबू का रस, थोड़ी सी फिटकरी और शैंपू डाल कर पैरों को भिगोए. कुछ देर बाद निकाल कर स्क्रब कर लें. पैरों को साफ पानी से धो व पोंछ कर कोई क्रीम लगा कर अच्छी तरह मसाज करें. हो सके तो कौटन की सौक्स पहन कर रखें. ऐसा लगातार करने से फटी एडि़यां ठीक हो जाएंगी. अगर बहुत ज्यादा फट गई हैं तो वैसलीन लगा लें.

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बदलते मौसम में हम अपने चेहरे और हाथों की स्किन का तो खूब खयाल रखते हैं, लेकिन अकसर यह भूल जाते हैं कि हमारी पर्सनैलिटी में जितनी इंपौर्टैंस चेहरे और हाथों की खूबसूरती की है उतने ही अहम हमारे पैर भी हैं, जिन पर मौसम की मार सब से पहले पड़ती है, लेकिन हम उन्हीं को अपनी टेक केयर लिस्ट में सब से आखिर में रखते हैं. नतीजा यह होता है कि हमारी एडि़यां फट जाती हैं, पैर बेजान नजर आने लगते हैं.

आप अपने पैरों का खयाल कैसे रख सकती हैं और ऐसी कौन सी चीजें हैं, जो आप के पैरों में फिर से जान डाल देंगी, यही बताने के लिए हम यह लेख आप के लिए ले कर आए हैं.

एडि़या फटने के कारण

एडि़या फटने की सब से आम वजह है मौसम का बदलना, साथ ही मौसम के अनुरूप पैरों को सही तरीके से मौइस्चराइज न करना और जब मौसम शुष्क हो जाता है तो यह परेशानी और बढ़ जाती है.

देखा जाए तो अधिकतर महिलाएं फटी एडि़यों से परेशान होती हैं, क्योंकि काम करते समय अकसर उन के पैर धूलमिट्टी का ज्यादा सामना करते हैं इस के साथ ही इन कारणों की वजह से भी एडि़यां फटती हैं:

– लंबे समय तक खड़े रहना

– नंगे पैर चलना

– खुली एडि़यों वाले सैंडल पहनना

– गरम पानी में देर तक नहाना

– कैमिकल बेस्ड साबुन का  इस्तेमाल करना – सही नाप के जूते न पहनना.

बदलते मौसम के कारण वातावरण में नमी कम होना फटी एडि़यों की आम वजह है. साथ ही बढ़ती उम्र में भी एडि़यों का फटना आम बात है. ऐसे में कई बार एडि़यां दरारों के साथ रूखी हो जाती हैं. कई मामलों में उन दरारों से खून भी रिसना शुरू हो जाता है, जो काफी दर्दनाक होता है.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- जानें कैसे करें ठीक करें फटी एड़ियां

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समर में ब्लैकहैड्स और पिंपल्स से कैसे बचें?

सवाल-

गरमियां शुरू होते ही मेरे चेहरे पर ब्लैकहैड्स और पिंपल्स निकलने शुरू हो जाते हैं. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

गरमियों में स्किन ज्यादा औयल प्रोड्यूस करती है और उस के ऊपर धूलमिट्टी व गंदगी मिल कर ब्लैकहैड बन जाते हैं. अगर इन ब्लैकहैड्स को न निकाला जाए तो इन में इन्फैक्शन हो कर ये एक्ने में तबदील हो जाते हैं. सब से ज्यादा जरूरी है कि चेहरे को साफ रखा जाए. अगर एक्ने नहीं हैं सिर्फ ब्लैकहैड्स हैं तो फेस पर रोज स्क्रब करने से एक्ने होने के चांसेज कम हो जाते हैं और अगर ऐक्टिव एक्ने हो चुके हैं तो स्किन टोनर से फेस को साफ करती रहें.

नीम के पत्ते या पुदीने के पत्ते पीस कर हरे रंग का रस निकाल लें और उसे ऐक्टिव एक्ने पर दिन में

2 या 3 बार लगाएं. इस से एक्ने निकलने भी कम हो जाते हैं. ज्यादा मीठा खाने से बचें. जब भी आप खाएं आम खाएं, उस के साथ ठंडी लस्सी पीएं. गरमियों में आम खाने की वजह से भी एक्ने बढ़ जाते हैं. गरमियों में खूब पानी पीएं. नीबू पानी भी पीती रहें.

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बेदाग स्किन की चाह हर महिला रखती है. मगर यदि चेहरे पर एक भी पिंपल आ जाए तो सुंदरता में कमी आ जाती है. पिंपल्स दूर करने के लिए महिलाएं न जाने कितने प्रयास करती हैं पर रिजल्ट कोई खास नहीं निकलता. मगर अब आप को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आप को कुछ ऐसे होममेड फेस पैक की जानकारी दे रहे हैं, जो चेहरे पर दिखाई देने वाले दागों व जिद्दी पिंपल्स को जड़ से खत्म कर आप को देंगे चमकती-दमकती स्किन.

क्यों होते हैं मुंहासे

वैसे तो मुंहासों की समस्या तैलीय त्वचा पर ज्यादा होती है, लेकिन आजकल हरकोई मुंहासों से परेशान रहता है. इस का कारण है खराब लाइफस्टाइल, हारमोनल बदलाव और गलत व जल्दीजल्दी कौस्मैटिक प्रोडक्ट्स चेंज करना.

मुंहासे तब होते हैं जब स्किन के रोमछिद्रों में तेल व डैड स्किन इकट्ठी हो जाती है. यह मुंहासों का कारण बनती है. असल में सीबम औयल स्किन के रोमछिद्र में उत्पन्न होता है. सीबम खराब सैल्स को रोमछिद्र से बाहर लाने में मदद करता है, जिस से नए सैल्स बनते हैं. मगर कई बार हारमोंस की गड़बड़ी के कारण सीबम औयल ज्यादा मात्रा में बनने लगता है, जिस से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासे हो जाते हैं.

ऐक्नों से छुटकारा पाने वाले फेस पैक

1. ऐलोवेरा व नीबू का कौंबिनेशन

ऐलोवेरा में ऐंटीऔक्सीडैंट गुण होने के कारण यह डैमेज स्किन की रिपेयर करता है. विटामिन सी, ई और जिंक की मौजूदगी मुंहासों को खत्म करने के साथसाथ दागधब्बों को हटाने का भी काम करती है, जिस से स्किन क्लीयर व स्मूद नजर आती है.

ड्राय स्किन और स्किन प्रौब्लम से परेशान हो गई हूं, मैं क्या करुं?

सवाल-

मेरी त्वचा वैसे तो रूखी है पर जब भी मैं क्रीम लगाती हूं तो कुछ देर में रंग काला लगने लग जाता है. कालापन हटाने के लिए साबुन से धोती हूं तो रूखापन नजर आने लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब-

आप की त्वचा को नमी की आवश्यकता है तेल की नहीं. ऐसी त्वचा को डिहाइड्रेटेड स्किन कहते हैं जिस का सर्वोत्तम उपाय है आइओनिजेशन. इस ट्रीटमैंट में आप की त्वचा के भीतर गैलवेनिक मशीन के जरीए कुछ ऐसे मिनरल डाले जाते हैं जो त्वचा के अंदर पानी ठहराने में मदद करते हैं. यह ट्रीटमैंट आप किसी अच्छे कौस्मैटिक कौस्मैटिक क्लीनिक से करवा सकती हैं. ऐलोवेरा फेशियल भी करवा सकती हैं. दिन में 10-12 गिलास पानी जरूर पीएं और हमेशा क्रीम के बजाय किसी मौइस्चराइजर का इस्तेमाल करें.

सवाल-

ज्यादा धूप में जाने के कारण मेरी गरदन का रंग गहरा हो गया है. इसे कैसे ठीक करूं?

जवाब-

यदि गरदन का रंग गहरा हो गया है तो सब से पहले आप ब्लीच कर सकती हैं. पपीते की फांक से उस स्थान पर धीरेधीरे मसाज करें. इस से कालापन काफी हद तक दूर हो जाता है. नीबू को आधा काट लें. उस के अंदर चीनी के कुछ दाने डाल दें और गरदन पर हलके हाथों से रगड़ें. दें इस से स्किन गोरी भी होगी और मौइस्चराइज भी रहेगी. धूप में निकलने से पहले चेहरे व गर्दन पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं. ऐसा करने से आप की गरदन फिर चमक उठेगी.

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कई बार रूखी त्वचा की वजह से चेहरे पर ड्राई पैचेस होने लगते हैं जो अलग से ही चेहरे पर दिखने लगते हैं. ड्राई स्किन की वजह से मेकअप भी जल्दी सैट नहीं होता और चेहरे की खूबसूरती ढल जाती है.

रूखी त्वचा को ठीक करने के लिए महिलाएं तरहतरह के फेसमास्क का इस्तेमाल करती हैं, जिन का असर कुछ दिनों तक ही रहता है. लेकिन कुछ ऐसे नैचुरल फेसमास्क हैं जिन्हें आप आसानी से घर पर बना सकती हैं. इन फेसमास्क की मदद से त्वचा में लंबे समय तक नमी बनी रहती है.

एलोवेरा फेसमास्क

एलोवेरा में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो शरीर और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. इस में पाए जाने  वाले एंटीऔक्सीडैंट से चेहरे की कई समस्याएं दूर हो जाती हैं. एलोवेरा के इस्तेमाल से चेहरे में नमी आती है और जरूरी पोषण भी मिलता है.

एलोवेरा का फेसमास्क बनाने के लिए एलोवेरा जैल निकाल लें. इस में खीरे का जूस मिला लें. इस मास्क को आप फेस वाश करने के बाद चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें. इस से चेहरे का रूखापन तो दूर होगा ही, चेहरे पर ग्लो भी नजर आने लगेगा.

 एवोकाडो फेसमास्क

फलों का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है. फलों से सेहत तो अच्छी रहती ही है, चेहरे पर चमक भी बनी रहती है. एवोकाडो पोषक तत्त्वों से युक्त होता है जो त्वचा को स्वस्थ बनाने में फायदेमंद होता है.

Summer Special: पसीने की बदबू को कहें बायबाय

झुलसाती गरमी में स्किन और स्वास्थ्य संबंधी नईनई समस्याएं सिर उठाने लगती हैं. इन में बड़ी समस्या पसीना आने की होती है. सब से ज्यादा पसीना बांहों के नीचे यानी कांखों, तलवों और हथेलियों में आता है. हालांकि ज्यादातर लोगों को थोड़ा ही पसीना आता है, लेकिन कुछ को बहुत ज्यादा पसीना आता है. कुछ लोगों को गरमी के साथसाथ पसीने की ग्रंथियों के ओवर ऐक्टिव होने के चलते भी अधिक पसीना आता है जिसे हम हाइपरहाइड्रोसिस सिंड्रोम कहते हैं. बहुत ज्यादा पसीना आने की वजह से न सिर्फ शरीर में असहजता महसूस होती है, बल्कि पसीने की दुर्गंध भी बढ़ जाती है. इस से व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगा जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय हाइपरहाइड्रोसिस सोसाइटी के मुताबिक हमारे पूरे शरीर में 3 से 4 मिलियिन पसीने की ग्रंथियां होती हैं. इन में से अधिकतर एन्काइन ग्रंथियां होती हैं, जो सब से ज्यादा तलवों, हथेलियों, माथे, गालों और बांहों के निचले हिस्सों यानी कांखों में होती हैं. एन्काइन ग्रंथियां साफ और दुर्गंधरहित तरल छोड़ती हैं जिस से शरीर को वाष्पीकरण प्रक्रिया से ठंडक प्रदान करने में मदद मिलती है. अन्य प्रकार की पसीने की ग्रंथियों को ऐपोन्काइन कहते हैं. ये ग्रंथियां कांखों और जननांगों के आसपास होती हैं. ये गं्रथियां गाढ़ा तरल बनाती हैं. जब यह तरल स्किन की सतह पर जमे बैक्टीरिया के साथ मिलता है तब दुर्गंध उत्पन्न होती है.

पसीने और उस की दुर्गंध पर ऐसे पाएं काबू

साफसफाई का विशेष ध्यान रखें: पसीना अपनेआप में दुर्गंध की वजह नहीं है. शरीर से दुर्गंध आने की समस्या तब होती है जब यह पसीना बैक्टीरिया के साथ मिलता है. यही वजह है कि नहाने के तुरंत बाद पसीना आने से हमारे शरीर में कभी दुर्गंध नहीं आती. दुर्गंध आनी तब शुरू होती है जब बारबार पसीना आता है और सूखता रहता है. पसीने की वजह से स्किन गीली रहती है और ऐसे में उस पर बैक्टीरिया को पनपने का अनुकूल माहौल मिलता है. अगर आप स्किन को सूखा और साफ रखें तो पसीने के दुर्गंध की समस्या से काफी हद तक बच सकती हैं.

स्ट्रौंग डियोड्रैंट और ऐंटीपर्सपिरैंट का इस्तेमाल करें: हालांकि डियोड्रैंट पसीना आने से नहीं रोक सकता है, लेकिन यह शरीर से आने वाली दुर्गंध को रोकने में मददगार हो सकता है. स्ट्रौंग पर्सपिरैंट पसीने के छिद्रों को बंद कर सकते हैं, जिस से पसीनाकम आता है. जब आप के शरीर की इंद्रियों को यह महसूस हो जाता है कि पसीने के छिद्र बंद हैं तो वे अंदर से पसीना छोड़ना बंद कर देती हैं. ये ऐंटीपर्सपिरैंट अधिकतम 24 घंटे तक कारगर रहते हैं. अगर इन का इस्तेमाल करते समय इन पर लिखे निर्देशों का पालन न किया जाए तो ये स्किन के इरिटेशन की वजह भी बन सकते हैं. ऐसे में कोई भी ऐंटीपर्सपिरैंट इस्तेमाल करने से पहले डाक्टर की सलाह जरूर लें.

लोंटोफोरेसिस: यह तकनीक आमतौर पर उन लोगों पर इस्तेमाल की जाती है, जो हलके ऐंटीपर्सपिरैंट इस्तेमाल कर चुके होते हैं, लेकिन उन्हें इस से कोई फायदा नहीं होता है. इस तकनीक से आयनोटोफोरेसिस नामक मैडिकल डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है, जिस के माध्यम से पानी वाले किसी बरतन या ट्यूब में हलके इलैक्ट्रिक करंट डाले जाते हैं और फिर प्रभावित व्यक्ति को इस में हाथ डालने के लिए कहा जाता है. यह करंट स्किन की सतह के माध्यम से भी प्रवेश करता है. इस से पैरों और हाथों में पसीना आने की समस्या बेहद कम हो जाती है. लेकिन कांखों के नीचे अधिक पसीना आने की समस्या को ठीक करने के लिए यह तरीका उपयुक्त नहीं होता है.

मैसोबोटोक्स: बांहों के नीचे बेहद ज्यादा पसीना आना न सिर्फ दुर्गंध की वजह बनता है, बल्कि आप की ड्रैस भी खराब कर सकता है. इस के इलाज हेतु कांखों में प्यूरिफाइड बोटुलिनम टौक्सिन की मामूली डोज इंजैक्शन के माध्यम से दी जाती है, जिस से पसीने की नर्व्ज अस्थायी रूप से बंद हो जाती हैं. इस का असर 4 से 6 महीने तक रहता है. माथे और चेहरे पर जरूरत से ज्यादा पसीना आने की समस्या के उपचार हेतु मैसोबोटोक्स एक बेहतरीन समाधान साबित होता है, इस में पसीना आना कम करने के लिए डाइल्युटेड बोटोक्स को इंजेक्शन के जरीए स्किन  में लगाया जाता है. खानपान पर भी रखें ध्यान: खानपान की कुछ चीजों से भी पसीना अधिक आ सकता है. उदाहरण के तौर पर गरममसाले जैसेकि कालीमिर्च ज्यादा पसीना ला सकती है. इसी तरह से अलकोहल और कैफीन का अधिक इस्तेमाल पसीने के छिद्रों को ज्यादा खोल सकता हैं. इस के साथ ही प्याज के अधिक इस्तेमाल से पसीने की दुर्गंध बढ़ सकती है. गरमी के दिनों में इन चीजों के अधिक इस्तेमाल से बचें.

 –डा. इंदू बालानी डर्मैटोलौजिस्ट, दिल्ली

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