जानें क्या है रेनबो डायट

डॉ प्रियंका रोहतगी, मुख्य पोषण विशेषज्ञ, अपोलो हॉस्पिटल्स

‘रेनबो डाईट’ ऐसा आहार है जिसमें विभिन्न रंगों के खाद्य पदार्थ शामिल हों. इसके लिए आप अपने आहार में अलग-अलग रंगों के फल और सब्ज़ियां शामिल कर सकते हैं. आपकी थाली में ढेरों रंग न केवल खाने को आकर्षक बनाते हैं, बल्कि आपको सेहतमंद भी रखते हैं. हर किसी को अपने आहार में ज़्यादा फल और सब्ज़ियां शामिल करनी चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद पोषक तत्व आपको कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं.

ज़रूरी पोषक तत्व

कई फलों और सब्ज़ियों में विटामिन सी, कैरोटिनायड जैसे अवयव (जिनमें से कुछ अवयव शरीर में विटामिन ए में बदल जाते हैं), विटामिन के, राइबोफ्लेविन, फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. वास्तव में अमरूद और आंवला विटामिन सी के सस्ते और बेहतरीन स्रोत हैं. इसके अलावा शिमला मिर्च में थायामिन पाया जाता है, जो एक प्रकार का विटामिन बी है.

कुछ सब्ज़ियों जैसे आलू, शकरकंदी, टैपिओका और यैम (रतालू) तथा फल जैसे आम, केला और चीकू भरपूर उर्जा के स्रोत हैं. ज़्यादातर फलों और सब्ज़ियों में पानी एवं फाइबर की मात्रा अधिक तथा कैलोरीज़ की मात्रा कम होती हैं.

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ज़्यादातर हरी सब्ज़ियों जैसे साग पालक, पुदीना, ग्वारपाठा में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. हरी पत्तेदार सब्ज़ियों जैसे अगाथी, ऐमरंथ, ड्रमस्टिक और मेथी कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं. हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में पोटेशियम एवं मैग्निशियम की मात्रा अधिक तथा वसा एवं सोडियम की मात्रा कम होती है, ऐसे में ये दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं.

रेनबो डाईट यानि रंग बिरंगा आहार

1. लाल- भावनात्मक एवं शारीरिक उर्जा के लिए

लाल रंग के खाद्य पदार्थ आपके शरीर के लिए पावरहाउस का काम करते हैं. फलों और सब्ज़ियों में मौजूद लाल रंग कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रखता है जैसे तरबूज, चैरी, आलु बुखारा, स्ट्राबैरी आदि. फलों के अलावा सब्ज़ियों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मौजूद लाल रंग भी सेहतमंद है. लाल फल जैसे स्ट्राबैरी में फोलेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो दिल के सेहत के लिए फायदेमंद है. इसी तरह चैरी में मौजूद फाइबर आपकी त्वचा के लिए उपयोगी है और विटामिन सी कम रक्तचाप को नियन्त्रित रखने में मदद करता है. लाल मिर्च आपके खाने को तीखा बनाती है, हालांकि यह आपकी इम्युनिटी यानि बीमारियों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाती है.

2. परपल-सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए

परपल कलर वाले खाद्य पदार्थों में एंथोसायनिन बहुत अधिक मात्रा में होता है, जो कैंसर और दिल की बीमारियों से सुरक्षित रखता है. उदाहरण के लिए बैंगन में फोलिक एसिड और पोटैशियम भरपूर मत्रा में पाया जाता है जो दिल की मांसपेशियों और सर्कुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाता है. इसी तरह परपल पत्तागोभी, परपल गाजर, रेज़िन, ब्लैककरेंट इसी श्रेणी में आते हैं. अक्सर नीले, परपल और काले खाद्य पदार्थों को एक ही श्रेणी में रखा जाता है. परपल खाद्य पदार्थों में मौजूद एंथोसायनिन कैंसर और सूजन से बचाने के लिए जाना जाता है, यह डायबिटीज़, मोटापे और दिल की बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है. परपल कलर के खाद्य पदार्थों में ल्यूटीन, विटामिन सी और क्वरसेटिन भी पाया जाता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखकर व्यक्ति को दीर्घायु बनाता है.

3. सफेद- स्वच्छता का प्रतीक

फल और सब्ज़ियां जैसे नाशपाति, सेब, केला, गोभी और लहसुन में फाइबर बहुत अधिक होता है और ये कॉलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं. सफेद खाद्य पदार्थों में एंटी- ऑक्सीडेन्ट फ्लेवोनोइड जैसे क्वरसेटिन और सेहत के लिए फायदेमंद रसायन जैसे एलिसिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो कॉलेस्ट्रॉल और रक्तचाप कम करने में मदद करते हैं. सफेद खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट के कैंसर और दिल की बीमारियों की संभावना कम होती है. केला, शलजम, मक्का, मशरूम, प्याज, आलू, अदरक में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसी तरह मशरूम में सेलेनियम, पोटैशियम, राइबोफ्लेविन, नियासिन और विटामिन डी पाया जाता है. फूलगोभी में सल्फर पाया जाता है जो कैंसर से लड़ने, हड्डियों के टिश्यूज़ को मजबूत बनाने और रक्त वाहिकों के रखरखाव में फायदेमंद है.

4. हरा- समग्र स्वास्थ्य और संतुलन के लिए

सभी जानते हैं कि हरे रंग के खाद्य पदार्थ पोषण के स्रोत हैं और इनका सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए. पौधों में हरा रंग क्लोरोफिल के कारण होता है, जो पौधों के लिए जीवन है. हरे रंग के खाद्य पदार्थ विटामिन ए, सी, के, आयरन, एंटीऑक्सीडेन्ट जैसे कैरोटिनोइड और फ्लेवोनोइड का स्रोत हैं. हरी सब्ज़ियों में क्लोरोफिल, ल्यूटीन, ज़ियाज़ेंथिन और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. पालक, पत्तागोभी, फली, भिंडी और ब्राॅकली इसी श्रेणी में आते हैं. हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में ल्यूटीन होता है जो आंखों में मैक्यूलर डीजनरेशन को रोकता है. हरी सब्ज़ियों में फोलेट, क्लोरोफिल और आयरन बहुत अधिक मात्रा में होता है, ऐसे में यह उर्जा का बेहतरीन स्रोत हैं. यह कहने की आवश्यकता नहीं कि हरा रंग आंखों, हड्डियों, दातों के लिए फायदेमंद है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है. सलाद हो या सूप, भोजन में हरे विकल्पों की कमी नहीं है.

5. नीला- शरीर के सिस्टम को ठंडा रखने के लिए

आकाश और पानी का यह रंग आपके रक्तचाप को नियन्त्रित रखता है और शरीर को फिट बनाए रखने में मदद करता है. फलों और सब्ज़ियों में नीला रंग एक अवयव एंथोसायनिन के कारण होता है, जे एंटीआॅक्सीडेन्ट के साथ आपके शरीर को सुरक्षित रखता है और दिमाग को तेज़ बनाता है. नीले रंग के खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले अन्य पोषक जैसे फ्लेवोनोइड, एलेजिक एसिड, क्वरसेटिन और ल्यूटीन रेटीना के लिए फायदेमंद हैं, शरीर में मिनरल एब्र्ज़ाप्शन में सुधार लाते हैं, एलडीएल कॉलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. भोजन में मौजूद नीले अवयव सूजन को कम करते हैं और ट्यूमर को बढ़ने से रोकते हैं.

6. नारंगी- स्वास्थ्य, बीमारियों से लड़ने की ताकत और ताज़गी

संतरा, कद्दू, आम और गाजर शक्ति और ताकत देते हैं. इन फलों और सब्ज़ियों का नारंगी रंग बीटा-कैरोटीन की वजह से होता है, जो हड्डियों को मजबूत और आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. नारंगी खाद्य पदार्थों में मौजूद फाइटोकैमिकल म्युकस मेम्ब्रेन को स्वस्थ बनाते हैं, कैंसर एवं दिल की बीमारियों की संभावना को कम करते हैं और इम्यून सिस्टम में सुधार लाते हैं. इसके अलावा नारंगी खाद्य पदार्थ शरीर में फ्री रेडिकल्स और कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं. नारंगी खाद्य पदार्थों में पोटैशियम, विटामिन सी, विटामिन बी 6, फाइबर, लायकोपीन और फ्लेवोनोइड होते हैं, जो बीमारियों से बचाते हैं.

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7. पीला- मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिकाओं की मजबूती के लिए

पीले रंग के खाद्य पदार्थ मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, ये लिवर, त्वचा, आंखों की सेहत के लिए भी उपयोगी हैं. केसर, पीली बैल पैपर, एवेकैडो उम्र की वजह से टिश्यूज़ में होने वाले डीजनरेशन को कम करते हैं, प्रोस्टेट कैंसर से भी बचाते हैं. चमकीले पीले रंग के फल एलडीएल यानि बैड कॉलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं. ये बोन मैरो, मांसपेशियों हड्डियों और तंत्रिकाओं को मजबूत बनाते हैं. त्वचा में चमक पैदा करते हैं. तो अपने आहार में अनानास, हल्दी, सरसों, पीली बैल पैपर और मकई को शामिल कीजिए और पीले रंग का जादू महसूस कीजिए. हल्दी एक एंटीसेप्टिक है, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाती है. वहीं मकई में मौजूद विटामिन बी कॉम्पलेक्स में पचाने वाले एंजाइम होते हैं तो पाचन तंत्र में सुधार लाते हैं, साथ ही फेफड़ों के लिए भी फायदेमंद हैं. अस्थमा के मरीज़ों के लिए पीले खाद्य पदार्थ विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं.

फायदे

उपरोक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने से कई और फायदे भी होते हैं जैसे टाईप 2 डायबिटीज़ की संभावनाकम होती है; ईसोफेगस, पेट और संभवतया कोलोरेक्टल, फेफड़ों, मुख और फैरिंजियल कैंसर की संभावना कम होती है; कार्डियोवैस्कुलर रोगों और स्ट्रोक की संभावना कम होती है. कच्चे फल और सलाद दिमाग में एमोयलॉईड प्लाक बनने से रोकते हैं, जो अल्ज़ाइमर का कारण है.

नेशनल हेल्थ एण्ड मेडिकल रीसर्च काउन्सिल के मुताबिक व्यस्कों को दिन में कम से कम पांच प्रकार की सब्जियां और दो तरह के फल रोज़ाना खाने चाहिए. ज़्यादातर विशेषज्ञ आलू को इन सात चीज़ों में शामिल नहीं करते. तो अगर आप सेहतंमद रहना चाहते हैं तो अपने आहार में ढेर सारे फल और सब्ज़ियां शामिल करें.

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