आमतौर पर देखा जाता है कि सर्दी के जातेजाते, मौसम बदलने पर बाल किनारों से दोमुंहे हो कर कमजोर होने लगते हैं. कमजोर बाल दिखने में तो खराब लगते ही हैं, चेहरे के सौंदर्य को भी कम कर देते हैं. इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए उपाय अपनाया जाता है हेयर कट, जिस में बालों को ट्रिम कर के दोमुंहे बालों को निकाल दिया जाता है. सर्दी के खत्म होते ही बालों को फिर से स्वस्थ व चमकदार बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उन में दोबारा नई जान लाई जाए. परंतु इस शुष्क मौसम में कुछ लोग जो बालों की अच्छी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं, उन के बाल रूखे, भुरभुरे, भद्दे हो जाते हैं व किनारों से दोमुंहे होने लगते हैं. सर्दी के तुरंत बाद गरमी का आगमन भी बालों की सेहत को नुकसान पहुंचाता है. वैसे देखा जाए तो वसंत रहने तक अधिक गरमी नहीं होती लेकिन पिछले महीनों में जाड़े की ठंडी और शुष्क हवाओं के आदी हो चुके बालों के लिए ये हवाएं उन की तुलना में अधिक गरम होती हैं और इसी कारण बालों की उपत्वचा खुलने लगती है, जिस से बाल सिरों (किनारों) से दोमुंहे होने लगते हैं.

वसंत में बालों की देखभाल

आमतौर पर बालों के सिरों (किनारों) से दोमुंहे होने पर बाल रूखे और बेजान लगने लगते हैं. इस से बचने के लिए 2 महीनों में एक बार बालों की ट्रिमिंग करानी चाहिए और यह ट्रिमिंग सर्दी के मौसम में हर 6 हफ्तों में कराई जाए तो बेहतर है. बालों को स्टाइलिश करने के लिए हीटेड स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल करने से पहले बालों की सुरक्षा के  लिए हेयर कंडीशनर का प्रयोग करें. ऐसे में बालों की कंडीशनिंग या बालों की मरम्मत के लिए उपयोग में लाई जाने वाली क्रीम का भी प्रयोग करें. सर्दी के दौरान चूंकि बालोें को ज्यादा देखरेख की आवश्यता होती है, इसलिएएक डीप थेरैपी मास्क का उपयोग किया जाना चाहिए, खासतौर पर तब, जब बाल घुंघराले हों.

खानपान की बात की जाए तो संतुलित आहार का बालों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है. संतुलित आहार लेते हुए जाड़े में भी यकीनन बालों को स्वस्थ व संतुलित बनाए रखा जा सकता है. आमतौर पर जो लोग पौष्टिक आहार कम लेते हैं, उन के बाल रूखे हो जाते हैं. गरमी में तो यह समस्या नहीं आती परंतु सर्दी में बाल अधिक रूखे लगते हैं. ऐसे में खूब पानी पीना चाहिए. सर्दी के मौसम में स्कार्फ और हैट लगाने से भी बाल फ्लैट हो जाते हैं. इस के लिए सिर की त्वचा पर उंगलियों के पोरों से मसाज करें.

केश उपचार के टिप्स

बालों को चैमोमाइल टी से धोने पर न सिर्फ बालों में रंगत व चमक आती है, बल्कि यह बालों के रोमकूपों के लिए भी सहायक है.

सर्दी के शुष्क मौसम के बाद बालों को नई जान देने के लिए हर प्रकार के बालों को डीप मौइश्चराइजिंग ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, इस से बालों का रूखापन खत्म होता है.

कंडीशनर केशों में मौइश्चर लेवल को बढ़ाता है, जिस से बाल स्वस्थ व जवां नजर आते हैं और इसी के साथ सर्दी में गायब हुई बालों की चमक भी वापस लौट आती है.

बालों को धोते समय ध्यान रखें कि बाल धोने के बाद उन्हें अच्छे हेयर ब्लोड्रायर्स से सुखाएं.

बालों व सिर की त्वचा के लिए हौट स्टीम बाथ लेना भी फायदेमंद है. गरम तेल से सिर की त्वचा की मसाज करें और इस के बाद गरम तौलिए को कुछ मिनटों के लिए सिर पर लपेटें. इस के अलावा सोते समय भी गरम तेल से सिर की त्वचा की मसाज करें और अगली सुबह स्नान करने से 1 घंटे पहले नीबू के रस को सिरके के साथ मिला कर कौटन से सिर की त्वचा पर लगाएं और सिर को धोते समय आखिर में नीबू का रस मिला 1 कप गरम पानी इस्तेमाल किया जा सकता है. 2 बड़े चम्मच कौस्मैटिक विनेगर के साथ 6 बड़े चम्मच गरम पानी मिला कर इस मिश्रण को कौटन से सिर की त्वचा पर लगाएं व रात भर लगा छोड़ दें. अगली सुबह बालों को शैंपू करें. यह घरेलू उपचार भी रूखे बालों के लिए फायदेमंद रहेगा.

सिर की त्वचा व बालों पर थोड़ा सा दही लगाएं और 1 घंटे बाद बालों को अच्छी तरह तरह धो लें. इस से बालों की शुष्कता कम होगी और चमक बढ़ेगी.  आइए, जानें, बालों की खास समस्याओं को और पहचानें उन के दुरुस्त समाधानों को:

समस्या : डैंड्रफ का बारबार होना.

समाधान : बालों में डैंड्रफ होने का कारण सिर की त्वचा का शुष्क होना नहीं बल्कि सिर की त्वचा पर एक पपड़ीदार परत का बनना है. डैंड्रफ मृत त्वचा के कण होते हैं, इसलिए डैंड्रफयुक्त बालों को मैडिकेटेड शैंपू से साफ करें. लेकिन शैंपू का प्रयोग जल्दीजल्दी न करें. डैंड्रफ अधिक होने पर चर्मरोग भी हो सकता है, इसलिए अपने बालों की सफाई पर विशेष ध्यान दें.

समस्या : बालों का दोमुंहा होना और झड़ना.

समाधान : बालों की तेल से नियमित मालिश करें व पौष्टिक आहार लें. इस से आप के बालों को पोषक तत्त्व मिलेंगे जिस से वे स्वस्थ रहेंगे.

समस्या : बालों का सही तरह साफ न होना.

समाधान : झाग बनाने वाले शैंपू का मतलब यह नहीं है कि वह बालों को अच्छी तरह साफ करेगा ही. झागदार शैंपू के निर्माण में झाग बनाने वाले रसायनों को अधिक मिलाया जाता है. इन में बालों को अच्छी तरह साफ करने की क्षमता नहीं होती है. इसलिए हमेशा ऐसा शैंपू इस्तेमाल में लाएं, जिस में रसायन कम हों और बाल भी अच्छी तरह साफ हो सकें.

समस्या : बालों का चमकदार न होना.

समाधान : ध्यान रहे कि कंडीशनर्स केवल बालों की बाहरी सतह को ही चमकाने का काम करते हैं और उन की संरचना को सही नियंत्रण में रखते हैं. लेकिन ये बालों को अंदर से ठीक नहीं करते. इस के लिए बालों की देखभाल व उचित आहार से उन के पोषण पर उचित ध्यान दें.

क्या न करें

बालों में बारबार कंघी चलाना. इस से बाल अधिक मात्रा में टूटेंगे और उन की जड़ें कमजोर होंगी.      

– शैलजा मेहता, निधि गोयल

Tags:
COMMENT