Civil Services preparation : विनी महाजन 1987 बैच की पंजाब कैडर की रिटायर्ड इंडियन ऐडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस) अधिकारी हैं. वे पंजाब की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं. अपने 37 साल के कैरियर में उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों में कई अहम मंत्रालयों के तहत विशेष पदों पर काम किया. 2005 से 2012 तक भारत के प्रधानमंत्री के कार्यालय में निदेशक और फिर संयुक्त सचिव के तौर पर काम किया. 2004-05 में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक रहीं. उन्होंने कई पदों पर भी काम किया, जिन में रोपड़ की डिप्टी कमिश्नर का पद भी शामिल है.
इस इंटरव्यू में विनी महाजन अपनी कैरियर जर्नी और ऐक्सपीरियंस के आधार पर स्टूडैंट्स के लिए खासकर जो सिविल सर्विसेज की तैयारी में लगे हैं उन सभी के साथ बहुत सी ऐडवाइस साझा कर रही हैं:
यूपीएससी के लिए सब्जैक्ट्स का चुनाव कैसे करें?
सब्जैक्ट्स समय के अनुसार देखने को मिलते हैं जैसे एक समय था जब सिविल सर्विसेज में इंजीनियर बहुत आते थे तो लगता था कि साइंस स्ट्रीम सही है. मेरे समय में लोग इकौनौमिक्स को इतना महत्त्व नहीं देते थे. उन्हें लगता था इस में कम मार्क्स आते हैं. मगर सिस्टम को पता है कि हर विषय आना चाहिए तो वह मौडरेशन रखता है. आज आईएएस में हर स्ट्रीम से लोग आ रहे हैं. आप जिस सब्जैक्ट को बैस्ट दे सको, जिस में आप की दिलचस्पी हो उसे चुनें क्योंकि पसंद के सब्जैक्ट को आप ज्यादा टाइम देते हैं, उसे और ध्यान से पढ़ते हैं. इस के साथ अपने देश और लोगों को जानने के लिए सोशल, जियोग्राफी, पौलिटिकल विषयों को भी महत्त्व दें क्योंकि इन की नौलेज और जानकारी सिविल सर्विसेज के ऐग्जाम में बहुत जरूरी है और फिर सर्विसेज में भी. यह एक फाउंडेशन का काम करती है. यूपीएससी में बैठने के लिए कौन्फिडैंस बहुत मजबूत होना चाहिए क्योंकि फेल्योर के चांस बहुत हाई हैं. बहुत शार्प बच्चे ऐग्जाम में उतरते हैं फिर भी उन के कई अटैंप्ट फेल जाते हैं.
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क्या कालेज डिगरी का महत्त्व है?
कालेज डिगरी अच्छी रहती है क्योंकि आप कालेज में जिन सब्जैक्ट्स को पढ़ रहे हैं उन में आप की नौलेज बढ़ती है तो अगर यूपीएससी ऐग्जाम में जब उस विषय के सवाल आएंगे तो आप को मदद मिलेगी. आप को पढ़ाई में अपने क्लासमेट की भी मदद मिलती है. कालेज में सोशल स्किल्स, स्पोर्ट्स ऐक्टिविटी, डिबेट आदि में भाग लेने से आप की तैयारी में मदद होती है. इसलिए डिबेट, कोलैबोरेशन, लीडरशिप, स्पोर्ट्स ऐक्टिविटी पर ध्यान दें. ये आप को आगे बहुत काम आएंगे. लेकिन अगर आप की डिबेट या लीडरशिप में रुचि नहीं है, आप को स्टेज पर आना ठीक नहीं लग रहा तो आप गु्रप का हिस्सा बने रहें. ग्रुप ऐक्टिविटी में अपना कंट्रीब्यूशन दें, सब के साथ मिल कर काम करें. यह आगे भी काम आएगा.
आप को सर्विस में अपनी टीम, जूनियर्स, कलीग्स को साथ ले कर आगे बढ़ना है, काम करना है यह नहीं कि सुपीरियर औफिसर बन गए तो आप में अहंकार आ जाए. यह भी ध्यान दें कि यूपीएससी के ऐग्जाम के चलते अपने कालेज ऐग्जाम को अनदेखा न करें. वह भी बहुत जरूरी है इसलिए दोनों पर ध्यान दें.
सिविल सर्विसेज के लिए क्या खास स्किल होनी चाहिए?
ऐंपैथी होनी बहुत ही जरूरी है. हमारे देश के पिछड़े समुदाय के लोगों, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए कुछ करना है, उन्हें आगे लाना है, उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना है, इस के लिए आप में ऐंपैथी होनी चाहिए क्योंकि सिविल सर्विस में काम करने की यह चाह बहुत जरूरी है.
कोलैबोरेशन स्किल, सब को साथ ले कर चलना बहुत जरूरी है. आप अपने आसपास के लोगों को देखें, उन का काम परखें जैसे टैक्निकल स्किल्ड लोगों को, नौलेज रखने वालों को, सिंसियर औफिसर्स को मोटीवेट कर, उन्हें अपनी टीम में शामिल करें. उन के सुझाव भी सुनें. इस तरह सब के साथ मिल कर काम करना बहुत अच्छा होता हैं.
क्रिटिकल थिंकिंग, मुझे याद है फर्स्ट पोस्टिंग के समय पंजाब में बहुत बाढ़ आई थी तो उस समय हमें देखना था कि लोगों के घरों को कितना नुकसान हुआ है, उस की मार्किंग करना ताकि जनता को सरकारी मुआवजा मिल सके. अब जब हम ग्राउंड पर थे तो पता चला कि बहुत लोगों का ज्यादा नुकसान हुआ है, वहीं कुछ का बहुत कम. तब यहां उस नुकसान की मार्किंग करना बहुत मुश्किल रहा था क्योंकि अगर यह कहें कि नुकसान ज्यादा नहीं हुआ है तो उन घर वालों को मुआवजा नहीं मिलेगा. तो यह भी सही नहीं क्योंकि उन का कुछ तो नुकसान हुआ ही है. तब उस समय आप की समझ परखी जाती है.
सिविल सर्विसेज के साथ और कौन से औप्शन मौजूद हैं?
पहले तो स्टूडैंट्स खुद सिर्फ सिविल सर्विसेज तक सीमित न रहें. आज बहुत सी कैरियर फील्ड्स आ चुकी हैं. तो आप पहले अपने इंटरैस्ट को देखें, आप को क्या पसंद है उस में भी अवसर तलाश करें, ऐक्सप्लोर करें.
फिर स्टेट की सिविल जौब्स या स्टेट की बाकी जौब्स के लिए कोशिश करें. बहुत सी स्पैशलाइज्ड जौब रोल्स हैं जैसे इंजीनियर, आर्किटक्ट, मैडिकल और टीचिंग तो बहुत ही अच्छा औप्शन है. सिर्फ गवर्नमैंट नहीं बल्कि प्राइवेट सैक्टर में भी बहुत औप्शन हैं और आज तो स्टार्टअप का जमाना है.
ऐस्पिरैंट्स को बताएं कि पौलिटिकल प्रैशर को कैसे मैनेज करें?
आप डैमोक्रेसी में रहते हैं. आप अपना नजरिया ले कर आए और पौलिटिकल लीडर्स अपना. मगर यहां आप दोनों को साथ मिल कर चलना है. आप को पौलिटिकल प्रेशर को सम?ाना भी है क्योंकि राजनीतिक हस्तक्षेप रहेगा ही. बहुत बदलाव होंगे, कुछ चीजें आप के हिसाब से भी नहीं होंगी, उतारचढ़ाव होंगे. यह सब आप के काम का हिस्सा रहेगा. मगर धीरेधीरे आप तालमेल बना लेंगे और हर बार पौलिटिकल फैसला गलत भी नहीं होता जैसे मिड डे मील, जिसे पहले सब ने पौलिटिकल जेस्चर कहा था लेकिन आज उसे अच्छा माना जाता है.
सिविल सर्विस प्रोफाइल में 90 के दशक से आज के डिजिटल और टैक्निकल इरा में क्या बदलाव देखा?
पहले सिविल सर्विस में इलीट साइड से लोग आते थे. लेकिन अब हर जगह से लोग आगे आ रहे हैं. रिजर्वेशन से भी पहले से ज्यादा लोग सामने आ रहे हैं. ऐक्सपीरियंस्ड, लोग जो पहले से जौब में हैं वे भी अब सिविल सर्विस में कोशिश कर रहे हैं, ऐज रिलैक्सेशन से भी काफी लोग सामने आ रहे हैं.
आज टैक्नोलौजी बहुत तेजी से बदल रही है. आप ने जिस समय किसी टैक्नोलौजी को पढ़ कर जौब जौइन की थी पता चला वह 2-3 साल में बदल गई. इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपडेट रहें. नई टैक्नोलौजी स्किल्स, इन्फौरमेशन, नौलेज सीखते रहें क्योंकि यह बदलाव बहुत तेज है. टैक्नोलौजी में क्या चल रहा. आप को देशदुनिया में, रियल टाइम में क्या हो रहा है यह जानना बहुत जरूरी है. यह सिविल सर्विसेज में काम करने का बहुत अच्छा समय है. क्योंकि अभी बहुत कुछ है जो देश में बदलना जरूरी है.

