हाल के कुछ साल में भारत में पुरूषों के अंडरगारमेंट मार्केट में तेजी के साथ बदलाव हुआ है. अब ट्रेडिशनल अंडरवियर की जगह ब्रांडेड अंडरवियर तेजी से लोगों की पसंद बनती जा रही हैं. इसके चलते दुनिया भर के मेल अंडरगारमेंट ब्रांड अब भारत में अपनी मार्केटिंग करने के साथ-साथ शोरूम भी खोल रहे हैं. वहीं कुछ भारतीय ब्रांड भी इस सेगमेंट में बड़े उत्पादक बनकर उभरे हैं. इसके चलते इनरवियर का मार्केट अब 30 हजार करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है.

शर्ट पैंट अभी भी कुछ लोग दर्जी से सिलवा कर पहन रहे हो पर अंडरगारमेंट में होजरी के तैयार अंडरगारमेंट ही प्रयोग हो रहे है. इनमें भी साधारण अंडरगारमेंट की जगह पर ब्रांडेड अंडरगारमेंट का प्रयोग ज्यादा हो रहा है. इस कारण अब ज्यादा से ज्यादा बिजनेस मैन ब्रांडेड अंडरगारमेंट की तरफ आना चाहते है. पुरूषों की ड्रेस मैटेरियल के मुकाबले अंडरगारमेंट बिजनेस में ज्यादा मुनाफा होता है.

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मेल अंडरगारमेंट बनाने वाली कंपनियां अब इसको ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार पर खूब जोर दे रही हैं. बड़े से बड़े कलाकार खिलाड़ी और दूसरे सेलेब्रेटी से इसका प्रचार कराया जा रहा है. इसके क्रिएटिव प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया दोनो के लिए ही तैयार हो रहे है. यह काफी लोकप्रिय भी हो रहे है. पुरूषों द्वारा पहने जा रहे पैंट-शर्ट या जींस-टीशर्ट की तुलना करें तो पुरूषों के अंडरगारमेंट का प्रचार ज्यादा हो रहा है. इसकी वजह यह है कि पुरूषों के द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों में अंडरगारमेंट का बाजार ज्यादा बड़ा है. पुरूष ब्रांडेड पैंट-शर्ट या जींस-टीशर्ट भले ही नहीं पहने पर वह अंडरगारमेंट ब्रांडेड पहनने लगे है. पुरूषों में खुद से अंडरगारमेंट खरीदने का सलीका नहीं होता. इस कमी को देखते हुये कंपनियां ज्यादा से ज्यादा प्रचार के जरियए अपने अंडरगारमेंट को लोगों तक पहुंचाना चाहती है. जिससे अंडरगारमेंट खरीदते समय केवल उनके ही प्रोडक्ट्स का नाम याद रहे.

भारत मे फेमस ब्रांड:

भारत में देश और विदेश के तमाम ऐसे ब्रांड है जो पसंद किये जाते है. पुरूष अपने अंडरगारमेंट केवल ब्रांड के प्रचार को देखकर ही खरीदते है. इस वजह से अंडरगारमेंट के प्रचार में पुरूषो के खास पौरूष को भी इंगित किया जाता है. जो केवल पुरूष ही नहीं महिलाओं पर भी असर डालता है. पुरूषों के अंडरगारमेंट इस कदर लोकप्रिय हो रहे है कि कुछ ब्रांड तो शहर-शहर अपने स्टोर खोल रहे है जहां उनके ही ब्रांड मिलते है. ‘रूपा’ भारत के सबसे पुराने मेन्स अंडरवियर ब्रांड में से एक है. बहुत से बौलीवुड स्टार भी इसके प्रचार कर चुके हैं. इसके बाद ‘अमूल’ भी बड़ा ब्रांड है. ‘क्रोमोजोम’भारतीय पुरुषों और खासकर यंग लोगों के बीच बेहद फेमस ब्रांड है. इसके प्रोडक्ट कई स्टाइल, रेंज और कलर में मौजूद हैं. ‘जौकी’इंडियन मिडिल क्लास के बीच सबसे पौपुलर ब्रांड है. ‘मार्क्स एंड स्पेंसर’भारत में मशहूर एक और इंटरनेशनल ब्रांड है. देश के ज्यादातर बड़े शहरों में इस कंपनी के अपने स्टोर खुले है. ‘यूनाइटेड कलर्स औफ बेनटेन’बेहद खास प्रिंट होने के चलते दुनिया भर में फेमस ब्रांड है. कंपनी हर साल प्रोडक्ट नई रेंज के साथ लौन्च करती है.

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‘नौटिका’ मूल तौर पर बीच वियर ब्रांड बनाती है. लेकिन अंडरवियर मार्केट में भी मौजूद है. भारत के बड़े शहरों में इनके स्टोर मौजूद हैं. ‘टौमी हिलफिगर’इंटरनेशनल ब्रांड के लगभग हर

शहर में अपने स्टोर हैं. यह मूल तौर पर गारमेंट बिजनेस में सक्रिय है.‘एंपोरिया अर्मानी’ गारमेंट इंडस्ट्री का मशहूर इंटरनेशनल ब्रांड है. उच्च वर्ग के प्रीमियम सेगमेंट में इस ब्रांड को बेहद पसंद किया जाता है. ‘कैल्विन क्लेन’भारत में मौजूद एक और इंटरनेशनल ब्रांड है. ज्यादातर प्रीमियम सेगमेंट में ही इसकी मार्केटिंग होती है. ‘हैंस’ दुनिया भर में बेहद फेसम अंडरगारमेंट ब्रांड है. भारत में भी अब इसे काफी पंसद किया जाता है.

समझदारी से करे अंडरगारमेंट की खरीददारी:

ज्यादातर पुरुषों को नहीं मालूम कि जो अंडरवियर उन्होंने पहनी है. वो उनके माफिक है भी या नहीं. आमतौर पर पुरूष दुकानों पर जाते हैं और जिस अंडरगारमेंट को देखा होता है खरीद लेते हैं. अंडरगारमेंट खरीदने में जल्दबाजी ना करे समझदारी से काम ले. रिसर्च कहता है कि पुरुष अंडरगारमेंट्स खरीदते हुए ज्यादा वक्त नहीं लगाते. न ही फिटिंग्स पर खास ध्यान देते हैं. पुरुष

आमतौर पर ब्रांड, मौडल,साइज वगैरह के अलावा शायद ही सोचते हों कि इन्हें कब अंडरगारमेंट बदल देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं करेंगे तो सीधा असर हेल्थ पर भी पड़ सकता है. सही साइज की अंडरवियर पहनने का सीधा असर पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर पड़ता है. ये इनफर्टिलिटी को घटाने की वजहों में मददगार साबित होता है. लिहाजा इस पर ध्यान देने की जरुरत है.

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300 भारतीय पुरुषों पर एक सर्वे किया गया. जिसमें पाया गया कि 75 फीसदी पुरुष अंडरवियर को सिर्फ जरूरत के लिए खरीदते हैं. उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि मार्केट में नया या ट्रेंडी क्या है. फ्रांस में हुए एक रिसर्च में बताया गया है कि 90 के दशक के बाद पूरी दुनिया में स्पर्म काउंट मतलब प्रति मिलीलीटर वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या व इनकी गुणवत्ता में बड़ी गिरावट आई है. इसका एक कारण अंडरवियर को भी माना गया है. रिसर्च में चेतावनी दी गई है कि रात के समय में अंडरवियर ना पहनने से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

हेल्थ पर असर डालते हैं खराब अंडरगारमेंट…

शोध में यह भी पाया गया कि 1985 से 2005 के बीच के समय में पुरुषों के स्पर्म काउंट में 30 प्रतिशत तक की कमी आई है. शोध के मुताबिक आज के समय में स्वस्थ्य शुक्राणु भी आसानी से नहीं मिल पा रहे हैं. कसावट वाली अंडरवियर पहनने वालों पर इसका अधिक दुष्प्रभाव हुआ है. फ्रांस के पुरुषों के स्पर्म काउंट में एक तिहाई तक गिरावट देखी गयी. इसके पीछे खराब खान-पान,डाइटिंग और टाइट फिटिंग के कपड़े पहनने आदि कारणों को मुख्य वजह बताया है. उनके मुताबिक खासतौर पर टाइट अंडरवियर पहनने से वीर्य पर असर पड़ता है. अधिक तापमान शुक्राणुओं की संख्या व गुणवत्ता के लिए नुकसादायक साबित हो सकते हैं. संभवतः इसी वजह से हाल ही में पुरुषों को शुक्राणुओं की संख्या या एकाग्रता में कमी के डर से

अंडरवियर पहनने से बचने की सलाह दी जाती है. अधिक तापमान शुक्राणुओं की संख्या व गुणवत्ता के लिए नुकसादायक साबित हो सकते हैं. इसी वजह से हाल ही में पुरुषों को शुक्राणुओं की संख्या या एकाग्रता में कमी के डर से टाइट अंडरवियर पहनने से बचने की सलाह दी गई. अगर अच्छे किस्म के अंडरवियर न पहने जाये तो खुजली,एलर्जी और इन्फेक्शन की संभावना बढ जाती है. घर से निकलने पर आपको अंडरवियर पहनना चाहिये. इससे पसीना सूखता रहता है और एक अतिरिक्त सुरक्षा परत भी बनी रहती है.

सोते समय ना पहने अंडरगारमेंट…

अंडरवियर ना पहनने का सही समय रात का समय होता है. रात को सोने से पहले शावर लेना और फिर बिना अंडरवियर के अपने स्लीपिंग सूट में सोना सुखद अहसास देता है. इससे काफी आरामदायक महसूस होता है और विशेष अंगों का वेंटिलेशन बना रहता है. रात को अंडरवियर ना पहन कर सोने से एक और फायदा ये है कि आपकी सेक्स लाइफ को फायदा होता है. जननांगो की स्वच्छता बेहतर स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी चीज होती है. जो लोग सिंथेटिक अंडरवियर पहनते हैं. उनके लिये ये नुकसानदायक हो सकता है. क्योंकि सिन्थेटिक अंडरवियर जल्दी सूखती नहीं है. जिससे पसीने की वजह से वहां यीस्ट इंफेक्शन, गीलेपन की वजह से खुजली होना तथा बदबू आने को जोखिम हमेशा बना रहता है. सिन्थेटिक अंडरवियर से तापमान भी अधिक रहता है जो स्पर्म काउंट और उसकी गुणवत्ता के लिये अच्छी बात नहीं है. सोते समय अंडरगारमेंट का प्रयोग ना करे. खुजली,त्वचा इंफेक्शन और कभी कभी नमी से इंफेक्शन का खतरा बढ जाता है. पसीने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है. अक्सर ही मौसम गर्म रहने पर आपके शरीर से हर जगह पसीना निकलता है. शरीर के अन्य हिस्सों को जहां प्राकृतिक तौर पर सूखने का मौका खुले रहने के कारण मिलता है. आपके अंडरगारमेंट वाला शरीर का यह खास हिस्सा बैक्टेरिया का घर बना रहता है. ऐसे में बैक्टीरिया से होने वाले इंफेक्शन का भी खतरा बना ही रहता है. रात में अंडरगारमेंट्स न पहनने पर इस समस्या से बचा जा सकता हैं.

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