दीपाली के घर से विवाह की सजावट भी नहीं उतरी थी कि पूरे घर को एक सन्नाटे ने घेर लिया दीपाली की शादी में लाखों रुपए खर्च कर चुके उस के पापा अस्पताल पहुंच चुके थे. दरअसल हुआ यह कि दीपाली की शादी में स्टेज पर शौट सर्किट की वजह से आग लग गई और दीपाली के पापा की जिंदगी भर की मेहनत की कमाई राख हो गई.

यह देख कर दीपाली के पापा को हार्ट अटैक हो गया, विवाहस्थल पर हुए नुकसान, साथसाथ दवाओं व आपरेशन का खर्च उठा पाना अब उन के लिए मुश्किल हो चला था. जिंदगी में ऐसे कई लमहे आ जाते हैं, जिन के बारे में लोग सोचना भी नहीं चाहते हैं और फिर शादीब्याह तो ऐसे मौके हैं, जो बेहद यादगार पलों में शुमार होेते हैं. सभी चाहते हैं कि जब भी वे उन लमहों को याद करें, तो चेहरे पर आंसू की बूंदें होने के बजाय मुसकराहट हो.

आप के जीवन के ये यादगार खुशी के पल दुखद न हों, इसलिए वेडिंग इंश्योरेंस अवश्य कराएं. ज्यादातर लोग यह सोच कर इंश्योरेंस नहीं कराते कि इंश्योरेंस बेहद महंगा होगा, लेकिन आप को यह जान कर हैरानी होगी कि इस का प्रीमियम तकरीब 3,770 रुपए से 14,076 रुपए तक होता है. जहां 5 लाख रुपए के इंश्योरेंस के लिए करीब 0.50 से 3.05 फीसदी प्रीमियम देना पड़ता है, वहीं 2 लाख रुपए के इंश्योरेंस के लिए करीब 3,770 रुपए का प्रीमियम देना होता है.

आज बाजार में कई कंपनियां आप की मदद के लिए खड़ी हैं. बस, जरूरत है यह जानने की कि आप अपने विवाह आयोजन का इंश्योरेंस कैसे कराएं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें.

कवर वेडिंग इंश्योरेंस

वेडिंग इंश्योरेंस में आप को उन छोटी चीजों का भी कवर दिया जाता है, जिन के बारे में शायद आप सोचते भी नहीं होंगे. इंश्योरेंस में कैटरिंग, पंडितपुरोहित, ब्यूटीशियन, कुक, डाक्टर, मैरिज हाल, फोटोग्राफी, म्यूजिक पार्टी वगैरह पर भी कवर मिलता है.बुरे वक्त की सोच कर चलें, अगर आप के विवाह समारोह में कुछ बुरा घट जाता है, मसलन किसी सदस्य की अचानक तबीयत खराब होना, पंडित का समय पर न पहुंचना, खाने में किसी तरह की परेशानी होना या किसी प्राकृतिक आपदा के चलते कोई समस्या उत्पन्न होना, आप की पौलिसी में जोजो कवर होंगे क्लेम करने पर आप को भुगतान कर दिया जाएगा.

इन परेशानियों से तो आप फिर भी अपने स्तर पर निबट सकते हैं. लेकिन किन्ही कारणों से अगर विवाह को स्थगित करना पड़े, तो भी बेकार बहने वाला पैसा आप के लिए आर्थिक समस्या खड़ी कर सकता है. ऐसे में अगर आप ने विवाह समारोह का इंश्योरेंस कराया हुआ है, तो आप विवाह स्थगित होने पर क्लेम कर सकते हैं. ऐसे में कंपनी आप के नुकसान का भुगतान करती है. लेकिन विवाह स्थगित क्लेम विवाह की तिथि से 3 दिन पहले तक की अवधि में स्थगित होने पर ही किया जा सकता है.

सामान्यत: आग लगने या किसी प्राकृतिक आपदा, किसी सगेसंबंधी की अकस्मात मौत या दुर्घटना या अथवा दूल्हे या दुलहन की दुर्घटना वगैरह कारणों से विवाह स्थगित होने पर ही आप क्लेम कर सकते हैं. वेडिंग इंश्योरेंस से आप को जहां इन बड़ीबड़ी समस्याओं से राहत मिलती है, वहीं यह दूल्हे व दुलहन की डे्रस को भी कवर करता है, मतलब अगर ऐन वक्त पर दूल्हे या दुलहन की वेडिंग डे्रस में कोई परेशानी होती है, तो भी आप की मदद के लिए इंश्योरेंस है न.

वेडिंग इंश्योरेंस कवर नहीं करता

लगभग विवाह के दौरान होने वाली हर समस्या से बचा लेने वाली वेडिंग पौलिसी में कुछ बातें ऐसी भी होती हैं, जो कवर नहीं की जातीं जैसे विवाह टूटने की वजह अगर परिवार की आपसी अनबन, दूल्हा या दुलहन में से किसी एक का शादी से इनकार करना या विवाह स्थल से उठ कर चले जाने पर इंश्योरेंस कंपनी को क्लेम नहीं किया जा सकता. इस के अलावा किसी तरह के आपराधिक मामले, दुर्व्यवहार, क्लेम के इरादे से की गई लापरवाही या स्वयं को दीवालिया घोषित करने पर क्लेम मान्य नहीं होगा.

बाजार में मौजूद इंश्योरेंस कंपनियां

आज आम आदमी की जरूरत को देखते हुए बाजार में कई बीमा कंपनियां वेडिंग इंश्योरेंस करा रही हैं. नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी, युनाइटिड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी आदि ऐसी कंपनियां हैं, जो वेडिंग इंश्योरेंस देती हैं. बजाज आलियांज और आईसीआईसीआई भी पिछले कुछ समय से वेडिंग इश्योरेंस पालिसी दे रही हैं.

ऐसे करें क्लेम

क्लेम के लिए आप को यह साबित करना होगा कि जिस घटना के लिए आप क्लेम कर रहे हैं वह आप के साथ घटित हुई है. इसी के साथ आप को अपने नुकसान का ब्योरा व इस के साक्ष्य के तौर पर सभी कागजात व बिल भी कंपनी को देने होते हैं.

क्लेम करना कौस्ट इफेक्टिव और बेहद आसान है, जिस से आप विवाह समारोह को बिना किसी डर के सुकून से एंज्वाय करते हुए संपन्न करा सकते हैं. क्लेम करने के लिए अपने इंश्योरर से बात करें. क्लेम के दौरान आप को एक फार्म भरने के लिए दिया जाएगा, जिस में आप को अपने इंश्योरेंस के पूरे ब्योरे के

साथ ही क्लेम का मोड भी बताना पड़ेगा. आप चाहें तो औनलाइन क्लेम भी कर सकते हैं. एक बार आप का क्लेम स्वीकार होने पर आप के पास आप की निर्धारित राशि पहुंचा दी जाएगी.

कुछ खास बातें

विवाह समारोह के दौरान ज्यादा कांटै्रक्ट न करें, क्योंकि जितने कांट्रैक्ट होंगे आप को प्रीमियम उतना ही ज्यादा देना पड़ेगा, इसलिए ध्यान रखें कि कांट्रक्टों की संख्या ज्यादा न हो.

रीदारी करते समय कुछ पैसे बचाने के  चक्कर में बिल लेने से परहेज न करें, क्योंकि क्लेम के समय आप को उन्हीं चीजों पर भुगतान किया जाता है, जिन का आप बिल देते हैं.

परिवार के सभी सदस्यों को भी इस बात से सूचित कर दें कि वे कोई भी सामान खरीदते समय उस का बिल जरूर ले लें.

क्लेम करने के लिए जाएं, तो अपने साथ हर जरूरी कागज ले जाएं. इन कागजातों में सभी सर्टिफिकेट, किए गए खर्च के बिल वगैरह दें.

ध्यान रहे, जब तक मांगे न जाएं ओरिजनल बिल व सर्टिफिकेट इंश्योरेंस कंपनी को न दें. इन की फोटोस्टेट ही फार्म के साथ लगाएं.

क्लेम के समय सभी चीजों का पूरा ब्योरा दें. अगर प्रौपर्टी डैमेज का क्लेम कर रहे हैं, तो सजावट में लगा खर्च, विवाह स्थल पर लगाए गए सेट, उन के लिए हायर किए गए डेकोरेटरों का खर्च या बुकिंग खर्च को भी सूची में लिखें.            

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