फैट इकट्ठा करना हमारी बौडी की टैंडैंसी है और जैसेजैसे उम्र बढ़ती है यह टैंडैंसी बढ़ती जाती है क्योंकि बौडी का मैटाबोलिक रेट कम होने लगता है. लड़कियों में 16 साल की उम्र के बाद फैट तेजी बढ़ने लगता है और अगर खानपान रिच है और जिंदगी में बहुत भागदौड़ नहीं है तो 2 साल भी नहीं लगते कमर को कमरा बनने में. लड़कियों में फैट का पहला टारगेट हिप्स, कमर व गरदन होती है. स्लिमट्रिम लड़की को तकरीबन 6 किलोग्राम वेट बढ़ जाने के बाद पता चलता है कि उस का वेट बढ़ गया है, क्योंकि यह पूरी बौडी में फैला होता है. हम लोग फैट को सिर्फ अपनी कमर पर महसूस करते हैं, जबकि कमर की मोटाई दिखने से पहले फैट बौडी पर लेयर बना चुका होता है. अपनी बौडी को ले कर अगर आप गंभीर हैं तो लंबे समय तक अपनी फिगर को संभाल सकती हैं. अगर आप समय रहते खुद के लिए कुछ नियमकानून बना लेंगी, तो आगे चल कर पछतावा, कड़ी मेहनत व कड़ा परहेज जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह बात किसी से नहीं छिपी है कि फिजिकल ऐक्टिविटी और खानेपीने पर कंट्रोल ही आप को बेडौल होने से बचा सकता है. लेकिन फिर भी कुछ उपाय ऐसे हैं, जो मोटापे की दहलीज पर पहुंचे लोगों को वापस पीछे खींच सकते हैं और फिगर को बिगड़ने से बचा सकते हैं.

ये आदत डालें

सोने से पहले गरम पानी पीने की आदत डालें. यह आदत पड़ गई तो आप के बड़े काम आएगी. अगर पानी से बोरियत हो तो उस में थोड़ा नीबू निचोड़ लें व 1 कालीमिर्च पीस कर डाल लें.

हफ्ते में 1 दिन उपवास रखें. उपवास के दिन केवल फल खाएं.

सुबह फ्रैश होने के बाद व्यायाम जरूर करें.

गेहूं की रोटी के बजाय जौ, चने की रोटी खाएं. इस के लिए 10 किलोग्राम चने में 2 किलोग्राम जौ डलवा कर पिसवा लें.

खाने के तुरंत बाद पानी पीने की आदत बिलकुल छोड़ दें. अगर तेज प्यास लगे तो 1-2 घूंट पानी पीने में कोई बुराई नहीं. वैसे खाने के 1 घंटे बाद ही पानी पीएं.

खाने से पहले 1 कटोरी सब्जियों का सूप पीने की आदत डालें.

अगर पेट की चरबी बढ़ गई हो

पेट की बढ़ी चरबी बिना ऐक्सरसाइज किए नहीं जाती. उस में भी सिर्फ कमर की ऐक्सारसाइज करने से कमर पतली नहीं होती. कसरत तो आप को पूरी बौडी की करनी होगी. अगर आप ऐक्सरसाइज और डाइट पर ध्यान दे रही हैं, तो पेट की सेंक कुछ हद तक आप की मदद कर सकती है. इस के लिए पतीले में पानी भर कर गरम होने को रख दें. इस में 1 चम्मच नमक और 1 चम्मच अजवायन भी डालें. जब पानी खौलने लगे तो पतीले के ऊपर कोई जाली या आटा चालने वाली लोहे वाली चलनी रख दें. अब भिगो कर निचोड़े हुए 2 छोटे तौलिए उस जाली पर रख दें. फिर 1-1 कर के दोनों तौलियों से अपनी नाभि के ऊपर वाले हिस्से की 10 से 15 मिनट सेंकाई करें. आप रात को सोने से पहले या सुबह के वक्त यह काम कर रोज कर सकती हैं.

मम्मी के कहे का क्या करें

मांएं हमेशा यह कहती हैं कि घीमक्खन खाना चाहिए. यह बात तब तो बिलकुल वाजिब है जब आप बाहर तला हुआ नहीं खातीं. लेकिन बाहर भी सब चल रहा है तो घर में परहेज बरतना होगा. अगर मां जिद करें तो सुबह के वक्त थोड़ा घीमक्खन लेने में कोई बुराई नहीं. कुल मिला कर बात यह है कि आप को खुद तय करना होगा आप बौर्डर लाइन पर हैं, उस के आगे या उस से कई कदम पीछे. फिर उसी हिसाब से योजना बनानी होगी. अपना बीएमआई यानी बौडी मास इंडैक्स जरूर चैक करें. इस से आप को आगे की योजना बनाने में मदद मिलेगी.

जरूरी बात

अगर आप तली हुई चीजों से परहेज नहीं कर रही हैं, तो इन में से कोई भी उपाय आप के काम नहीं आने वाला. यह बात तो स्वाभाविक रूप से समझनी चाहिए कि फास्ट फूड और तला खाना मोटापे की पहली वजह है. इन पर काबू किए बिना फिगर के बारे में सोचना बड़ा मुश्किल है.

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