वर्षा एक कोच्चि बेस्ड होम स्टाइलिस्ट हैं. वे बचपन से ही अपनी काबिलीयत से हर चीज को खूबसूरत बनाती रही हैं. घर सजाने में तो उन्हें खासतौर पर महारत हासिल है. वे घर सजाने से जुड़े अपने कुछ आइडियाज शेयर कर रही हैं:

यों बनाएं खूबसूरत

– भले आप नया घर बना रहे हैं, उसे रेनोवेट करा रहे हैं या फिर उस में वर्षों से रह रहे हैं, हमेशा कुछ चीजें होती हैं जिन का प्रयोग कर आप उस जगह की खूबसूरती बढ़ा सकती हैं. होम स्टाइलिंग एक नियमित प्रक्रिया है जहां आप रचनात्मक तरीकों का प्रयोग कर अपने मकान को घर बना सकती हैं. इस की शुरुआत होती है एक कमरे के स्वरूप को पहचानने व इस बात तो समझने से कि उस कमरे को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है.

– कई बार आप कितना भी प्रयास कर लें घर अच्छा नहीं दिखता. ऐसे में जरूरी है कि आप इस की वजह समझें. वजह कोई भी हो सकती है. खराब फर्नीचर, लेआउट से ले कर प्राकृतिक रोशनी की कमी तक.

उदाहरण के लिए मीना ने गैस्ट बैडरूम के मेकओवर का प्लान बनाया. देखने में भले ही यह कमरा सामान्य लग रहा था, मगर वास्तव में यहां ऊर्जा और जीवंतता की कमी थी. मीना ने

2 महत्त्वपूर्ण बातें नोटिस कीं. पहली वहां सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही थी और दूसरी वहां बहुत से ऐसे ऐलिमैंट्स थे जो आकार, जगह या रंग की वजह से विजुअल ब्लौक की स्थिति पैदा कर रहे थे. ऐसी हालत में जब कमरे में प्राकृतिक रोशनी अधिक आने की व्यवस्था की गई, खिड़कियां खोली गईं और गहरे रंग के परदों को हलके रंग के परदों से बदल दिया गया तो वही कमरा अधिक रोशन यानी ब्राइट दिखने लगा.

– यदि आप सोते समय मोटे काले कपड़े पसंद करती हैं, तो आप छोटे परदे के साथ एक और बिलकुल पतली लेयर का परदा जरूर डालें. इसे आप दिन में यूज कर सकती हैं.

– अपने घर को बहुत भराभरा या बिखरा हुआ न रखें. यदि टीवी यूनिट आप के घर में सब से अधिक जगह घेरने वाला फर्नीचर है, तो वह यकीनन विजुअल ब्लौक क्रिएट करेगा. ऐसे में टीवी को हलके रंग की दीवार से सटा कर रखें.

– एक कलर टोन के साथ काम करना आसान है ताकि अलगअलग ऐलिमैंट्स एकसाथ रखे जा सकें. विरोधी रंगों के साथ काम करना चैलेंजिंग हो सकता है, मगर यदि आप डिजाइन पर ध्यान देती हैं, तो ये काफी इंटरैस्टिंग रिजल्ट भी दे सकते हैं.

– यदि कलर प्लेट्स जिन पर आप काम कर रही हैं वे आप के वर्तमान फ्लोरिंग को कौंप्लिमैंट नहीं कर रहे तो आप कुछ कालीनोें का प्रयोग कर सकती हैं, जो आप के कमरे के टोन से मैच करते हों. कालीन कमरे के फर्नीचर को एकसाथ लाने का बेहतर उपाय है. कालीन के प्रयोग से डार्करूम में भी इंटरैस्टिंग पैटर्न और टैक्स्चर्स ऐड किए जा सकते हैं.

– फंक्शनैलिटी के आधार पर फर्नीचर को रीअरेंज और रीफर्निश करें. कुछ लोग पढ़ना पसंद करते हैं और कुछ नहीं. यदि आप को पढ़ना पसंद है पर एक रैग्युलर रीडर नहीं हैं, तो आप घर के एक हिस्से को रीलोकेट करें ताकि जब इच्छा हो आप आराम से वहां बैठ कर पढ़नालिखना कर सकें.

डिजाइनर सीक्रेट्स

– घर और औफिस में कोई भी जगह एक मकसद के साथ डिजाइन की जानी चाहिए न कि केवल फर्नीचर एडजस्ट करने के लिए. अकसर एक ही जगह पर हम बहुत सारा सामान रख देते हैं. इस से उस जगह की खूबसूरती खत्म हो जाती है. इसलिए कुछ सामान को किसी ऐसी जगह सजाएं जो वहां फिट भी आए और वहां की खूबसूरती भी बढ़ाए.

– खूबसूरती और जरूरत यानी फंक्शन हमेशा साथसाथ चलते हैं. जब हमें एक फर्नीचर यूज करना है जिस पर हम रिलैक्स करते हैं तो इस स्थिति में हमें फंक्शन पर कंप्रोमाइज नहीं करना चाहिए. उदाहरण के लिए एक सोफा रिलैक्स करने के लिए कंफर्टेबल होना चाहिए. यह किसी जगह के लिए आर्टपीस नहीं है क्योंकि आर्टपीस के लिए तो बहुत सारे स्पेस एन्हैंसर होते हैं, जो ऐस्थेटिक का काम करते हैं यानी मूड एन्हैंसर होते हैं जैसे वालआर्ट लैंप शेड आदि.

– बालकनी या घर में प्रवेश करने वाली जगह को वार्म और वैलकम करता हुआ नजर आना चाहिए. कोई वौलहैंगिंग आर्टवर्क या खुद की बनाई कलाकृति का प्रयोग भी सजावट के लिए कर सकती हैं.

– आईने का उपयोग केवल चेहरा देखने के लिए ही नहीं वरन आसपास नजर रखने के लिए भी किया जा सकता है. फील गुड मोमैंट्स भी आईने के साथ खुद बन जाते हैं. बैडरूम में मौजूद कोई वौल हैंगिग या बालकनी में शीशे से बने वालआर्ट वगैरह वहां गहराई का एहसास पैदा करते हैं.

– हम किचन और डाइनिंगरूम को एक ही में शामिल क्यों नहीं कर देते? आजकल स्पेस सेविंग काफी महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है. इस के लिए ओपन किचन का औप्शन बहुत अच्छा है, जिस में डाइनिंगरूम को किचन में ही शामिल किया जाता है. किचन में ब्रेकफास्ट काउंटर ऐड करना पश्चिमी देशों का कौंसैप्ट है मगर क्यों न हम इसे बेहतर डाइनिंग स्पेस के रूप में बदलने का प्रयोग करें.

– एक छोटा सा हौल भी बड़ा अंतर ला सकता है. अपनी सुविधानुसार दरवाजेखिड़कियों के अलावा भी क्रौसवैंटिलेशन के लिए नए रास्ते निकाले जा सकते हैं.

– घर को अलग पहचान देने के लिए पूरे कमरे में पेंट करने की जरूरत नहीं. दीवार पर एक छोटा मगर खूबसूरत आर्टवर्क भी मूड बना सकता है.

– सुकून का केवल एहसास ही नहीं किया जाता सुना भी जा सकता है. वाटरवाल या विंड चाइम जैसे ऐलिमैंट्स आप के घर को सुकून और शांत वातावरण देंगे.

– घर में अधिक जगह बनाने के लिए रोब हुक्स अहम भूमिका निभा सकते हैं. दरवाजे के पिछले हिस्से, वार्डरोब शटर जैसी नोटिस न की जाने वाली जगहों पर इन्हें लगाया जा सकता है.

– किचन में 3 जरूरत की चीजें हैं- होब कुकिंग के लिए, सिंक सफाई के लिए और फ्रिज स्टोरेज के लिए. ये तीनों चीजें किचन में स्पेस सेविंग प्रोसैस में मदद करती हैं. यदि ये तीनों परफैक्ट जगह पर हों तो किचन ऐक्सैसरीज व्यवस्थित रह सकेगी और आप की किचन का काम आसान हो जाएगा.

– पर्सनल स्पेस जैसे बच्चे का रीडिंगरूम, घर में बना औफिस एरिया आदि की खूबसूरती के लिए भी कुछ ऐक्स्ट्रा ऐड जरूरी है. उदाहरण के लिए टौयलेट को ही लें. यह पर्सनल जगह है पर इसे हमेशा इग्नोर किया जाता है, क्योंकि यह घर का छिपा हुआ कोना है, जिस पर कोई ध्यान नहीं देता, जब कि हम इसे भी थोड़ा हाईलाइट कर के घर की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं. आप कोई प्लांट लगा कर या दीवार पर क्रिएटिव आदि बना कर टौयलेट को खूबसूरत बना सकती हैं.

– घर में टीवी की सही पोजीशन भी महत्त्वपूर्ण है. अकसर घर में इस बात पर वादविवाद होता है कि आराम से देखने के लिए टीवी की सही पोजीशन क्या होनी चाहिए. जैसे कि आई लैवल टीवी के सैंटर के बिलकुल बराबर होना चाहिए यानी टीवी का सैंटर आंखों से बिलकुल समान दूरी पर होना चाहिए.

– फौल्स सीलिंग बनाते समय सदैव वैंटिलेशन एयरहोल्स का ध्यान रखना चाहिए नहीं तो वे नैगलैक्टेड हो जाते हैं और फौल्स सीलिंग बनाने में वे बंद हो जाते हैं जिस से कमरे में घुटन और गरमी बढ़ जाती है, क्योंकि हवा निकल नहीं पाती.

– यह जरूरी है कि मिनिमम ऐक्सपेंशन स्पेस आसपास हो ताकि आप के द्वारा लगाया गया सनशेड या खूबसूरती के लिए बनाई गई कोई भी चीज आप के पड़ोसी की बाउंड्री तक न पहुंचे. घर के बाहर थोड़ा ग्राउंड एरिया खुला रहने दें.

– एम. के. गीथा और विनोद कृष्णा

 

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