आज के दौर में सभी पर काम का बोझ अधिक है. ऐसे में औफिस या बिजनैस से त्योहार के दिन भी छुट्टी मिलनी मुश्किल होती है. दीवाली या दशहरा में 1-2 दिनों की छुट्टी ही मिल पाती है. ऐसे में सभी का आपस में मिलना संभव नहीं होता. अगर पूरे फैस्टिवल सीजन में अलगअलग जगहों पर पार्टियों के आयोजन हों तो बहुत सारे लोग आपस में मिल सकते हैं. एक ही जगह पर पार्टी होने से लोगों की संख्या ज्यादा हो जाती है. पार्टी का बोझ भी बढ़ जाता है. अगर छोटीछोटी पार्टियां घरघर में आयोजित हों तो ज्यादा लोगों के आपस में मिलने का अवसर मिलता है.

Digital Plans
Print + Digital Plans

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • 2000 से ज्यादा कहानियां
  • ‘कोरोना वायरस’ से जुड़ी सभी लेटेस्ट अपडेट
  • हेल्थ और लाइफ स्टाइल के 3000 से ज्यादा टिप्स
  • ‘गृहशोभा’ मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • 2000 से ज्यादा ब्यूटी टिप्स
  • 1000 से भी ज्यादा टेस्टी फूड रेसिपी
  • लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स की जानकारी
Tags:
COMMENT