ब्यूटी तितली ने अपने खूबसूरत पंखों को देखा. धूप की किरणें उन पर पड़ने से वे और ज्यादा चमक रही थीं.

‘‘मेरे पंख कितने खूबसूरत हैं,’’ ब्यूटी ने खुद से कहा और फूली न समाई. इतने में एक आवाज ने उस का ध्यान खींच लिया. उस ने देखा जिस फूल से वह पराग ले कर जा रही थी, उस के नीचे से घोंघू घोंघा जा रहा था.

‘‘गुड मौर्निंग, मैं ने तुम्हें डिस्टर्ब तो नहीं किया ’’ मुसकराते हुए घोंघू ने कहा. घोंघे के मटमैले शरीर की ओर देखते हुए ब्यूटी ने अपना मुंह फेर लिया.

‘‘मैं तुम जैसे बदरंग जीव से बात नहीं करना चाहती. जरा अपने शरीर को तो देखो. और यह डब्बा पीठ पर ले कर क्यों घूमते रहते हो,’’

ब्यूटी ने कहा. ‘‘उसे डब्बा मत कहो. यह खोल ही मेरा घर है. यह हमें दुश्मनों से बचाता है. मुसीबत देखते ही मैं इस में घुस जाता हूं. जैसे तुम्हारे ये पंख सब से काम की चीज है, वैसे ही मेरे लिए यह खोल है.’’

‘‘अब चुप भी हो जाओ. तुम इस खोल की तुलना मेरे पंख से न करो. मेरे रंगबिरंगे पंख कितने सुंदर दिखते हैं. जरा देखो तो सही.’’ इतना कहते हुए ब्यूटी ने पंख फैलाए. ‘‘हां सचमुच. तुम्हारे पंख बहुत खूबसूरत हैं.’’ इतना कहते हुए घोंघा आगे बढ़ गया.hindi stories for kids

ब्यूटी इधरउधर देखने लगी. शायद कोई उस के पंखों की और तारीफ कर दे. मिट्टी के ऊपर कुछ कछुए आपस में खेल रहे थे.

‘‘इन से तो बात करना ही बेकार है.’’ ब्यूटी के मुंह से निकला. ‘‘दिनभर ये मिट्टी में लोटते हैं, इन्हें खूबसूरती से क्या मतलब ’’

‘‘क्या तुम हमारे साथ खेलना पसंद करोगी ’’ किचू कछुए ने उस से पूछा.

पहले तो ब्यूटी ने उस की अनदेखी की, लेकिन किचू ने जब दोबारा पूछा, तो वह मुंह चिढ़ा कर बोली, ‘‘मैं भला क्यों तुम लोगों के साथ खेलूं तुम लोग मिट्टी में खेलते हो. अगर मैं ऐसा करने लगी, तो मेरे ये खूबसूरत पंख खराब हो जाएंगे.’’ किचू को यह बहुत बुरा लगा. ‘‘तुम्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए. प्रकृति ने हम सभी को अलगअलग बनाया है. न कोई खूबसूरत और न ही कोई बदसूरत.’’

ब्यूटी वहां से उड़ चली. ‘‘मैं कहीं ऐसी जगह जाऊंगी. जहां ये सब न रहें,’’ बुदबुदाती हुई वह उड़ती चली गई. थक कर वह एक डाल पर बैठी ही थी कि उसे लगा कि वह अपने पंख नहीं हिला पा रही है. ‘‘यह मुझे क्या हो गया ’’ वह परेशान हो गई.hindi stories for kids

कुछ देर में उसे पता चला कि वह मकड़ी के जाल में फंस गई है. उस ने अपने पैरों को हिलाने की कोशिश की. लेकिन वे भी उस की काबू के बाहर थे. ‘‘अब मैं क्या करूं ’’ वह बदहवासी से बोली. ‘अभी मकड़ी आती होगी.’ यह सोच कर ब्यूटी ने अपने पंख फड़फड़ाने की कोशिश की. इस बार उसे कुछ सफलता मिली.

तभी एक बड़ी मकड़ी को अपनी ओर आते देख कर ब्यूटी की सिट्टीपिट्टी गुम हो गई. वह तेजी से अपने पंख हिलाने की कोशिश करने लगी, ताकि जाल से निकल सके. मकड़ी उसे पकड़ती उस से पहले ब्यूटी जाल से छूट कर जमीन पर आ गिरी. अपने शिकार को हाथ से निकलते देख, मकड़ी को गुस्सा आ गया. वह जाल से निकल कर उसे पकड़ने नीचे उतरने लगी.

‘‘बाप रे.’’ ब्यूटी ने अपने पंख फड़फड़ाए. उस के पंख कई जगह से टूट गए थे. जाल की वजह से पंख आपस में चिपके जा रहे थे. लेकिन अपनी जान पर बन आती देख, उस ने पूरा जोर लगाया. मकड़ी उसे पकड़ पाती उस से पहले ही वह वहां से जैसेतैसे अपने घर की ओर उड़ गई. अभी वह घर से दूर ही थी कि खुद को संभाल नहीं पाई और बेहोश हो कर गिर पड़ी.

जब उस की बेहोशी टूटी, तो आसपास किचू कछुए और उस के साथियों को देख कर उसे हैरानी हुई. ‘‘अब तुम्हारी तबीयत कैसी है ’’ किचू ने चिंतित हो कर पूछा.

‘‘मैं ठीक हूं. लेकिन तुम लोग मैं यहां कैसे आई.’’ दिमाग पर जोर डालने के बाद भी ब्यूटी कीसमझ में कुछ नहीं आया. ‘‘तुम हमें यहां पड़ी हुई मिली. हम डाक्टर पिकलू गिलहरी को बुला कर लाए. उस ने दवा दी है. तुम्हारे टूटे पंख की भी सिलाई की है,’’ घोंघू घोंघे ने कहा.

‘‘हम तुम्हारी देखभाल कर रहे हैं. अगर कोई तकलीफ हो रही हो, तो बताओ ’’ किचू ने जानना चाहा. ‘‘वैसे तुम्हारे खूबसूरत पंख कुछ दिनों बाद पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे. तब तक तुम आराम करो.’’ यह सुनते ही ब्यूटी की आंखें भर आईं.

‘‘मुझे माफ कर दो. मैं ने तुम सब का खूब अपमान किया. लेकिन मैं समझ गई हूं कि असली खूबसूरती किसी के स्वभाव में होती है, पंख या शरीर में नहीं,’’ ब्यूटी ने कहा. इस के बाद ब्यूटी ने कभी अपने पंखों पर घमंड नहीं किया. अब वह सब से मिल कर रहती थी और सब की सहायता भी करती थी.

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