“देख अकेला पंछी मुझे यह जाल बिछाया है …. इसीलिए मम्मी ने तेरी मुझे चाय पर बुलाया है”

यह सदाबहार गाना अक्सर उन लोगों की जुबान पर होता है जो अपने भावी जीवनसाथी यानी बौयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के पैरंट्स से पहली दफा मिलने की प्लानिंग कर रहे होते हैं. मन में कहीं न कहीं यह खौफ जरूर होता है कि कहीं यह मुलाकात रिश्ते के लिए खतरे की घंटी न बन जाए.

वस्तुतः पहला इंप्रेशन ही अंतिम इंप्रेशन होता है. इसलिए पहली मुलाकात को ले कर युवा बहुत ही कौन्शस होते हैं. सही भी है रिश्ते की नींव भले ही पड़ चुकी हो मगर बंधन मजबूत बने इस के लिए जरूरी है भावी जीवनसाथी के करीबी लोगों से खूबसूरत रिश्ते की शुरुआत. बात जब बौयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के पेरेंट्स की हो तो इंसान कोई भी खतरा मोल लेना नहीं चाहता. भावी  फादर इन लौ या मदर इन लौ से पहली मुलाकात के लिए जाते समय कुछ बातों का ख्याल जरूर रखें.

  1. नशे में चूर न रहें : पहली मुलाकात के समय किसी भी तरह का नशा न करें. इस से सामने वाले को महसूस होगा जैसे आप खुद पर नियंत्रण नहीं रख सकते या ईमानदार नहीं है. जब कि पहली मुलाकात में जरूरी है कि आप खुद को विश्वसनीय , ईमानदार और संतुलित मानसिकता वाले व्यक्ति के रूप में दर्शाएं.
  2. धर्म, सेक्स या राजनीतिक विषयों पर न उलझें : कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जिन को जितना ही छेड़ो उतना ही विवाद बढ़ता है या सामने वाले को आप के बारे में गलत संदेश जा सकता है. भले ही आप अपने भावी जीवनसाथी के साथ इन विषयों पर कितनी भी चर्चा करते हो मगर जरूरी नहीं कि उस के पेरेंट्स भी आप के साथ इन बातों को डिस्कस करने में रुचि रखते हो.
  3. झूठ का सहारा न ले : कुछ लोग पहली मुलाकात में खुद को बेहतर साबित करने के चक्कर में अपनी खूबियों को बढ़ाचढ़ा कर बोलते हैं. प्रॉपर्टी को ले कर भी झूठ बोल जाते हैं. मगर ध्यान रखें , इस तरह आप अपने जीवनसाथी और उन के अभिभावकों की नजरों में गिर जाएंगे. क्योंकि जब उन्हें असलियत पता लगेगी तो उन की नजर में आप का सम्मान कम हो जाएगा.
  4. फोन से उलझे न रहे : पहली मुलाकात के समय फोन पर लगातार मैसेज करने, व्हाट्सएप या ईमेल चेक करने या ब्राउजिंग आदि करने से बचें. इस से आप के भावी जीवनसाथी के पेरेंट्स को लगेगा जैसे आप उन से बातें करने में रुचि नहीं रखते और वे खुद को अपमानित महसूस करेंगे.
  5. ओपन माइंड के बने : आप का जीवनसाथी अलग परिवेश से आता है. उस के मांबाप की सोच बिल्कुल जुदा हो सकती है इसलिए उन से पहली दफा मिलते समय अपना दृष्टिकोण संकुचित न रखें. उन की किसी भी बात पर आप उत्तेजित हो जाते हैं या उलटा जवाब देते हैं तो समझिए की एक खूबसूरत रिश्ता जुडताजुड़ता रह जाएगा.
  6. मेहमान की तरह व्यवहार न करें : यदि आप मिलने के लिए उन के घर डिनर या लंच पर गए हैं तो खाना सर्व करते समय या टेबल क्लीन करते हुए बिल्कुल भी अलग बैठे न रहे. ये छोटेछोटे एटिकेट्स होते हैं जिन का ख्याल रखना जरुरी है. फैमिली मेंबर की तरह हर काम में आगे बढ़कर मदद करें.
  7. पैसों के बारे में बात न करें : पहली बार मिलते समय घर पैसों से जुड़ी छोटीबड़ी बातें जैसे घर कितने का लिया, लोन पर है या खरीदा हुआ, सैलरी क्या है, या कितना किराया जाता है, कार कितने की है जैसी विषयों पर बात करने के बजाय रिश्ते को बेहतर बनाने पर फोकस करें.
  8. अपने कपड़ों पर ध्यान दें : घर पर जो भी मिला वही पहन कर मिलने चल देना उचित नहीं. पहली मुलाकात में अपने कपड़ों पर विशेष ध्यान दें ताकि उन्हें महसूस हो कि आप इस मीटिंग को सीरियसली ले रहे हैं और उन को महत्व दे रहे हैं.
  9. सिर्फ अपने बारे में बात न करें : पहली मुलाकात में आप और भावी जीवनसाथी के पेरेंट्स ,दोनों ही एक दूसरे से अनजान होते हैं. ऐसे में केवल अपनी जिंदगी की कहानी सुनाते रहने से अच्छा है कि आप उन के बारे में भी पूछें. ताकि उन्हें महसूस हो कि आप उन के बारे में जानने को उत्सुक है. अपनी बातचीत में संतुलन बना कर रखें.
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