लेखक- पूनम

पिटी पार्टी मतलब मी टाइम

– इस में आप अपनी भावनाएं व्यक्त कर पाते हैं.

– यह ऐसा समय होता है जिस में तनाव कम हो जाता है.

– आप फिर से व्यवस्थित होते हैं, आगे की सोचते हैं. स्ट्रौंग होते हैं.

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– अपने साथ ही समय बिता कर आप कुछ अच्छा, पौजिटिव और तर्कसंगत सोच पाते हैं.

1978 में अमेरिकन सिंगर बारबरा मंड्रैल ने अपने ब्रेकअप के बाद एक गाना गाया था, ‘हैविंग अ सैड पिटी पार्टी…’ आप ने न जाने कितनी बार सुना होगा कि, ‘रो लो, तुम्हारा दिल हलका होगा,’ यह बिलकुल सही है. अपने साथ ही कुछ समय बिता कर अपनी सारी भावनाओं को बाहर निकाल कर आप फिर से अपने को ज्यादा स्ट्रौंग पाएंगी. दिल दुखी है? मूड बहुत खराब है? बहुत सारे टिश्यूज लीजिए, अपना मनपसंद खाना और्डर कीजिए और आराम से सोचिए कि क्या हो गया और अब कैसे आगे बढ़ना है.

इस स्थिति का एक नाम है, पिटी पार्टी. यह बहुत काम की चीज है, इसे कर के देखें.जब फैशन डिजाइनर रिद्धी जैन का अपने 7 महीने के अफेयर के बाद ब्रेकअप हुआ, उस का हाल बेहाल था. वे बताती हैं, ‘‘उस ने अचानक मुझे मैसेज भेजना बंद कर दिया. मेरे पूछने पर बहाने बनाने लगा. कोई फोन नहीं, कोई मैसेज नहीं. अचानक मिलना भी बंद कर दिया. मैं ने ऐसे समय पर वही किया जो सब करते हैं, घर पर बैठ गई. खूब रोती रहती. सब से मिलना बंद कर दिया. यह एक हफ्ता चला. पर फिर मैं धीरेधीरे सब भड़ास निकाल कर अपनेआप ही और स्ट्रौंग हुई.’’

रिद्धी को यह पता ही नहीं था कि जो उस ने किया, वही है पिटी पार्टी. ऐक्सपर्ट्स कहते हैं, ‘‘इस टाइप की पार्टी में रो कर मन हलका हो जाता है.साइको थेरैपिस्ट अनन्या सिंह कहती हैं, ‘‘यह एनरिचिंग, सोशलाइजिंग प्रोसैस है. इस में आप को खुद से कनैक्ट होने का समय मिलता है, एक स्पेस मिलता है जो आप की मैंटल हैल्थ के लिए जरूरी होता है. फिर आप चीजों को बेहतर तरीके से देख पाते हैं. मी टाइम जरूरी होता है.’’

अनन्या के अनुसार पिटी पार्टी अपनेआप पर थोपें नहीं. यह अनुभव एनरिचिंग होना चाहिए. यह अनुभव ऐसा होना चाहिए कि आप इस समय के बाद ज्यादा स्ट्रौंग, शांत हो कर बाहर आएं. आप का मन  एक बार शांत हो गया तो आप अपना आगे का समय कुछ नया सीखने में लगाएं. बस, फिर देखें कि आप ने अपना यह टैंशन का टाइम कितनी खूबसूरती से हैंडल कर लिया है.

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आप को खुशी होगी

क्लीनिकल साइकोलौजिस्ट प्राजक्ता कहती हैं, ‘‘इस समय आप काफी भावनात्मक उतारचढ़ाव से गुजरते हैं, गलत फैसला भी लिया जाता है. पर अपने मन की शांति के लिए अपने साथ ही कुछ समय बिताना जरूरी होता है. हमें एहसास नहीं होता पर यह पिटी पार्टी हम अपने साथ कई बार करते हैं, जैसे जब हम पर कोई नकारात्मक टिप्पणी करता है औफिस में या घर पर या दोस्तों में. अकसर लोग इस पर ध्यान नहीं देते पर मैं सलाह दूंगी कि बैलेंस बनाए रखें और कुछ नया व सकारात्मक सीखने के लिए तैयार रहें. किसी भी तरह की ऐक्सरसाइज करें.’’अपनी भड़ास निकालने के लिए अकेले में रोना बुरा नहीं है. अपना टाइम लें, शांत मन से सोचें, घबराएं नहीं. ब्रेकअप जीवन का अंत नहीं है. जो चला गया उसे जाने दें. उस के लिए अपना जीवन रोकें नहीं. पिटी पार्टी के ब्राद फ्रैश हो कर निकलें, मुसकराएं, आगे बढ़ें.

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