पीरियड्स के दौरान सैक्स की कल्पना ही कुछ लोगों को असहज कर देती है. मासिकधर्म के दौरान यौन संबंध बनाना कई समाजों में टैबु रहा है. इस के मूल में बहुत सी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्याताएं तो हैं ही, साथ में साफसफाई और स्त्रीत्व से जुड़ी बातें भी हैं. लेकिन महिलाओं में मासिकधर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और उन के अच्छे स्वास्थ्य का परिचायक भी. यह प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया महिलाओं के प्रजननतंत्र से जुड़ी हुई है. इसलिए उन्हें अपने मासिकधर्म के समय को सहजता से लेना चाहिए.

ज्यादातर महिलाओं को यह पता नहीं होता कि मासिकधर्म के दौरान सैक्स करें या न करें, क्योंकि कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाना गलत है. लेकिन जानकारों का मानना है कि अन्य दिनों की तरह पीरियड सैक्स भी सामान्य होता है.

पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के क्या फायदे हैं, आइए जानते हैं:

– वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता है कि पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से कोई नुकसान पहुंचता है.

– पीरियड्स के दौरान यौन संबंध काफी सहज और आरामदायक होता है, क्योंकि इस दौरान महिला के प्रजनन अंगों में गीलापन होता है.

– पीरियड्स में संबंध बनाने से ऐंडोर्फिंस और औक्सीटोसिन शरीर से बाहर निकलते हैं. परिणामस्वरूप दिमाग में लेजर सैंट्स सक्रिय हो जाते हैं जिस से आंनद की अनुभूमि होती है. इस के अलावा तनाव से भी छुटकारा मिलता है.

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– पीरियड्स के दौरान हारमोन बदलाव के कारण महिलाओं में सैक्स की तीव्र चाह उत्पन्न होती है, इसलिए पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने में कोई खतरा नहीं होता, बल्कि ज्यादा आनंद की अनुभूति होती है.

– कपल को यौन अंगों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

– यौन संबंध बनाने से पहले और बाद में भी यौन अंगों को पानी से धोना जरूरी है ताकि संक्रमण की संभावना बिलकुल न रहे. पानी में माइल्ड डिसइन्फैक्शन दवा जैसे डैटोल मिला कर उपयोग करना बेहतर होगा.

पीरियड्स के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से पहले कुछ जरूरी बातों को अवश्य जानिए:

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नैचुरल लूब्रिकैंट: पीरियड्स के दौरान महिलाओं का प्राइवैट पार्ट नैचुरली लुब्रिकेटेड रहता है, ऐसे में सैक्स आरामदायक होगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन दिनों ऐस्ट्रोजन हारमोन का स्तर बढ़ा रहता है. इस वजह से उत्तेजना चरम पर होती है. इस वक्त और्गेज्म से न केवल मूड अच्छा रहता है, बल्कि इस से दर्द में भी आराम मिलता है.

न करें कंडोम बिना सैक्स: वैसे तो पीरियड्स के दौरान सैक्स में कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन इस वक्त महिला का प्राइवैट पार्ट गीला रहने से सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज होने की आशंका ज्यादा रहती है. इसलिए बिना कंडोम सैक्स नहीं करना चाहिए.

पार्टनर की मरजी: जरूरी नहीं कि पीरियड्स में सैक्स के बारे में जैसा आप सोच रहे हैं, आप का पार्टनर भी वैसा ही सोचे. इसलिए बेहतर होगा कि शरमाने या हिचकिचाने के बजाय अपने पार्टनर से इस बारे में खुल कर बात करें.

गंदगी की चिंता न करें: बहुतों को लगता है कि पीरियड्स के वक्त सैक्स करने से उन का बिस्तर गंदा हो जाएगा. लेकिन एक महिला का कहना है कि उन की शादी को 8 साल हो चुके हैं और वह 2 बच्चों की मां भी है, मगर अब भी वह पीरियड्स में सैक्स को ऐंजौय करती है. उस का कहना है कि इन दिनों आप शावर में भी सैक्स का आनंद ले सकती हैं. नहीं तो बिस्तर के नीचे प्लास्टिक का कवर डाल कर भी सैक्स कर सकती हैं.

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27 साल की निशा शर्मा का कहना है कि वह लंबे समय से अपने पति के साथ पीरियड्स में सैक्स ऐंजौय करती आ रही है और ऐसा करते उसे कभी झिझक या शर्मिंदगी नहीं हुई.

डा. सेल्वराज कहती हैं कि पीरियड्स के दौरान सैक्स निजी पसंद का मसला है. यह महिला की सहजता से भी जुड़ा है, इसलिए आप को किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए. यह भी न कहें कि ऐसा हो ही नहीं सकता. यह शरीर से जुड़ा सामान्य मामला है, जिस के लिए ग्लानि जैसा कुछ नहीं होना चाहिए. यदि आप ऐसा नहीं कर पा रही हैं या नहीं कर रही हैं तो आनंद लेने और चरमोत्कर्ष तक पहुंचने के और भी रास्ते हैं.

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