एक महिला की मदद से गुंजन अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल घर वापस आ गई और प्रशांत के सीने से लग गई. वहीं बिना फिरौती पहुंचाए गुंजन का आ जाना प्रशांत को अस्वाभाविक लग रहा था. आखिर उस के मन में क्या चल रहा था?
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