Valentine’s Special: कोई अपना- शालिनी के जीवन में भी कोई बहार आने को थी

बेगाने से शहरों में जहां कंक्रीट के जंगल उग चुके हों, वहां हर अजनबी में कोई अपना सा ढूंढ़ना बेमानी होगा. शालिनी भी इसी राह में दिल जला चुकी थी. लेकिन कहते हैं न, रेगिस्तान में भी गुलशन खिलते हैं. शालिनी के जीवन में भी कोई बहार आने को थी, शायद.

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