काश, नीरजा ने तब हिम्मत दिखाई होती जब सब से ज्यादा जरूरत थी. मातापिता की इच्छा के आगे उस ने अपनी खुशियों का गला घोंट दिया. लेकिन जिंदगी में जो पीछे छूट जाता है, क्या उस का दोबारा मिलना आसान है?
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