नहाकर जब प्रशोभा तौलिए से बाल पोंछती हुई पेटीकोट व ब्लाउज पहने गुसलखाने से बाहर निकली तो ड्रैसिंग टेबल के पास से आवाज आई. प्रशोभा घबरा गई. यह आवाज जेठजी की थी. खुद को असहज पा कर प्रशोभा फिर गुसलखाने में घुसी तो बदन पसीने से भीगने लगा...
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