पलभर की गलती बनी जीवनभर की सजा. दुर्गा के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था. लेकिन उस ने दृढ़निश्चय कर लिया था कि अपनी सजा का भागीदार किसी मासूम को बेवजह नहीं बनने देगी.
'गृहशोभा' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now
The Planet