मैं सुबह की सैर पर था. अचानक मोबाइल की घंटी बजी. इस समय कौन हो सकता है, मैं ने खुद से ही प्रश्न किया. देखा, यह तो अमृतसर से कौल आई है.

‘‘हैलो.’’

‘‘हैलो फूफाजी, प्रणाम, मैं सुरेश

बोल रहा हूं?’’

‘‘जीते रहो बेटा. आज कैसे याद किया?’’

‘‘पिछली बार आप आए थे न. आप ने सेना में जाने की प्रेरणा दी थी. कहा था, जिंदगी बन जाएगी. सेना को अपना कैरियर बना लो. तो फूफाजी, मैं ने अपना मन बना लिया है.’’

Digital Plans
Print + Digital Plans

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • 2000 से ज्यादा कहानियां
  • ‘कोरोना वायरस’ से जुड़ी सभी लेटेस्ट अपडेट
  • हेल्थ और लाइफ स्टाइल के 3000 से ज्यादा टिप्स
  • ‘गृहशोभा’ मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • 2000 से ज्यादा ब्यूटी टिप्स
  • 1000 से भी ज्यादा टेस्टी फूड रेसिपी
  • लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स की जानकारी
Tags:
COMMENT