भास्करानंद श्यामली के रूपसौंदर्य के जाल में बंधा जा रहा था, लेकिन गुरुदेव द्वारा दी गई ब्रह्मचर्य की शिक्षा उसे बारबार सांसारिक मोहमाया के बंधन में पड़ने से रोक रही थी. ऐसे में श्यामली ने उसे ऐसा नया ज्ञान दिया कि अब उस की दृष्टि में कल की वास्तविकता...
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