नेत्रहीन लाली और रोशन बचपन के साथी थे. लाली रोशन की आंखों से दुनिया देखती थी. दोनों साथसाथ खातेपीते, मस्ती करते. आखिर दोनों ही तो एकदूसरे का सहारा थे. इतनी नजदीकियों के बावजूद न जाने क्यों दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं. पढि़ए, वेद प्रकाश गुंजन की हृद
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