कब के बिछड़े हुए सोम और चंद्रा ऐसे मिलेंगे, दोनों ने कभी सोचा भी नहीं था. स्थितियां कितनी बदल गई थीं. लेकिन सोम का दिल आज भी वही महसूस कर रहा था जो बरसों पहले चंद्रा के लिए महसूस करता था. पढि़ए, सुधा गुप्ता द्वारा लिखित कहानी.
'गृहशोभा' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now
The Planet