आपरेशन टेबल पर पड़े मरीज को देख कर डा. आराधना सकते में आ गई. यह वही दरिंदा था जिस ने उस के हंसतेखेलते परिवार को उजाड़ दिया था. क्या उपकार प्रतिकार के मानसिक अंतर्द्वंद्व में जूझती आराधना अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन पाई?
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