पति के बाद बच्चों को पालपोस कर किसी काबिल बनाने में मधु के मन का एक कोना रीता रह गया था. सुरेंदर का सान्निध्य, उस की बातों ने जैसे एक बार फिर मधु के शुष्क जीवन में मीठी फुहार भर दी थी. लेकिन फिर से खुशियां पाना उस के लिए आसान न था...
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