गरमियों में लोग ठंडी जगहों पर घूमना बहुत पसंद आता है. जिसके लिए वह भारत से बाहर दूसरे देशों में जाते हैं, लेकिन भारत में भी हिल स्टेशन्स की कमी नहीं है. जैसे तमिलनाडु के छोटे और अनगिनत नज़ारों को समेटे यरकौड, जो फैमिली वेकेशन के लिए बेहतरीन जगह है. मसालों के बगीचे से आती खुशबू और दूर-दूर तक फैले संतरे के पेड़ इस जगह को और भी खास बनाते हैं.

हरियाली से ढका है यरकौड लेक

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शहर के बीचों-बीच में यरकौड लेक को एमरल्ड लेक और बिग लेक के नाम से भी जाना जाता है. चारों ओर फैली हरियाली यरकौड की इस लेक को और ज्यादा ब्यूटीफुल बनाती है. अगर आप पहाड़ों पर घूमकर थक जाएं या फिर धूप से परेशान हो तो यहां बोटिंग का औप्शन भी है. लेक के आसपास बहुत सारी दुकानें हैं जिनमें आप यहां के ट्रैडिशनल और टेस्टी फूड को खाने के साथ ही गिफ्ट आइटम्स की भी खरीददारी कर सकते हैं.

पैगोडा प्वाइंट के बिना अधूरा है यरकौड का सफर

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अगर आप सोशल मीडिया पर कोई ऐसी फोटो पोस्ट करने की सोच रहे हैं जिससे आपके फौलोअर्स तुरंत बढ़ जाए तो पैगोड़ा प्वाइंट है बेस्ट प्लेस. यरकौड का सफर पेगोडा प्वाइंट को देखे बिना अधूरा है. यरकौड पहाड़ी के पूर्व में बसे इस प्वाइंट से पूरे शहर का नज़ारा बड़ा ही सुंदर नज़र आता है. इस जगह के ऐसे नाम के पीछे वजह यहां पत्थरों से बनी एक ऐसी संरचना है जो देखने में बिल्कुल पेगोडा लगता है.

यरकौड़ के नज़ारों जितना ही पौप्युलर है बियर केव

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नज़ारों के जितना ही पौपुलर है यरकौड की ये जगह. बियर केव बहुत ही अच्छी जगह है जहां जाकर अपना अच्छा टाइम बिता सकते हैं. एक जमाने में ये गुफा भालुओं का घर था. इतना ही नहीं ये गुफा 18वीं शताब्दी में महाराजा टीपू सुल्तान का गुप्त जगहों में शामिल थी. जिसे बाद में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था.

लेडीज़ सीट में अग्रेजों की पत्नियां करती थीं किटी पार्टी

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ये यरकौड की ऐसी जगह है जो ब्रिटिश काल से जुड़ी हुई है और इस नाम के पीछे की कहानी भी बड़ी मज़ेदार है. दरअसल अंग्रेज शासकों की पत्नियां इस जगह का इस्तेमाल अपनी किटी पार्टीज़ के लिए किया करती थी. यहां से ढ़लते सूरज का नज़ारा बड़ा ही खूबसूरत होता है. जहां टूरिस्टों सुकून के पल बिताने आते हैं.

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