सोलो ट्रेवल पर किताबें पढ़ने का अलग ही मजा है. घर पर हम अक्सर समय निकालकर या जल्दी-जल्दी पढ़ते हैं, लेकिन ट्रेवल के दौरान 'स्लो रीडिंग' करें.
सोलो ट्रेवल में भारी-भरकम या बहुत ज्यादा जटिल थ्रिलर के बजाय ऐसी किताबें साथ रखें जो पढ़ने में सहज हों जैसे यात्रा वृत्तांत, संस्मरण या जीवनदर्शन से जुड़ी किताबें.
अगर फोटोग्राफी या स्केचिंग का शौक है, तो ऐसी जगहों पर वक्त बिताएं जहां हड़बड़ी न हो जैसे किसी कैफे या किसी पहाड़ी ढलान पर बैठकर प्राकृतिक दृश्यों को फ्रेम करना.
सोलो ट्रेवल में गप्पें मारने का सबसे बेहतरीन विकल्प है खुद से बातें करना. दिनभर आपने क्या देखा, क्या महसूस किया या कोई नया विचार आया, उसे अपनी डायरी में लिखें.
जिस जगह आप ठहरे हैं, वहां की स्थानीय कला को समझने की कोशिश करें.