ब्यूटी प्रोडक्ट्स में सोने का महीन चूर्ण या सोने के कागज जैसे पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है. त्वचा की कई समस्याएं दूर करने में सोने का महत्त्वपूर्ण योगदान है.

त्वचा और त्वचा की सुंदरता बढ़ाने में सोने का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है यह सवाल हर किसी के मन में उठ सकता है. इसीलिए आइए जानते हैं कि सोना हमारी त्वचा के लिए कितना और कैसे फायदेमंद साबित हो सकता है.

दूर करे दाग और झुर्रियां: झुर्रियां और दागरहित त्वचा हर किसी की चाहत होती है. सोने से त्वचा का ढीलापन दूर होता है और त्वचा कसावदार और चमकदार नजर आती है. त्वचा की कोशिकाएं सक्रिय होती हैं, जिस से झुर्रियां और दाग दूर होते हैं.

रक्तसंचार में वृद्धि: स्वर्णमिश्रित प्रोडक्ट्स से त्वचा में रक्तसंचार बढ़ता है. सोने में मौजूद घटक त्वचा की कोशिकाएं और धमनियों को उत्तेजित करते हैं जिस से त्वचा खिल उठती है और तरोताजा नजर आती है.

बढ़ती उम्र कम करे: रूखी त्वचा की वजह से व्यक्ति समय से पूर्व ही बूढ़ा नजर आने लगता है. सोने में मौजूद घटक त्वचा का रूखापन कम कर के त्वचा नम बनाते हैं, जिस से त्वचा पर झुर्रियां जल्दी नहीं पड़तीं.

कोलेजन पर नियंत्रण: 25 साल की उम्र के बाद त्वचा में कोलेजन का स्तर धीरेधीरे कम होने लगता है. लेकिन त्वचा पर सोने का इस्तेमाल करने से त्वचा में स्थित कोलेजन के स्तर में नियंत्रण बना रहता है.

सूर्य की किरणों से बचाव: सूर्य की तेज किरणों की वजह से त्वचा काली पड़ने लगती है और त्वचा में स्थित मेलालिन का स्तर बढ़ जाता है लेकिन स्वर्ण पैक, क्रीम या मौइश्चराइजर लगाने से त्वचा में स्थित मेलालिन कम किया जा सकता है.

ऐलर्जी का उपाय: कुछ बीमारियों का भी सोने से उपचार किया जा सकता है. इस में मौजूद औषधीय गुण और ऐंटी औक्सिडैंट्स त्वचा पर स्थित मुंहासे कम कर के त्वचा की ऐलर्जी दूर करते हैं और त्वचा में रक्तसंचार बढ़ाते हैं.

सूजन का उपचार: सोने में बैक्टीरिया विरोधी और सूजन विरोधी गुण होते हैं. ये त्वचा में औक्सीजन की उचित पूर्ति करते हैं जिस से त्वचा निर्जीव होने से बचती है. इस से सूजन और अन्य त्वचा विकारों का भी उपचार होता है.

त्वचा बने तरोताजा व चमकदार: उम्र के साथसाथ त्वचा का लचीलापन कम होता जाता है. स्वर्ण प्रोडक्ट त्वचा का लचीलापन बनाए रखते हैं और त्वचा को फटने से बचाते हैं. त्वचा तरोताजा और चमकदार बनती है.

त्वचा निखर उठे: स्वर्ण प्रसाधनों में मौजूद घटक त्वचा का रक्तसंचार बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं. इस से त्वचा की कोशिकाएं उत्तेजित होती हैं. त्वचा का लचीलापन बढ़ता है और झुर्रियां कम होती हैं. साथ ही त्वचा निखर उठती है.

मुंबई, दादर स्थित स्पा इमेज ब्यूटी क्लीनिक ऐंड इंस्ट्टियूट की प्रसिद्ध ब्यूटी थेरैपिस्ट अर्चना प्रकाश बताती हैं कि सौंदर्य जगत में स्वर्ण यानी गोल्ड की विशेषता को देखते हुए लोगों का गोल्ड ब्यूटी ट्रीटमैंट की ओर रुझान हर देश में बहुत बढ़ा है और इसी वजह से भारत में भी गोल्ड ट्रीटमैंट को महत्त्व खूब दिया जा रहा है. जब किसी लड़की की त्वचा बिलकुल निर्जीव, निस्तेज और काली पड़ जाती है, तो उसे कितना नरिश करने की कोशिश की जाए, त्वचा को कोई फायदा नहीं होता. दरअसल, त्वचा की प्रतिकार शक्ति कम होती जाती है. त्वचा कोई भी ट्रीटमैंट स्वीकार नहीं करती.

तब ऐसी त्वचा पर ट्रीटमैंट करने से पहले गोल्ड फेशियल या स्वर्ण स्पर्श ट्रीटमैंट किया जाता है. इस ट्रीटमैंट में पहले स्क्रबिंग कर के डैड स्किन निकाली जाती है फिर त्वचा की टोनिंग की जाती है. फिर 24 कैरेट गोल्ड जैल ले कर फेशियल करते हुए त्वचा की मसाज की जाती है. फिर गैलवेनिक मशीन से त्वचा को हलका करंट दिया जाता है. इस से त्वचा की प्रतिकार शक्ति बढ़ती है और दूसरा कोई भी ट्रीटमैंट लेने के लिए त्वचा फिर से तैयार होती है. इस के बाद उसे उस की त्वचा की समस्या के अनुसार दूसरा ट्रीटमैंट दिया जाता है.

सोने के गहने, जो हम पहनते हैं उन का लगातार त्वचा से स्पर्श बना रहना हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है.

VIDEO : एविल आई नेल आर्ट

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