आजकल फैशन के चक्‍कर की मारी हमारी युवा पीढ़ी कई तरह के प्रयोग करने से पीछे नहीं हटती. वो खुशी-खुशी नाभि में छेद यानी की पियर्सिंग करवा रही हैं. लेकिन देखा-देखी में ऐसा करना कहीं महंगा ना पड़ जाए क्‍योंकि जब पियर्सिंग करवाई जाती है, तब इसे पूरी तरह से ठीक होने में तकरीबन 3-4 महीने तक का समय आराम से लग जाता है. साथ ही इसको सुरक्षित रखने के लिये भी अपनी दिनचर्या में कई अहम बदलाव करने पड़ सकते हैं. यदि आप भी अपनी नाभि छिदवाने का शौक रखती हैं, तो आपको इन बातों का खास ख्‍याल रखना जरुरी है.

नाभि साफ करें : छोटी सी नाभि में बहुत सारी गंदगी छिपी रहती है. तो इसलिये आप जब भी पियर्सिंग करवाने किसी क्‍लीनिक में जाएं, तो इयरबड से अपनी नाभि साफ करते हुए जाएं. आप चाहें तो इसे किसी लोशन से भी साफ कर सकती हैं, लेकिन इस बात का ख्‍याल रखें की नाभि को साफ करते वक्‍त जादा अंदर तक ना जाएं.

छेड़खानी ना करें : नई-नई पियर्सिंग देखने तथा दिखाने में बड़ी ही अच्‍छी लगती है, लेकिन कभी उससे छेड़खानी ना करें. वरना उसे ठीक होने में समय लग जाएगा तथा उसमें संक्रमण होने का खतरा भी दोगुना हो जाएगा.

सोने का तरीका : अगर आपको पेट के बल पर सोने की आदत है, तो ऐसा ना कर के पीठ के बल पर सोना शुरु करें. वरना घाव और ज्‍यादा गहरा होगा तथा अन्‍य समस्‍याएं भी शुरु हो जाएंगी.

हरदम ज्‍वैलरी ना बदलें : बार-बार ज्‍वैलरी बदलने से त्‍वचा को और ज्‍यादा नुक्‍सान होगा. इसलिये एक बार इसे पूरी तरह से ठीक हो जाने दें, फिर नई-नई ज्‍वैलरी से प्रयोग करें.

ढीले कपड़े पहने : पियर्सिंग करवाने से पहले टाईट टी-शर्ट या टाईट जींस बिल्‍कुल भी ना पहने. इससे शरीर से कपड़ा रगड खाएगा और फिर दर्द तथा घाव भरने में समय लगेगा. इसलिये कुछ महीनों के लिये आपको ढीले-ढाले पैजामें तथा लूज टौप पहनने होंगे.

भरोसेमंद ब्रांड के आभूषण खरीदें : हो सकता है आपको सड़क किनारे से कोई खूबसूरत ज्‍वैलरी पसंद आ जाए और आप उसे ही खरीद लें. लेकिन सावधान रहें, ऐसा बिल्‍कुल ना करें क्‍योंकि इससे संक्रमण होने का खतरा हो सकता है. कुछ धातुओं से शरीर की त्वचा को एलर्जी होती है और यह नुकसानदेह हो सकता है.

Tags:
COMMENT