गृहशोभा विशेष

कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सवों में धूम मचाने के बाद मूलतः अंग्रेजी भाषा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘‘अन इंडियन’’ में पहली बार आस्टेलिया के मशहूर क्रिकेटर ब्रेट ली, भारतीय अदाकारा तनिष्ठा चटर्जी के साथ मुख्य भूमिका में हैं. मगर यह इंडियन क्रास ओवर फिल्म स्वाभाविक घरेलू नाटकीय दृश्यों से युक्त मुंबइया मसाला फिल्म के अलावा कुछ नही है. सिडनी में फिल्मायी गयी यह फिल्म अब 19 अगस्त को भारतीय सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है.

आस्ट्रेलिया में बसे एक भारतीय परिवार के इर्द गिर्द यह कहानी घूमती है. एक कंपनी में मार्केटिंग से जुड़ी मीरा (तनष्ठिा चटर्जी) अपनी माता (सुप्रिया पाठक) व पिता (आकाश खुराना) के घर में उन्ही के साथ अपनी बेटी स्मिता (बेबी माया सथी) के साथ रहती है. उसका अपने पति दीपक (गुलशन ग्रोवर) से तलाक हो चुका है. मीरा की मां, मीरा की दुबारा शादी कराना चाहती हैं. उसे चिंता है कि उनके न रहने के बाद मीरा का भविष्य क्या होगा. जबकि मीरा को अब शादी में कोई रूचि नहीं है. वह अपनी बेटी स्मिता को भी खुद से जुदा नहीं होने देना चाहती. मीरा की मां को लगता है कि उनकी बेटी मीरा आस्ट्रेलिया में रहते हुए धीरे धीरे माडर्न होती जा रही है. उन्हे मीरा के आधुनिक पहनावे पर भी एतराज है.

आस्ट्रेलिया में बसे भारतीयों द्वारा होली का बहुत बड़ा जश्न मनाया जाता है. इसी जश्न में मीरा भी अपनी बेटी व माता पिता के साथ शामिल हुई है. जहां मीरा की मां मीरा की मुलाकात हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टर समीर (निकोलस ब्राउन) से कराती है, क्योंकि मीरा की मां मीरा की शादी समीर से कराना चाहती हैं. समीर भी मीरा पर लट्टू हो जाते हैं. पर मीरा को समीर में कोई रूचि नहीं है. इसी होली की पार्टी में मीरा के हाथों सफेद जैकेट पहने हुए विल (ब्रेट ली) की सफेद जैकेट पर लाल रंग पड़ जाता है. इसका बुरा मानने की बजाय विल होली खेलना शुरू कर देते हैं. पर वह मन ही मन मीरा पर लट्टू हो जाते हैं.

विल अंग्रेजी भाषा के शिक्षक हैं, जो कि लोगों को आस्ट्रेलियन अंदाज में अंग्रेजी बोलना सिखाते हैं. उनके विद्यार्थियों में दूसरे देशों के साथ साथ भारतीय भी हैं. होली की पार्टी के बाद से विल, मीरा की तलाश शुरू कर देते हैं. वैसे विल का भारतीय दोस्त टी के (अर्का दास) उसकी मदद को आगे आता है. टी के ही डिजीटल मीडिया के लिए कूकिंग का कार्यक्रम बनाने के लिए विल को अपने साथ कैमरामैन के रूप में मीरा के घर ले जाता है. पर वहां भी ऐन वक्त पर समीर पहुंच जाता है और मीरा की मां के कहने पर वह कैमरामैन की तरह काम करने लगता है. पर इस बीच विल, स्मिता से दोस्ती कर लेता है. उसके बाद मीरा व विल की मुलाकातें बढ़ती हैं. मीरा की मां विल को पसंद नहीं करती. उसका मानना है कि वह लोग भारतीय हैं, जबकि विल आस्ट्रेलियन है. दोनो की सभ्यता व संस्कृति में जो अंतर है, उसके कारण शादी सफल नहीं हो सकती.

मीरा, विल की विद्यार्थी प्रिया (सराह राबर्ट) को नौकरी पाने में मदद करती है और एक दिन मीरा, विल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है. विल एक संदेश लिखकर फूलों का गुलदस्ता मीरा को भेजता है, जिसे सबसे पहले मीरा की बेटी स्मिता देखती है और वह नाराज हो जाती है. यह बात फोन करके मीरा, विल को बताती है. विल वहां जाता है, जहां  गेम खेलने के लिए स्मिता गयी है. विल उसे समझाने में कामयाब हो जाता है.

फिर शनिवार की छुट्टी की रात विल, मीरा के साथ मनाना चाहता है. पर मीरा यह कह कर मना कर देती है कि उसे अपनी दोस्त शांति (पल्लवी शारदा) के साथ जाना है. शांति उसे रात्रि भोज के लिए होटल ले जाती है, जहां समीर भी होता है. अनचाहे मीरा को समीर से बात करनी पड़ती है. दूसरे दिन सुबह समीर, विल के सामने मीरा से पूछ देता है कि शनिवार की रात उसे समीर के आनंद आया होगा. यह सुनकर विल को गुस्सा आ जाता है और वह मीरा से दूर हो जाता है. पर फिर स्मिता की वजह से दोनों नजदीक आ जाते हैं.

इसके बाद स्कूल के कार्यक्रम के लिए विल व मीरा, स्मिता को विदा करने के बाद प्रेम में खो जाते हैं और मीरा के ही बेडरूम में दोनो रात भर हम बिस्तर रहते हैं. सुबह जब इसका पता मीरा के माता पिता को लगता है, तो वह नाराज होते हैं और तब पता चलता है कि पहला तलाक होने में मीरा की गलती नहीं थी. मीरा का पहला पति दीपक ‘गे’ था, जिसे वह प्रयास करके भी सुधार न सकी.

अब स्मिता ने विल के साथ अपने पापा दीपक से मिलना शुरू कर दिया. पहले विल पूरा समय दीपक के घर पर स्मिता के साथ मौजूद रहता था. पर इसकी भनक मीरा को नहीं थी. एक दिन वह स्मिता को दीपक के पास छोड़कर बाहर आ जाता है, जहां वह मीरा से मिलता है. बात बात में वह बता देता है कि स्मिता अपने पापा के साथ है. मीरा नाराज होने के साथ दीपक का सच बता देती है. दीपक ताकतवर है और वह स्मिता को भारत ले जाना चाहता है. तुरंत विल, दीपक के घर के लिए भागता है. पता चलता है कि दीपक, स्मिता के साथ भारत के लिए निकल चुका हुआ है. पर विल उसे पकड़ लेता है. मीरा पुलिस के साथ पहुंचकर दीपक को गिरफ्तार कर लेती है. अब मीरा, विल से संबंध खत्म करने की बात कहती है. पर अंततः विल और मीरा एक हो जाते हैं. अब मीरा के माता पिता भी विल को स्वीकार करते हुए कहते है कि चलो अब उनकी अगली पीढ़ी के बच्चे भी गोरे होंगे.

यदि हम इस बात को नजरंदाज कर दें कि आस्ट्रेलिया में रह रही एक भारतीय महिला एक आस्ट्रेलियन युवक से प्यार करने लगती है और दोनों शादी कर लेते हैं, तो इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में कुछ भी नयापन नहीं है. कथानक के स्तर पर भी कोई नवीनता नहीं है. इंटरवल के बाद फिल्म को जबरन खींचे जाने का अहसास होता है. फिल्म की लंबाई बड़ी आसानी से कम की जा सकती है. फिल्म की शुरूआत से ही दर्शक समझ जाता है कि फिल्म का अंत क्या होगा. मीरा के पूर्व पति द्वारा अपनी बेटी को अपने साथ ले जाने का मुद्दा फिल्म में उभर ही नहीं पाया.

जहां तक अभिनय का सवाल है, तो तनिष्ठा चटर्जी एक उत्कृष्ट अदाकारा हैं, इसमें कोई दो राय नही है. उन्होने इस फिल्म में एक बार फिर बेहतरीन अभिनय किया है. सुप्रिया पाठक, गुलशन ग्रोवर भी अपनी भूमिका में जमें हैं. पल्लवी शारदा ने यह फिल्म क्यों की, यह बात समझ से परे है. मगर क्रिकेटर ब्रेट ली भी बेहतरीन अभिनय कर सकते हैं, यह कोई सोच नहीं सकता, पर उन्होने अच्छी परफार्मेंस दी है.

फिल्म में तनिष्ठा चटर्जी के होने का अर्थ सेक्स सीन का होना अनिवार्य सा हो गया है. अब तक मैने तनिष्ठा चटर्जी की जितनी भी फिल्में देखी हैं, उन सभी फिल्मों में उनके सेक्स सीन जरुर नजर आए हैं. जहां तक फिल्म ‘‘अन इंडियन’’ का सवाल है, तो यदि इसमें तनिष्ठा चटर्जी और ब्रेट ली के बीच हम बिस्तर होने का सीन न होता तो भी फिल्म पर असर न पड़ता. तनिष्ठा चटर्जी जैसी अदाकारा को सेक्स दृश्यों की जरुरत क्यों पड़ती है, यह समझ से परे है.

पटकथा लेखक तुषी साथी ने फिल्म के अंदर नस्लवाद/रंगभेद, कम्यूनिटी, अप्रवासी भारतीयों के पूजा पाठ, आत्मप्रशंसा व आत्मनिंदा को बहुत भद्दे ढंग से फिल्म का हिस्सा बनाया है. अंग्रेजी भाषा की इस फिल्म में पंजाबी गाना भी है. कुछ संवाद हिंदी में भी हैं. अति साधारण व कई कमियों के बावजूद समय बिताने के लिए यह फिल्म देखी जा सकती है.

मूलतः अंग्रेजी भाषा में बनी एक घंटे 42 मिनट की इस फिल्म का निर्माण अनुपम शर्मा और लिसा डिफ ने मिलकर किया है. फिल्म के निर्देशक अनुपम शर्मा, लेखक तुषी साथी, संगीतकार सलीम सुलेमान, कैमरामैन मार्टिन मैकग्राथ हैं. फिल्म के कलाकार हैं-ब्रेट ली, तनिष्ठा चटर्जी, सुप्रिया पाठक, आकाश खुराना, पल्लवी शारदा व अन्य.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं