गृहशोभा विशेष

‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कस्तूरी’, ‘दो हंसों का जोड़ा’, ‘चिडि़याघर’ आदि कई धारावाहिकों में सफल भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री शुभांगी अत्रे पूरे अब ऐंड टीवी के चर्चित धारावाहिक ‘भाभीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी की भूमिका निभा रही हैं. शुभांगी को धारावाहिक ‘भाभीजी घर पर हैं’ से पहचान मिली.

इस धारावाहिक में उन के किरदार का जिंदादिल अंदाज और  बोलचाल का तरीका दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है. शुभांगी भी अपने इस किरदार को काफी ऐंजौय कर रही हैं.

शुभांगी स्वभाव से शांत और हंसमुख हैं. मराठी परिवार में जन्मी शुभांगी इंदौर की है. एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन की शादी पियूष पूरे से हुई, जो एक विज्ञापन कंपनी में काम करते हैं. उन की 11 वर्ष की 1 बेटी आशी है. शुभांगी के पति पियूष भी काफी हंसमुख स्वभाव के हैं.

शुभांगी को बचपन से ही कुछ अलग करने की इच्छा थी. उन्होंने कत्थक डांस भी सीखा है. उन के यहां तक पहुंचने में उन के मातापिता और पति पियूष पूरे का बहुत सहयोग रहा है. आइए, उन्हीं से जानें उन की सफलता का राज:

आप की नजर में सफलता क्या है?

सफलता जीवन की सब से हाई पौइंट होती है. इस में जरूरी होता है कि आप ग्राउंडेड रहें. उसे ऐंजौय करें, पर सिर के ऊपर से न जाने दें. सफलता क्षणिक होती है. इस इंडस्ट्री में तो सफलता को आप कभी प्रिडिक्ट नहीं कर सकते. मुझे जब यह शो मिला, तो मैं थोड़ी नर्वस थी, पर मेहनत और लगन से दर्शकों का दिल जीत पाने में सफल रही. आगे भी यही कोशिश रहेगी कि अपने काम को पूरी ईमानदारी से करूं और ऐसे किरदार निभा सकूं जो दर्शकों को लंबे समय तक मेरी याद दिलाते रहें.

आप की कामयाबी में परिवार का खास कर पिता का कितना सहयोग रहा है?

पिता की ट्रांसफर वाली जौब थी, लेकिन जहां जो सुविधा मिली मैं करती गई. मैं ने पढ़ाई के साथसाथ डांस भी सीखा. पिता कहते रहते हैं कि हमेशा आगे बढ़ते रहो. अगर पानी भी एक जगह ठहर जाए तो सड़ जाता है. हम 3 बहनें हैं.

पिता ने हम तीनों को महत्वाकांक्षी बनाया है. उन्होंने हमे मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत स्ट्रौंग बनाया है. पिता की दी हुई सीख आज भी मेरे बहुत काम आ रही है.

यहां तक पहुंचने में आप को कैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

यहां तक पहुंचने के लिए अनुशाषित होना, निष्ठापूर्वक काम करना और ईमानदार होना बहुत जरूरी है. यह सब कुछ अगर आप के पास है तो कोई आप को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता. यहां आप को बहकाने वाले बहुत मिल जाएंगे. पर आप को समझना होगा कि कौन सही है और कौन गलत. पिछले 10-11 सालों में मैं यह समझ चुकी हूं. इस इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले धैर्य के साथ सही समय का इंतजार करें.

क्या आप को लड़की होने का कोई मलाल है?

नहीं, मैं हर जन्म में लड़की ही होना चाहती हूं. अपनेआप को कंप्लीट मानती हूं, क्योंकि मैं इस धरती की सब से खूबसूरत क्रिएशन हूं. मुझे ऐसा लगता है कि जो काम खूबसूरती से एक लड़की कर सकती है वह और कोई नहीं कर सकता.

टीवी की दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा?

संघर्ष इस बात का रहा कि मुझे यहां तक का रास्ता पता नहीं था. मैं पुणे में पति और बेटी के साथ रहती थी. वहां एक छोटा सा एड करने पर मुझे 2500 रुपए मिले थे. उस एड के फोटोग्राफर ने ही मुझे पोर्टफोलियो बनाने की सलाह दी थी, क्योंकि मेरा चेहरा इंडियन लुक में फिट बैठता है. उस फोटोग्राफर की सलाह मान कर मैं ने अपना पोर्टफोलियो बनवा लिया और सभी प्रोडक्शन हाउसों में दे दिया. और फिर एक दिन मेरी मेहनत रंग लाई. जानीमानी निर्मातानिर्देशक एकता कपूर ने मुझे धारावाहिक ‘कसौटी जिंदगी की’ में काम करने का मौका दिया. सही मायनों में इस धारावाहिक में काम मिलना ही मेरे जीवन का टर्निंग पौइंट रहा.

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