आशुतोष गोवारीकर के धारावाहिक ‘एवरेस्ट’ में मजबूत अभिनय कर चर्चा में आने वाली टीवी अभिनेत्री शमता अंचन ने मौडलिंग से अपने कैरियर की शुरुआत की. मुंबई की शमता को बचपन से ही अभिनय की इच्छा थी, जिस में साथ दिया उन के मातापिता ने. उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा अच्छा और गुणवत्तापूर्ण काम करने की सलाह दी. स्वभाव से नम्र शमता के लिए अभिनय के क्षेत्र में आना मुश्किल नहीं था क्योंकि उस ने कैरियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में मौडलिंग से की थी.

उसी दौरान आशुतोष ने उस के एक टीवी विज्ञापन को देखा. उन्हें एक नए चेहरे की तलाश थी, जिस के लिए स्क्रीन टैस्ट के बाद उस का चयन हो गया. इस के बाद उसे करीब डेढ़ साल बाद जी टीवी के धारावाहिक ‘बिन कुछ कहे’ में काम मिला, जिस की पूरी शूटिंग राजस्थान के जयपुर में हो रही है. उन से मिल कर बात करना रोचक था.

एवरेस्टधारावाहिक आप का माइलस्टोन धारावाहिक था, जिस से आप को अभिनय के क्षेत्र में आने का मौका मिला, अभी आप दूसरा धारावाहिक कर रही हैं, अपने आप में कितना बदलाव महसूस करती हैं?

‘एवरेस्ट’ सीरियल की टीआरपी अच्छी नहीं थी, लेकिन वह मेरे लिए एक यादगार धारावाहिक था. उस में ऐडवैंचर था, जो मुझे पसंद था. अब मुझे अलगअलग भूमिकाएं मिल रही हैं और मैं काम के साथ ग्रो कर रही हूं.

यह शो एक सीमित समय में खत्म होने वाला है, जबकि आजकल के टीवी शो सालोंसाल चलते हैं, आप को क्या पसंद है?

यह यूथ शो है और यूथ को ‘ड्रेगी शो’ अधिक पसंद नहीं आते. धारावाहिक ‘एवरेस्ट’ भी सीमित अवधि में खत्म हो गया था. मुझे ऐसे ही काम पसंद हैं. मेरे हिसाब से किसी की भी क्रिएटिविटी एक कहानी के लिए सीमित होती है, सालोंसाल उसे खींचते रहने से उस की आत्मा मर जाती है.

आप किस तरह की कहानी को अधिक पसंद करती हैं?

‘एवरेस्ट’ के बाद मुझे कोई अच्छी कहानी न तो किसी टीवी शो में मिली और न ही किसी फिल्म में. मैं हमेशा से एक अच्छी कहानी से अच्छी भूमिका निभाना पसंद करती हूं. मुझे सासबहू की कहानियां प्रेरित नहीं करतीं और न ही मैं देखती हूं. एवरेस्ट में मैं ने ऐडवैंचर और ड्रामा किया है. इस में मैं एक लाइट हार्टेड भूमिका में हूं, जिस में कौमेडी और रोमांस है. दोनों में मेरी भूमिका अलग है.

आप ने कभी अभिनय नहीं सीखा, ऐसे में पहली बार कैमरे के आगे खड़े होने का अनुभव कैसा था?

मैं ने मौडलिंग की है. इसलिए कैमरे का ऐंगल समझ में आ गया था. अभिनय नहीं किया था, उसे ही समझना पड़ा. मैं हर धारावाहिक से पहले वर्कशौप को अच्छी तरह अटैंड कर लेती हूं. इस से कुछ समझ में आ जाता है, बाकी अभिनय के दौरान सीख लेती हूं.

आजकल की अभिनेत्रियों द्वारा सोशल मीडिया पर काफी सारे पिक्चर अपलोड किए जाते हैं, जिन्हें बहुत लोग नापसंद करते हैं, और कुछ भी कमैंट लिखते हैं. आप की इस बारे में क्या राय है?

मेरे हिसाब से आप लोगों की नजर में होते हैं, ऐसे में आप की जिम्मेदारी बनती है कि आप कुछ भी सोशल मीडिया पर न तो कहें, न ही डालें. आप को सावधानी बरतनी चाहिए. क्योंकि आप के अभिनय से वे प्रभावित हो कर कई बार आप को आदर्श बना लेते हैं. पर ऐसे भी कुछ लोग होते हैं. जो पौपुलैरिटी को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं. अपनी ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ भी लिखते और पोस्ट करते रहते हैं. यह गलत है. मैं सोशल मीडिया पर अधिक ऐक्टिव नहीं हूं और ऐसी प्रतिक्रिया लिखने वाले लोगों को इग्नोर करती हूं.

आप की नजर में प्यार और रोमांस में अंतर क्या है?

प्यार तो सभी करते हैं, लेकिन रोमांस उस प्यार को भावनात्मक रूप से जाहिर करना है, जिसे अधिकतर लोग नहीं कर सकते. अगर आप किसी से प्यार करते हैं, तो उसे जाहिर करना भी जरूरी है.

आप के सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए?

अभी मैं ने इस बारे में सोचा नहीं है, पर मुझे केयरिंग, शेयरिंग और लविंग पार्टनर चाहिए.

आप के यहां तक पहुंचने में परिवार का कितना सहयोग रहा?

परिवार का हमेशा ही सहयोग रहा है, उन के बिना तो आप कुछ नहीं कर सकते. इस फील्ड में उतारचढ़ाव बहुत आते हैं, जिन में परिवार का सहयोग जरूरी है. मुझे इस बात की खुशी है कि मैं मुंबई से हूं और मेरा परिवार मेरे साथ है.

क्या फिल्मों में आने की इच्छा है?

बिलकुल, मैं इम्तियाज अली के साथ काम करना चाहती हूं.

किस बात से नाराज हो जाती हैं?

कोई अगर झूठ बोले तो मुझे गुस्सा आ जाता है.

घूमने जाना हो तो कहां जाना पसंद करेंगी?

मुझे घूमने जाना बहुत पसंद है. विदेश में मुझे पेरिस और स्पेन बहुत पसंद हैं और वहां जा कर तरहतरह के व्यंजन टेस्ट करने में मजा आता है. अपने देश में मुझे दार्जिलिंग जाने की इच्छा है.

आप फिटनैस पर कैसे ध्यान देती हैं?

मुझे अधिक ध्यान नहीं देना पड़ता क्योंकि मेरी शारीरिक बनावट ऐसी है कि मैं कभी मोटी नहीं होती. मैं बहुत फूडी हूं. मां के हाथ की बनी चिकनबिरयानी बहुत पसंद है.

कितनी फैशनेबल हैं?

अपने मूड के हिसाब से आरामदायक कपड़े पहनती हूं, जिस में जींस और टीशर्ट खास हैं. हाई हील्स मुझे जरा भी पसंद नहीं.

मेकअप कितना पसंद है?

लाइट मेकअप पसंद करती हूं.

आएदिन महिलाओं के साथ मोलेस्टेशन की घटनाएं होती हैं, आप किसे जिम्मेदार मानती हैं?

लोगों की सोच खराब है. हर महिला को कभी न कभी इस से अवश्य गुजरना पड़ता है. मां को इस की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी कि बचपन से ही अपने बेटों को महिलाओं की इज्जत करना सिखाएं.

यूथ लड़कियों के लिए क्या मैसेज देना चाहती हैं?

खुद में कौन्फिडैंस रखें और लोगों को यह न पता चलने दें कि आप काम के लिए कितना डेस्पेरेट हैं, इस से लोग आप का लाभ उठाते हैं. ऐसे में स्मार्ट होना चाहिए. साथ ही, अपनी शिक्षा पूरी करें. इस के बाद जो भी प्रोफैशन आप चुनेंगी, आप उस में अवश्य सफल होंगी.