गृहशोभा विशेष

बैंक का काम करने के लिए हर महिला को अलग से समय निकालना पड़ता है. हाउसवाइफ हो या कामकाजी महिला, दोनों को हर वक्त टेंशन रहती है. हाउसवाइफ को घरगृहस्थी के अनेक कामों और स्कूल से बच्चों के आने की चिंता रहती है तो कामकाजी महिला को अपना बैंक का काम पूरा करने की वजह से दफ्तर लेट पहुंचने की टेंशन होती है.

बैंकिंग से जुड़ी तमाम परेशानियों के समाधान के साथसाथ घर या आफिस से ही सारे ट्रांजेक्शन कर पाने की सुविधा या अपने अकाउंट में कितना पैसा है, इस की जानकारी हासिल कर पाना अब ई बैंकिंग या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बहुत आसान हो गया है. अब महिलाओं को पैसे निकालने या जमा करने के लिए स्लिप भरने, टोकन लेने और घंटों बरबाद करने की आवश्यकता नहीं है. आनेजाने में होने वाली परेशानी से भी अब वे बच सकती हैं और उस समय का उपयोग किसी रचनात्मक कार्य में कर सकती हैं. खरीदारी के झंझटों से भी ई बैंकिंग मुक्ति दिलाता है. घर से ही आप अपनी आवश्यकता की हर चीज आर्डर कर सकती हैं.

क्या है इंटरनेट बैंकिंग

इंटरनेट आधुनिक युग की ऐसी आश्चर्यजनक देन है, जिस ने दुनिया को बहुत छोटा कर दिया है और स्थिति यह हो गई है कि कहीं से भी बैठेबैठे आप विश्व में किसी से भी संपर्क स्थापित कर सकती हैं, शौपिंग कर सकती हैं या उपहार भेज सकती हैं. यात्रा पर जाना हो तो घर बैठे ही टिकट की बुकिंग हो जाती है. हर क्षेत्र में जब इंटरनेट ने अपना जाल फैला दिया है तो बैंकिंग की दुनिया इस से अछूती कैसे रह सकती है? यही वजह है कि सभी बैंक आज अपने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करा रहे हैं ताकि उन के नेटवर्क व सेवाओं का दायरा भी बढ़ सके. बैंकिंग अब किसी एक ब्रांच तक ही सिमट कर नहीं रह गई है, जिस में किसी व्यक्ति को कैश जमा करने या निकालने या बैंक स्टेटमेंट के लिए किसी की मदद लेनी पड़े. इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से आप घर से सारी जानकारी या ट्रांजेक्शन औनलाइन कर सकती हैं. इस से यह भी पता लगा सकती हैं कि चेक क्लीयर हुआ कि नहीं या वह पेंडिंग में क्यों पड़ा है.

इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बैंकों द्वारा अपने खाताधारकों को उन के खाते से व्यवहार (लेनदेन) की सुविधा प्रदान की जाती है. यूजर नंबर द्वारा जैसे ही बैंक की वेबसाइट पर ग्राहक लौगइन करता है, कोड नंबर द्वारा उस की पहचान की जाती है. इंटरनेट बैंकिंग का मुख्य उद्देश्य दुनिया के किसी भी कोने में बैठे बैंक के ग्राहक को पैसों के लेनदेन, ऋण, बिलों के भुगतान आदि की सुविधा प्रदान करना है. इस सुविधा को पाना भी बहुत आसान है. अपने बैंक में इंटरनेट लौगइन आईडी के लिए अप्लाई करें और कुछ दिनोें बाद वह आप तक पहुंच जाएगी.

इंटरनेट बैंकिंग के लाभ

एचडीएफसी बैंक, गाजियाबाद ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर धनंजय गुप्ता के अनुसार, इंटरनेट बैंकिंग से महिलाओं की जिंदगी में काफी परिवर्तन आया है, क्योंकि इस से वे अपनी अन्य जिम्मेदारियों को निभाते हुए आसानी से शौपिंग करने, बिजली या फोन का बिल भरने या औनलाइन टिकट बुक करने की सुविधाओं का सुरक्षित ढंग से लाभ भी उठा सकती हैं. पर औनलाइन बैंकिंग तभी करें जब शौपिंग साइट आप को बैंक की वेबसाइट तक पहुंचाए. पानी, बिजली, मासिक किस्तें आदि का दिशानिर्देश दे कर वे तारीख भूलने से बच सकती हैं. यह काम वे ईसीएम इलेक्ट्रोनिक्स क्लीयरिंग सर्विस द्वारा भी कर सकती हैं.

इंटरनेट बैंकिंग का एक अन्य फायदा यह है कि इस ने अकाउंट खोलने की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है और वह भी बहुत कम पेपरवर्क के साथ. यही बात अकाउंट बंद होने के समय लागू होती है. अब आप अपने बैंक की किसी स्थानीय ब्रांच में खुद जाए बिना भी बैंक लोन के लिए अप्लाई कर सकती हैं. इंटरनेट बैंकिंग की वजह से चूंकि बैंक से संबंधित हर प्रक्रिया ज्यादा सरल होने के कारण कम समय में पूरी होने लगी है, इसलिए एक ही साथ हजारों ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करना बैंकों के लिए भी आसान हो गया है. कमर्शियल बैंकों का इस वजह से प्रोफिट का मार्जिन बढ़ गया है और इस का लाभ वे अच्छी ब्याज दरों के रूप में ग्राहकों को प्रदान कर पा रहे हैं.

इंटरनेट बैंकिंग का सब से बड़ा फायदा यह है कि अब आप किसी भी समय अपने खाते से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल कर सकती हैं. यानी अब बैंकों के खुलने और बंद होने के समय व उस के अनुसार समय निकालने के लिए आप को अपनी दिनचर्या में किसी तरह का बदलाव करने की भी आवश्यकता नहीं. 24 घंटे बैंकिंग सुविधा का लाभ उठाने के साथसाथ आप को बैंक की पालिसियों से जुड़ी जानकारी, विभिन्न तरह के खातों पर ब्याज दरों की जानकारी भी घर बैठे हासिल हो जाती है. इस तरह से आप विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों की तुलना कर अपने लिए उपयुक्त प्लान का चुनाव कर सकती हैं. इस के जरिए फंड ट्रांसफर करना भी बहुत आसान हो गया है और 1 मिनट में एक से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर किया जा सकता है.

सेफ बैंकिंग टिप्स

इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने से पहले डिस्पले होने वाले डोमेन नाम को वैरीफाई करें. ब्राउजर के नीचे दाहिने तरफ लौक के साइन को देखें.

एड्रेस बार में बैंक की वेबसाइट का यूआरएल टाइप कर उस में जाएं.

उन ई मेलों का जवाब न दें, जो आप से आप के पासवर्ड या पिन नंबर की मांग करते हों.

यह याद रखें कि ई मेल के द्वारा बैंक कभी भी आप से अपने अकाउंट की जानकारी को वैरीफाई करने को नहीं कहेगा.

फ्री गिफ्ट्स के लालच में कभी भी अपने अकाउंट या कार्ड की जानकारी न दें.

कोई गलती होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें.

पब्लिक कंप्यूटर्स या साइबर कैफे से औनलाइन ट्रांजेक्शन कभी न करें.

किसी अन्य व्यक्ति से ट्रांजेक्शन के दौरान सहायता न लें.

अगर कहीं बाहर इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर रही हैं तो कभी भी कंप्यूटर से उसे बिना लौग औफ करे न उठें.

औनलाइन शौपिंग करने के बाद लेनदेन की हार्ड कापी अवश्य संभाल कर रखें.

आजकल अनेक बैंकों में भुगतान के बाद एसएमएस या ई मेल की सुविधा भी उपलब्ध है, इन सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है.

कंप्यूटर सेफ्टी

एंटी वायरस, एंटीस्पाइवेयर और फायरवाल सौफ्टवेयर को अपने कंप्यूटर पर इंस्टाल करें और उन्हें लगातार अपडेट करते रहें. अपने कंप्यूटर पर एंटीवायरस सौफ्टवेयर एप्लीकेशन डालें, जिस से अवांछित प्रोग्राम कंप्यूटर से दूर रहेंगे, साथ ही ट्रांजेक्शन करना भी सुरक्षित रहेगा.

काम पूरा होने के बाद अपने इंटरनेट होम पेज से लौगआउट करना कभी न भूलें और उस के बाद ब्राउजिंग हिस्ट्री को भी डिलीट कर दें.

निजी सूचनाएं

बैंकिंग संबंधी अपनी सभी सूचनाओं को गोपनीय रखें. अपना पिन या पासवर्ड किसी को न बताएं.

पासवर्ड ऐसा हो, जिस में अक्षर और नंबर दोनों हों. पासवर्ड चुनते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह आप के नाम, जन्मतिथि, बच्चे के नाम आदि पर न हो, क्योंकि ऐसे पासवर्ड को किसी के लिए भी क्रैक करना बहुत आसान होता है. अपने पासवर्ड को थोड़ेथोड़े दिनों बाद बदलती रहें.

सभी चीजों के लिए एक ही पासवर्ड यूज न करें. अलगअलग बैंकों और ई मेल अकाउंट के लिए अलगअलग पासवर्ड का प्रयोग करें.

बैंक संबंधी अपने किसी भी बेकार डोक्यूमेंट को ऐसे ही किसी डस्टबिन में न फेंकें. फेंकने से पहले उसे पूरी तरह फाड़ दें.

आरंभ में ट्रांजेक्शन की रकम छोटी ही रखें.

कई बार आप को ऐसे ई मेल मिल सकते हैं जिन में आप से आप का पासवर्ड और पर्सनल इन्फोरमेशन मांगी जा सकती है. ऐसा जताया जाता है जैसे यह मेल पुलिस या बैंक की तरफ से आया हो. ऐसे मेलों में लिंक दिया जाता है, जिस को फौलो करने को कहा जाता है. यह न करें. याद रखें कि पुलिस या बैंक को आप से आप का पासवर्ड या पिन मांगने का कोई अधिकार नहीं है. आप बैंक को फोन कर इस की सूचना दे सकती हैं. बैंक की साइट पर सीधी जाएं, किसी लिंक पर जाने की आवश्यकता नहीं है.

बैंकों की एसएमएस अलर्ट सर्विस का यूज करें. इस से आप को पता चल जाएगा कि आप के अकाउंट से कितना पैसा निकाला गया और कितना पैसा डाला गया.

अपने अकाउंट और ट्रांजेक्शन की हिस्ट्री थोड़थोड़े समय बाद चेक करती रहें.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं