बिना चीनी वाला भोजन न केवल कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचाता है, बल्कि वजन कम करने में भी मदद करता है. लेकिन ऐसे भोजन लेना शुरू करने से पहले कुछ चीजों को समझ लेना बेहद जरूरी है.

शुगरफ्री भोजन क्या है

शुगरफ्री भोजन का मतलब है कि उस में हर तरह की जरूरत से ज्यादा या छिपी चीनी का सेवन बंद. इस में सिंपल कार्बोहाइडे्रट भी शामिल हैं. रोजाना 350 कैलोरी से अधिक शुगर लेने से मोटापा, मधुमेह और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

इस के अलावा जरूरत से ज्यादा शुगर लेना शरीर के इम्यून सिस्टम को भी कमजोर बनाता है. कुछ लोग सोचते हैं कि शुगरफ्री भोजन का अर्थ है हर तरह की चीनी लेना बंद कर देना. लेकिन ऐसा नहीं है. इस में अनाज और फलों की मात्रा को कम करना चाहिए, लेकिन बंद बिलकुल नहीं करना चाहिए.

कैसे करता है काम

शुगरफ्री भोजन करने से ब्लड शुगर में अचानक बदलाव नहीं आता. इस में ज्यादा ग्लाइसेमिक से युक्त खाने वाली चीजें शामिल होती हैं, जिन का सीधा असर ब्लड शुगर और ग्लूकोज के स्तर पर पड़ता है. कम ग्लाइसेमिक से युक्त चीजें पचाने में ज्यादा मुश्किल होती हैं. इन्हें लेने से मैटाबोलिक रेट में सुधार होता है और आप पेट भरा हुआ महसूस करते हैं. आप के शरीर में प्रोटीन और वसा से ऊर्जा पैदा होती है. इस से धीरेधीरे वजन भी कम होने लगता है.

शुगरफ्री डाइट प्लान

ऐसे भोजन में कई खाने वाली चीजों को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है. कुछ को ही शामिल किया जाता है. खट्टे फल ज्यादा खाए जाते हैं.

क्या खाएं

– ज्यादा फाइबर वाली चीजें जैसे ब्रोकली, चाइना सीड, बैरी, टमाटर, भूरे चावल आदि.

– सेहतमंद वसा जैसे जैतून का तेल, अखरोट, बादाम, कद्दू के बीच आदि.

– खट्टी चीजें जैसे अचार, टोफू, सिरका, नीबू का रस आदि.

– चिकन बोन ब्रोथ, दालें, बींस, सालमन फिश, अंडे, कच्चा चीज आदि.

क्या न खाएं

– जंक फूड, मिठाई, कैंडी, फलों का रस.

– रिफाइंड अनाज से बनी चीजें.

– सोडा और मीठे पेय.

– गन्ने से बनी चीनी और टेबल शुगर.

शुगरफ्री भोजन के फायदे

– इस से वजन कम होता है और डायबिटीज की संभावना भी कम होती है.

– इस तरह का भोजन मोटापे से बचाता है और ब्लड शुगर का लैवल नौर्मल बनाए रखता है. ब्लड शुगर में अचानक उतारचढ़ाव नहीं आता.

– लंबे समय तक ऊर्जा देता है. आम चीनी सिंपल कार्बोहाइडे्रट होते हैं. ये जल्दी पचते हैं और तुरंत खून में चले जाते हैं. इस से ब्लड शुगर का लैवल बढ़ जाता है. लेकिन जैसे ही यह चीनी मैटाबोलाइज हो जाती है. ब्लड शुगर कम हो जाती है. शुगरफ्री चीजों को पचने में ज्यादा समय लगता है. इस से दिनभर ब्लड शुगर का लैवल एक जैसा बना रहता है.

– त्वचा को जवां और खूबसूरत बनाता है. शुगरफ्री भोजन के द्वारा आप एजिंग के लक्षणों को रोक सकते हैं.

– हर कोई जानता है कि रोजाना चीनी वाली चीजें खाने से वजन बढ़ता है, जिस का सब से ज्यादा असर पेट पर पड़ता है.

– चीनी वाला भोजन ब्लड शुगर को बढ़ाता है,  जिस से शरीर में इंसुलिन ज्यादा बनने लगता है, समय के साथ जरूरत से ज्यादा ग्लूकोज पेट पर जमने लगता है. विसरल फैट की ये कोशिकाएं सब से ज्यादा खतरनाक होती हैं, क्योंकि इन से ऐडिपोंिंकस और ऐडिपोज हारमोन बनते हैं, जो खून की नलियों और शरीर के अंगों में पहुंच कर सूजन पैदा करते हैं, दिल की बीमारियों और कैंसर तक का कारण बन सकते हैं. चीनी कम करते ही पेट पर जमी वसा कम होने लगती है और आप खतरनाक बीमारियों से बच जाते हैं.

– पाचनतंत्र की बात करें तो कम चीनी और ज्यादा फाइबर वाला भोजन आप को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी आंतों का रोग, पेट फूलना, कैंडिडा, बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाए रखता है.

– चीनी का सेवन कम करने से फैटी लिवर रोग की संभावना कम हो जाती है. आप कई तरह के कैंसर से भी बचे रहते हैं.

– शुगरफ्री भोजन के द्वारा शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है.

– कैंडिडा वायरस के इलाज में भी शुगरफ्री भोजन लेने की सलाह दी जाती है.

– श्रुति शर्मा, बैरिएट्रिक काउंसलर ऐंड न्यूट्रिशनिस्ट, जेपी हौस्पिटल, नोएडा