गृहशोभा विशेष

सर्दियों का मौसम और इस मौसम की सर्द हवाएं अपने साथ साथ आलस लेकर आती हैं. आलस की वजह से लोग अपने शरीर खासतौर से अपने दिल को तंदुरुस्त रखने पर ध्यान नहीं देते. जिसकी वजह से सबसे ज्‍यादा परेशानी उन लोगों को होती है जो दिल और फेफड़ों के मरीज हैं.

डाक्टरों का कहना है कि ठंडे मौसम की वजह से दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिल में रक्त और आक्सीजन का संचार कम होने लगता है. इससे हाइपरटेंशन और दिल के ब्लड प्रेशर के बढ़ने सम्बन्धी समस्या सामने आती है. ठंडे मौसम में ब्लड प्लेट्लेट्स ज्यादा सक्रिय और चिपचिपे होते हैं, इसलिए रक्त के थक्के जमने की आशंका भी बढ़ जाती है.

50 फीसदी तक बढ़ते हैं दिल के रोग

क्या आप जानती हैं कि सर्दियों के मौसम में सीने का दर्द और दिल के दौरे का जोखिम 50 फीसदी तक बढ़ जाता है. इस मौसम में दिन छोटे हो जाते हैं, धूप कम और हल्की निकलती है और लोग भी ज्यादा समय घर के अंदर ही रहना पसंद करते हैं. जिसकी वजह से मानव शरीर में विटामिन ‘डी’ की कमी भी हो जाती है. ऐसे में इस्केमिक हार्ट डिसीज, कंजस्टिव हार्ट फेल्योर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचाव के लिए सर्दियों में उचित मात्रा में धूप सेंकना बेहद ही जरूरी है.

बढ़ता है अवसाद

इस मौमस में अक्सर बड़ी उम्र के लोगों में सर्दियों से जुड़ा अवसाद देखने को मिलता हैं. अवसाद से पीड़ित लोग ज्यादा चीनी, ट्रांसफैट और सोडियम व ज्यादा कैलोरी वाला आरामदायक भोजन खाने लगते हैं, जो मोटापे, दिल के रोगों और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए यह बेहत ही खतरनाक साबित हो सकता है. इससे तनाव बढ़ता है और हाइपरटेंशन होने से, पहले से कमजोर दिल पर और दबाव पड़ जाता है. शरीर को गर्मी प्रदान करने के लिए हमारा दिल ज्यादा जोर से काम करने लगता है, रक्त धमनियां और सख्त हो जाती हैं. ये सब चीजें मिलकर हार्ट अटैक को बुलावा देती हैं.

सर्दियों में नजरअंदाज न करें सेहत

उम्रदराज और उन लोगों को, जिन्हें पहले से दिल की समस्याएं हैं, उन्हें छाती में असहजता, पसीना आना, जबड़े, कंधे, गर्दन और बाजू में दर्द के साथ ही सांस फूलने से सम्बन्धित समस्या बढ़ जाती है. जिसे नजरअंदाज करना उनके लिए और उनके दिल के लिए घातक हो सकती है. इसके बचाव के लिए नियमित रूप से व्यायाम करने के साथ ही संतुलित व पौष्टिक भोजन लेना आवश्यक है.

सर्दियों मे अपने दिल की हिफाजत के लिए अपनाएं ये उपाय

मौसम के हिसाब से अपने जीवनशैली में बदलाव लाएं, साथ ही सुबह जल्दी और देर रात तक बाहर रहने से परहेज करें.

ठंडे मौसम में वह व्यायाम करें, जो आपके शरीर को थकान का एहसास कराएं. जौगिंग, योग और एरोबिक्स करते हों, तो उसे जारी रखें.

सर्दियों में शराब और सिगरेट से दूर ही रहें तो अच्छा.

इस मौसम में अगर आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में कोई असामान्य बदलाव नजर आए, तो तुरंत अपने डाक्टर की सलाह लें.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं