रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (Respiratory infection) श्वासनली में होने वाला संक्रमण है जो किसी भी व्यक्ति को हो सकता है. खास तौर पर यह बच्चों को प्रभावित करता है. सर्दी, जुकाम और नजले के रूप में यह बेहद ही गंभीर समस्या है जो नाक, गला और श्वसन मार्ग पर प्रभाव डालता है.

लक्षण

इसके सामान्य लक्षणों में खांसी, नाक का बहना, गले में जलन और खुजलाहट आम है. इसके अलावा चिड़चिड़ाहट, गले में खुजली, बंद नाक, खांसी, नाक बहना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं.

बच्चों में रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के कारण

श्वसन मार्ग के निचले हिस्से में रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन का प्रमख कारण वायरल इफेक्ट है जो नाक और गले में दिखाई देता है. छोटे बच्चों में यह प्रभाव फेंफडों, श्वास नली और श्वसन मार्ग में दिखाई देता है. एसके अन्य कारण इस प्रकार है-

आसपास के वातावरण द्वारा

बच्चों में रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन को बढ़ावा देने में विभिन्न प्रकार के जिवाणु अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिन बच्चों में बहती नाक जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं यह रोग उन बच्चों को आसानी से अपने कब्जे में ले लेता है.

अगर कोई व्यक्ति खासी, जुकाम आदि से ग्रसित है तो जब वह खांसता या छींकता है तो यह वायरस द्वारा अन्य लोगों में भी फैल जाता है. यह बच्चों को जल्दी और आसानी से अपनी चपेट में ले लेता है.

साफ सफाई का ध्यान न रखना पर

साफ सफाई का उचित ध्यान न रखना भी इन्फेक्शन का एक प्रमुख कारण है. अगर बच्चा ज्यादा छोटा है तो उसके डायपर और कपड़ों पर खास ध्यान देना चाहिए. कई बार यूरिन आदि की ठीक तरह से सफाई न होने की वजह से भी यह परेशानी आती है.

बारिश में भीगने से

बच्चों को बारिश में खेलना और भीगना पसंद होता है और न चाहते हुए भी कई बार आप उन्हें को भीगने से नहीं रोक पातीं. ऐसे में अगर बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत नहीं है तो इन्फेक्शन की समस्या जल्द ही उसे अपना शिकार बना लेती है.

बचाव के उपाय

रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन से बचने के लिए साफ सफाई पर ध्यान देना बेहत जरूरी है. अपने आस पास और अपनी चीजो खासकर कपड़े, रुमाल आदि को साफ रखें.

तुलसी और शहद दोनों ही औषधिय रूप से शरीर पर असर करते हैं. जहां तुलसी में संक्रमण को कम करने का गुण पाया जाता है वहीँ शहद प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में सहायक है. रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के बचाव के लिए तुलसी के पत्तों का रस निकालकर शहद के साथ सेवन करना फायदेमंद होता है.

रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन से गले में खिचखिच या खुजली का अहसास होना आम परेशानी है. इसके लिए नमक मिले गुनगुने पानी से गरारा करने पर आराम मिलता है.

अगर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन की समस्या बहुत गंभीर रूप ले चुकी हो तो वेक्सिन द्वारा इसका इलाज किया जाना चाहिए, जिससे रोगी को जल्दी राहत मिल सके.