पेड़-पौधों के लिए धूप बहुत जरूरी होती है, लेकिन कुछ ऐसे भी पौधे होते हैं जिनको धूप की ज्यादा जरूरत नहीं होती. जहां धूप कम आती है ऐसे स्थान पर खूबसूरत पत्तियों वाले विभिन्न प्रकार के पाम, फाइकस, फर्न, मनीप्लांट, क्रोटन, मोनेस्टरा आदि लगा सकती हैं.

– बालकनी की दीवारों और उसकी बीम पर गमलों को लटका सकती हैं. आजकल लोहे के तार पर प्लास्टिक चढ़ी टोकरियां भी आती हैं, जिनमें पौधे लटका सकती हैं.

– बालकनी में यदि रेलिंग है तो उसमें गमले रखे जा सकते हैं. बस एक बात का ध्यान रखें कि गमलों के नीचे ऊंचे किनारों वाली एक तश्तरी जरूर रखें, इससे पानी नीचे नहीं गिरेगा.

– रेलिंग के आसपास अंगूर की बेल या टिकोमा आदि लटका सकती हैं. इससे बालकनी की खूबसूरती और बढ़ जाएगी.

– अगर बालकनी बहुत छोटी है तो गमले रखने की बजाय केवल लटकने वाले पौधे लगाएं.

– बालकनी में चीनी मिट्टी, लकड़ी, प्लास्टिक या बांस की बनी चीजों का उपयोग पौधा लगाने में कर सकती हैं.

– यदि बालकनी बड़ी है तो गमलों में सब्जियां मसलन पालक, बैंगन, टमाटर, भिंडी, हरी धनिया, मिर्च, करेला, बंदगोभी, गोभी, मटर आदि लगाकर ताजी सब्जियों का स्वाद ले सकती हैं.

– बरसात के मौसम में जहां बालसम, गमफरीना, नवरंग, मुर्गकेश आदि के पौधे लगाए जा सकते हैं तो वहीं सर्दियों के मौसम में पैंजी, पिटुनिया, डहेलिया, गेंदा, गुलदाऊदी आदि लगाए जा सकते हैं.

– बारहमासी फूलों के पौधे जैसे गुड़हल, गुलाब, रात की रानी, बोगनवेलिया, टिकोमा आदि भी लगाए जा सकते हैं.

यह जरूरी नहीं है कि आप बालकनी में ढेरों पौधे लगाएं. आप उतने ही पौधे लगाएं जिनकी देखरेख आसानी से कर सकती हैं. पौधों युक्त बालकनी न सिर्फ आपके दिल-दिमाग को सुकून पहुंचाती है, बल्कि देखने वालों को भी सुकून पहुंचाती है.