गृहशोभा विशेष

टेरेस गार्डन की ख्वाहिश रखने वाले कम नहीं है. बारिश भी आने ही वाली है और बारिश का मौसम इस इच्छा को पूरी करने के लिए अनुकूल भी है. जानिये छत पर हरियाली लाने के इंतजामों से जुड़ी कुछ बातें.

वॉटर प्रूफिंग सबसे पहले-

गार्डन तैयार करने से पहले पूरी छत पर वॉटर प्रूफिंग बेहद जरूरी है. इसके बिना यह हरियाली आपको सुकून नहीं पहुंचा सकती क्योंकि लगातार बनी रहने वाली नमी नीचे की दीवारों पर फैल सकती है और उन्हें कमजोर बना सकती है.

अनुकूल मौसम-

छत पर गार्डन लगाने की तैयारी करने के लिए बारिश का मौसम सबसे अच्छा है. बरसाती मौसम में मिट्टी फटाफट सेटल हो जाती है और पौधों को भी तेजी से बढ़ने लायक माहौल मिलता है.

बची-खुची चीजों की खाद-

आप किचन की बची-खुची चीजों का उपयोग कर इस गार्डन की खाद को तैयार करने की कोशिश करें. मिट्टी के बारे में किसी जानकार से सलाह ले लें और फिर इस मिट्टी में किचन वेस्ट मिलाते रहें.

वजन का ध्यान-

छत पर वजन बढ़ाना किसी भी तरह से समझदारी का काम नहीं है. आप प्लास्टिक बैग्स का उपयोग करें. सीमेंट के भारी-भारी कुंडे रखन से बचें. इस तरह काफी खर्चा भी आप कम कर लेंगी.

क्या लगाएं छत पर-

आप छत पर टमाटर, भिंडी, बैंगन, पालक वगैरह आसानी से लगा सकते हैं. छत के आकार पर यह निर्भर करता है कि क्या-क्या आपको मिलेगा. कुछ लोग तो संतरा, अंगूर, नीबू, केला भी लगा लेते हैं. हाइब्रिड बीज आप लगा सकते हैं, ये टेरेस गार्डन के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. बेहद आसानी से मिल भी जाते हैं.

दिन में दो बार पानी जरूरी-

बरसात की बात तो जाने दें, लेकिन छत पर रखे पौधों को दिन में दो बार पानी देने की जरूरत अमूमन पड़ती है. वो सब्जियां या फल नहीं लगाए जाने चाहिए जिन्हें ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है. इससे घर में पानी की खपत भी बढ़ेगी तो इस गार्डन को सेट करने से पहले यह तय करें कि वाकई आप इतना पानी खर्च कर पाएंगे या नहीं.

सभी पौधों का ख्याल-

टेरेस पर मौजूद हर पौधे का ख्याल रखना आपकी जिम्मेदारी है इसलिए उसकी जरूरत और रखने की जगह तक की जानकारी आपको होना चाहिए. जगह के चुनाव से मतलब उसको मिलने वाली सूरज की रोशनी से है. कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें केवल पचास फीसद धूप की जरूरत होती है. जबकि गुलाब जैसे पौधों को 75 फीसद धूप की जरूरत होती है. इनके लिए जरूरी छांव का इंतजाम भी आपको ही करना है.

फायदे अनेक-

छत पर बगीचा होने का सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि घर के अंदर खासी ठंडक बनी रहेगी. जब इसमें सब्जियां उगने लगेंगी तो आसानी के साथ हफ्ते में चार दिन का कोटा यहां से पूरा किया जा सकता है. पक्षियों का आना-जाना यहां बढ़ेगा. तितलियां मंडराने लगेंगी. कुलमिलाकर घर में जीवंत माहौल पैदा होगा.