गृहशोभा विशेष

9 मई 2014…मौडल और टीवी धारावाहिकों में चरित्र भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ने जब मुंबई के चारकोप पुलिस थाने जा कर आपबीती सुनाई तो सबइंस्पैक्टर भोसले के होश उड़ गए. वे उस की बात सुन कर यह सोचते रहे कि क्या 21वीं सदी में भी पढ़ीलिखी लड़की जादूटोना और भूतप्रेत में विश्वास कर सकती है? उस की वजह से ठगी का शिकार हो सकती है? वे उस की दुख भरी कहानी सुनते रहे.

यह लड़की 7 साल पहले अभिनय के लिए मुंबई आई. काफी संघर्ष के बाद इसे मौडलिंग और टीवी धारावाहिकों में काम मिलने लगा तो यह मुंबई में रहने लगी. वहीं इस की मुलाकात एक नवोदित संघर्षरत मौडल व ऐक्टर से हुई. करीब 3 साल तक की जानपहचान और प्यार के बाद इन दोनों ने मंगनी कर ली. इस लड़की ने उस ऐक्टर की पूरी सहायता की, लेकिन जब उसे एक बड़े धारावाहिक में लीड रोल मिल गया तो उस ने इस लड़की से दूरियां बना लीं. वह इस का फोन तक नहीं उठाता था.

मुंहबोले भाई का सहारा

तनाव में आ कर इस लड़की ने अपने मुंहबोले भाई को जून, 2013 में सारी बातें बताईं, तो उस ने इसे 60 वर्षीय तांत्रिक बाबा भगवानदास के पास चलने की सलाह दी, जो माहिम में रहता है. दोनों जब वहां गए तो भगवानदास ने इसे बताया कि तुम्हारे ऊपर भूतप्रेत और पिशाच का साया है. मैं उस का इलाज कर सकता हूं, लेकिन इस के लिए तुम्हें पूजापाठ और कुछ खर्च करना पड़ेगा.

यह लड़की राजी हो गई. इसे लगा कि पूजापाठ से उस का आशिक फिर से उस की जिंदगी में आ जाएगा, इसलिए लड़की 70 हजार ले कर अगले दिन उस बाबा के पास गई. वहां पूजापाठ के बाद बाबा ने बताया कि वह उस के अंदर की प्रेतात्मा को योनिद्वार के जरीए बाहर निकालेगा. ऐसी बात सुन कर लड़की घबरा गई और वहां से चल दी.

उस बाबा का चेला इस्माइल शेख, इस लड़की से 2-3 दिन बाद मिला. उस ने अपनेआप को साईं बाबा का भक्त बताया और कहा कि भगवानदास की बात अगर वह नहीं मानेगी तो उस की और अधिक क्षति होगी. उस ने यह भी बताया कि जब साईं बाबा का प्रवेश किसी के अंदर होता है तो वह उस की मनोकामना आसानी से पूरी कर सकता है. पूजापाठ की बात इस बार उस ने इस लड़की के घर पर करने की बात कही और यह भी कहा कि पूजा के दौरान वह 3 महीने तक उस के घर पर ही रहेगा.

फिर 3 महीने तक वह पूजा करता रहा. लड़की और अधिक परेशान रहने लगी. एक दिन इस ने इस्माइल से घर से निकल जाने को कहा. इस्माइल तरकीबें सोचता रहा और फिर उस ने आखिर दांव खेला. उस ने कहा कि इस बार वह ऐसी पूजापाठ करेगा जिस का असर कारगर रहेगा. इस के लिए उसे 25 लाख कैश की आवश्यकता होगी. इस से उस का प्रेमी पूरी तरह से उस के पास लौट आएगा. अंधविश्वास से घिरी इस मौडल ने 25 लाख इस्माइल को दे दिए, जिन्हें इस्माइल ने एक बौक्स में रखा और उसे मीरा रोड स्थित एक गोदाम में ले गया.

पूजापाठ के दौरान वह बारबार वेश बदलता रहा और कई प्रकार की आवाजें निकाल कर उसे सुनाता रहा. उस ने कहा कि उस पर प्रेत की छाया है और उस से मुक्ति दिलाने के बहाने उस ने इस का यौन शोषण किया और कहा कि वह इस बौक्स को अपने घर पर रखे और तब तक न खोले जब तक वह उसे खोलने को न कहे. नहीं तो पैसा गायब हो जाएगा. इस के बाद इस मौडल की बातचीत इस्माइल से होती रही लेकिन दिसंबर, 2013 के बाद से उस का फोन बंद होने का जवाब आने लगा. इस मौडल ने उसे कई बार फोन किया तो एक बार फोन मिल गया. इस्माइल ने बताया कि वह अपने गांव केरल में है.

रिपोर्ट दर्ज कराई

इधर परेशान इस मौडल ने एक दिन उत्सुक हो कर बौक्स खोला तो देखा वह खाली था. पूछने पर इस्माइल शेख कई प्रकार की घुमावदार बातें करने लगा. तंग आ कर मौडल उस के मुंबई आने का इंतजार करती रही. उस के मुंबई आने के बाद वह सीधे थाने पहुंची और दोनों को गिरफ्तार करवाया. इस वक्त भगवानदास और इस्माइल शेख दोनों पुलिस हिरासत में हैं.

इस मौडल का कहना था कि वह यहां अकेले रहती है. उस का परिवार दूसरे राज्य में रहता है. घर की सब से बड़ी लड़की होने की वजह से वह अपनी बात परिवार से शेयर नहीं करती. वह अंधविश्वासी नहीं पर लगातार मानसिक और शारीरिक तनाव में होने की वजह से भटक गई.

पुलिस सबइंस्पैक्टर भोसले कहते हैं कि महिलाएं अकसर ऐसे बाबाओं और तांत्रिकों की शिकार होती हैं. इस ऐक्ट्रैस को पहले ही पुलिस, मनोरोग चिकित्सक या काउंसलर के पास जाना चाहिए था. हमारे यहां एक महिला दक्षता टीम है, जिस में महिला और काउंसलर दोनों महिलाएं हैं. किसी भी हादसे या रेप की शिकार हुई और ठगी जाने वाली महिलाओं की यह टीम पूरी सहायता करती है.

महिलाओं के इस तरह के बाबाओं की शिकार होने के पीछे उन की मानसिक अवस्था होती है, जिस को ये शातिर लोग आसानी से समझ जाते हैं. महाराष्ट्र अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के फाउंडर व और्गेनाइजर प्रोफैसर श्याम मानव कहते हैं कि पढ़ेलिखे शिक्षित वर्ग के लोग भी इस प्रकार के जादूटोना, भूतप्रेत में विश्वास करते हैं, क्योंकि बचपन से उन के अंदर कोई लौजिकल थिंकिंग नहीं पनपती. इस के अलावा उन्हें घर से ले कर टीवी, फिल्मों तक हर जगह अंधविश्वास पर आधारित कार्यक्रम देखने को मिलते हैं. आजकल के लगभग सभी धारावाहिकों के पूजापाठ और धर्म पर आधारित शो देख कर महिलाएं मन ही मन उस पर विश्वास करने लगती हैं. सब से अधिक अंधविश्वास बौलीवुड में पनपता है.

एक प्रकार का चक्रव्यूह

पढ़लिख कर भी व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान के लिए भगवान, साधुसंत, बाबा, तांत्रिक आदि की शरण में जाता है. महिलाएं मानसिक रूप से कमजोर होती हैं. ऐसे में तांत्रिक, बाबा सभी उन का शारीरिक शोषण करते हैं. हालांकि अभी महाराष्ट्र में जादूटोना विरोधी कानून 24 अगस्त, 2013 को नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के बाद पारित किया गया पर यह अभी तक सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा है. जब तक काफी लोग और मीडिया बड़े पैमाने पर इस के लिए काम नहीं करेगा तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी. ये मौडल भी अंधविश्वासी है इसीलिए ऐसे बाबा के शरण में गई. जबकि इसे मानसिक परेशानी के लिए परिवार या डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए थी.

पुरुष इन बाबाओं की संगत में इसलिए कम आते हैं, क्योंकि पुरुषों से सिर्फ पैसा मिलता है जबकि महिलाओं से पैसा लेने के अलावा शारीरिक संबंध भी ये साधुसंत बना लेते हैं. यह एक प्रकार का चक्रव्यूह होता है जिस में व्यक्ति बुरी तरह फंस जाता है. इसे कम करने के लिए बचपन से बच्चों की मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है.