प्रकृति प्रेमी ज्यादातर अपना समय प्रकृति के बीच में बिताना पसंद करते हैं और यही वजह है कि ऐसे लोगों की वजह से दुनिया की कुछ जगह पर्यटन स्थल बन गई हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पक्षियों को तथा अनेकों प्रकार के जीवों को आप देख सकती हैं और वहां जाकर रोमांच का भी भरपूर मजा ले सकती हैं.

भरतपुर पक्षी अभयारण्य

पक्षी प्रेमि‍यों के लिए राजस्‍थान भरतपुर में बना केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान भी एक बेहतर स्‍थान साबि‍त हो सकता है. सर्दियों के मौसम में अक्टूबर से फरवरी तक घूमने का एक अलग ही मजा है, क्‍योंकि इन महीनों में यहां दुर्लभ और लुप्तप्राय पक्षी बड़ी संख्‍या में आते हैं.

पक्षी प्रेमी यहां क्रेन, पेलिकन, गुई, बतख, ईगल्स, वाग्टेल्स और वौर्बलर्स जैसे पक्ष‍ियों को आसानी से देख सकते हैं. इस सीजन में स्‍थानीय पक्षि‍यों के अलावा बड़ी संख्‍या में प्रवासी पक्षी भी होते हैं, जिनमें ज्‍यादातर पक्षी मध्य एशिया के होते हैं.

सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य

हरियाणा में स्थित सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य पक्षी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है. यहां पर पक्षी देखने के लिए सर्दी का समय काफी अच्‍छा माना जाता है. इसलिए पक्षी प्रेमी यहां पर अक्‍टूबर से लेकर फरवरी के महीने में घूम सकते हैं.

यहां उत्तरी पिंटेल, ग्रेटर फ्लेमिंगो, एशियाई कोयल, पीला वाग्टेल, रोज़ी पेलिकन, यूरेशियन विजेन, कौमन टील और साइबेरियन क्रेन जैसी पक्षी बहुत प्‍यारे लगते हैं. सर्दि‍यों में बड़ी संख्‍या में व‍िदेशी पयर्टक भी घूमने आते हैं और कैमरों में पक्ष‍ियों को कैद करते हैं.

चिल्का झील पक्षी अभयारण्य

ओडिशा का चिल्का झील भी पक्षी प्रेमि‍यों के लिए एक शानदार स्‍थान है. सर्दियों में घूमने का एक अलग ही मजा है. पिअर-आकार में बनी चिल्का झील घूमने का अच्‍छा समय अक्‍टूबर से मार्च तक का है. यहां पर समुद्री ईगल्स, ग्रेलेग गुइज और बैंगनी मूरिन जैसी अनोखी प्रजातियों के पक्षि‍यों का जमावड़ा रहता है. इस झील में कई छोटे द्वीप हैं, जिनमें रंग-बिरंगे पंखों वाले पक्ष‍ियों को उड़ते हुए कैमरे में कैद करना काफी अच्‍छा लगता है. इसके अलावा ब्लैकबक, गोल्डन गौल्स और क्रस्टेशियंस, मछली और प्रसिद्ध चिल्का डाल्फिन भी देख सकते हैं.

नल सरोवर पक्षी अभयारण्य

गुजरात के अहमदाबाद शहर में स्‍थ‍ित नल सरोवर पक्षी अभ्‍यारण भी पक्षी प्रेमि‍यों के लिए एक अच्‍छी जगह साबि‍त हो सकता है. यहां पर नवंबर से फरवरी तक का समय दुर्लभ पक्ष‍ियों को देखने के हि‍साब से बेस्‍ट है. नल सरोवर पक्षी अभ्‍यारण में गुलाबी पेलिकन, फ्लेमिंगो, व्हाइट स्टौर्क, ब्राह्मण बतख, बैंगनी मूरिन, भूरी और सफेद बेडिग बर्ड, प्‍लोवर्स, ब्‍लैक टेल्‍ड गोडविट, स्‍टीन्‍ट और सैंडपाइपर्स फ्लौक के अलावा उल्‍लू काफी फेमस हैं. यहां पर भी इन महीनों में प्रवासी पक्षि‍यों की काफी भीड़ दिखाई देती है.

थिटेकड़ पक्षी अभयारण्य

केरल के ये थिटेकड़ पक्षी अभयारण्य की जितनी तारीफ की जाए कम ही लगती है. केरल का यह अभयारण्य विभिन्न प्रकार के कुक्कुओं के लिए जाना जाता है. शायद इसीलिए इसके एक भाग को ‘कोक्यू स्वर्ग’ के नाम से भी पुकारा जाता है.

यहां बड़ी संख्‍या में दुनिया भर से पक्षी प्रेमी आते हैं. थिटेकड़ पक्षी अभयारण्य भी घूमने के लिए नवंबर से फरवरी तक का समय परफेक्‍ट है. इन चार महीनों में यहां पर बड़े खूबसूरत व दुर्लभ पक्षी देखने को मिलते हैं.