मध्य प्रदेश राज्य वाकई में भारत का दिल है. दरअसल यहां का पर्यटन इस देश के जादुई और रहस्यमय केंद्र का सफर है. यह प्रदेश भारत के अंतरमन से रूबरू कराता है. यहां स्मारकों, मंदिरों पर नक्काशीदार शिल्पकारी, किेले, महल, झरने, नदी और पर्वतमालाओं के अनोखे झरोखे हैं…

भोपाल:

राज्य की राजधानी यह शहर पुरातात्विक धरोहरों से भरपूर है. पुराने महल और मस्जिदें और भीड़ भरे बाजार देखने लायक हैं. भोपाल को झीलों का शहर भी कहा जाता है. लेक व्यू के बीच दरगाह का नजारा बेहद खूबसूरत दिखता है. वहीं भारत भवन में कला का अनोखा संगम देखने को मिलेगा साथ ही शाम को इसके पीछे वाले हिस्से में सीढ़ियों पर बैठकर घंटों झील को देखने आपके मन में सुकून का शांत सागर भर देगा.

खजुराहो:

मध्य प्रदेश में टूरिस्टों के बीच यह जगह सबसे ज्याद पसंदीदा है. खजुराहो मंदिरों के पत्थरों पर अलग-अलग तरह की कामुक भंगिमाएं उकेरी गई हैं. इन मूर्तियों के रंग दिन की बदलती रौशनी के साथ बदलते हैं. यहां का लाइट एंड साउंड शो बेहतरीन होता है. खजुराहो प्रकृति के अद्भुत नजारे भी देखने को मिलेंगे.

चित्रकूट:

यह खजुराहो से 195 किमी दूर है. चित्रकूट विंध्य के पहाडों, नदियों और मनोरम जंगलों से घिरा हुआ पूरी तरह से प्रकृति की गोद में है. साथ ही यह एक प्रसिद्ध तीर्थ है. यहां भगवान राम, सीता जी और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में से ग्यारह वर्ष बिताए थे. यहां के मंदिर, घाट देखने लायक हैं. चित्रकूट में रामघाट, कामदगिरी, सीता कुंड, सती अनुसुया मंदिर, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी नदी, हनुमान धारा और भरत कूप घूमने लायक हैं.

ग्वालियर:

भारतीय इतिहास का गौरवशाली पन्ना ग्वालियर के किलों और महलों में जिंदा हो उठता है. यह शहर कई लड़ाइयों, रक्तपात और मौतों का गवाह रहा है. यहां घूमने की जगह हैं- ग्वालियर का किला, मानमंदिर महल, जयविलास महल व म्यूजियम, सरोद घर, तानसेन स्मारक और सूर्य मंदिर.

मांडू:

यह इंदौर से 99 किमी. दूर है. मांडू विंध्य की पहाड़ियों में 2000 फीट की ऊंचाई पर है. यह जगह कवि व राजा बाजबहादुर और उनकी सुंदर रानी रूपमती के प्यार की यादों का बसेरा है. यहां अफगानी वास्तुकला का एक शानदार नमूना देखने को मिलेगा है. यहां घूमने लायक जगह हैं जहाज महल, रानी रूपमती का महल, बाजबहादुर का महल, अशर्फी महल, हिंडोला महल और शाही हमाम. यहां की जामी मस्जिद और होशंगशाह के मकबरे का नमूना लेकर ही बाद में ताजमहल बनाया गया.

कान्हा:

कान्हा टाइगर रिजर्व को रुडयार्ड किनलिंग ने मशहूर किया. यह एशिया का सबसे बेहतरीन नेशनल पार्क है. वाइल्ड लाइफ लवर्स के लिए यह अनूठी जगह है. रूडयार्ड किपलिंग की फेमस किताब और सीरियल जंगल बुक की प्रेरणा भी इसी जगह से ली गई थी. यह नेशनल पार्क 1945 वर्ग किमी. में फैला हुआ है.

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य:

मुरैना में इस अभ्यारण्य की स्थापना जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों से घिरी चंबल नदी के किनारे को सुरक्षित रखने के लिए की गई थी. मछलियों की ढेरों प्रजातियों के अलावा डॉल्फिन, मगरमच्‍छ, घड़ियाल, कछुआ, ऊदबिलाव जैसी प्रजातियां यहां देखी जा सकती हैं. देवरी का मगरमच्छ केन्द्र हाल ही में पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. यहां नवंबर से मार्च के दौरान हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं. नदी में बोटिंग का लुत्फ भी उठाया जा सकता है.

ओरछा:

ग्वालियर से 119 किमी. बेतवा नदी के किनारे बसी यह जगह बुंदेलों की राजधानी रही है. यहां का मशहूर ओरछा किला वास्तुकला का एक अद्भुत उदहारण है. यहां चतुरभुज मंदिर, राज महल, राम राजा मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर देखने लायक हैं.

जबलपुर:

यहां की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता लोगों को बहुत लुभाती है. दुनिया में जबलपुर मार्बलरॉक्स के लिए जाना जाता है. जो कि यहां से 23 किमी. दूर भेड़ाघाट में हैं. नर्मदा नदी के दोनों ओर दूर तक  ऊंची संगमरमर की चट्टानें बहुत सुंदर दिखती हैं. यहां बोटिंग की सुविधा नवंबर से मई तक होती है. यहां धुंआधार फाल्स भी बेहतरीन जगह है.

बांधवगढ़:

मध्य भारत के दिल में बसे विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बांधवगढ़ नेशनल पार्क में देश के सबसे ज्यादा बाघ हैं. यहां पर हाथी सफारी का भी लुत्फ लिया जा सकता है.

पंचमढ़ी:

सतपूड़ा पर्वतमालाओं के बीच घिरा यह हिल स्टेशन अपने दामन में बेहद खूबसूरती समेंटे है. इसे सतपूड़ा की रानी भी कहा जाता है. यहां प्रियदर्शिनी प्‍वाइंट, बी फॉल, हांडी खोह, पांडव गुफा, अप्सरा विहार, जटाशंकर गुफा और राजेंद्र गिरि घूमने लायक जगह हैं.

उज्जैन:

यह मध्य प्रदेश का एक प्रमुख शहर है जो क्षिप्रा नदी के किनारे बसा है. यह एक बहुत प्राचीन नगरी है. उज्जैन राज विक्रमादित्य की राजधानी थी. भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल इस नगरी में है. यहां हरसिद्ध‍ि मंदिर, श्री बड़े गणेश मंदिर, भर्तृहरि गुफा, काल भैरव मंदिर और क्षिप्रा घाट घूमने लायक है.