गृहशोभा विशेष

अक्सर ऐसा होता है कि शहर की भागदौड़ से मन ऊब जाता है. ऐसे में रिफ्रेश होने के लिए किसी ऐसी शांत जगह पर निकलने का मन करता है. अगर आप भी ऐसी किसी जगह पर जाना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का बिनसर सबसे परफेक्ट जगह हो सकती है. आइए, जानते हैं यहां क्या है खास.

बिनसर अल्मोडा से करीब 33 किमी की दूरी पर बसा है. ‘बिनसर’ एक गढ़वाली शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नव प्रभात’. देवदार के जंगलों से घिरा यह पूरा क्षेत्र अब एक वन्य अभयारण्य बन चुका है. यहां स्थित ‘जीरो पौइन्ट’ से हिमालय की चोटियां जैसे केदारनाथ, चौखंबा, नंदा देवी, पंचोली, त्रिशूल, आदि चोटियों को देखा जा सकता है.

travel in hindi

बिनसर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी

बिनसर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, लगभग 49.59 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है. बिनसर, विभिन्न पहाड़ी वनस्पतियों के साथ जीव-जन्तुओं की कई प्रजातियों को संरक्षण प्रदान करता है. यहां वन्य जीवों में तेंदुआ, गोरा, जंगली बिल्ली, भालू, लोमड़ी, बार्किंग हिरण, कस्तूरी हिरण आदी पाएं जाते हैं. साथ ही यहां पक्षियों की 200 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं. जिनमें उत्तराखंड का राज्य पक्षी मोनाल मशहूर है, जो अब कम ही देखने को मिलता है. इसके अलावा आप तोता, ईगल्स, कठफोड़वा आदि पक्षियों को भी यहां देख सकते हैं.

रानीखेत हिल स्टेशन

बिनसर के पास ही है, रानीखेत जो अल्मोड़ा का एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है. यह पूरा पहाड़ी क्षेत्र देवदार व बलूत के पेड़ों से घिरा हुआ है. यहां से भी आप हिमालय की कई चोटियों को आसानी से देख सकते हैं. यह पूरा पर्वतीय इलाका प्राकृतिक शांति से भरा हुआ है. यहां आकर आप भरपूर मानसिक व आत्मिक शांति का अनुभव कर पाएंगे. रानीखेत ‘गोल्फ’ खेलने के लिए एक अच्छा स्थान माना जाता है.

कैसे पहुंचे 

आप बिनसर तीनों मार्गों से पहुंच सकते हैं, यहां का नजदीकी हवाई अड्डा ‘पंतनगर’ है, जो लगभग 152 किमी की दूरी पर स्थित है. रेल मार्ग के लिए आप काठगोदाम रेलवे स्टेशन आ सकते हैं. जो भारत के कई अहम शहरों से जुड़ा हुआ है. आप चाहें तो बिनसर सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैं.

आप इस लेख को सोशल मीडिया पर भी शेयर कर सकते हैं