Vicky Kaushal : 14 फरवरी के दिन देशभक्ति से भरपूर ऐतिहासिक फिल्म जो कि छत्रपति महाराज संभाजी के शौर्य वीरता पर आधारित है सिनेमाघर में रिलीज हो रही है. फिल्म की रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर उत्साह देखने लायक है. फिल्म रिलीज से पहले ही 3.90,014 टिकट की बिक्री हो चुकी है जिसने अब तक 11.09 करोड़ की कमाई कर ली है. इसकी वजह छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज पर आधारित फिल्म छावा की कहानी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से लिखी गई है.
जो कि निर्देशक लक्ष्मण उतेकर द्वारा सिल्वर स्क्रीन पर प्रस्तुत की गई है. फिल्म छावा की खास बात यह भी है कि इस फिल्म में संभाजी महाराज के किरदार को एक्टर विकी कौशल ने पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ जिया है. विकी कौशल उन एक्टरों में से हैं जिन्होंने स्टार और एक्टर के बीच का फर्क दर्शकों को समझाया है , स्टार वह होते हैं जो फिल्मों की सफलता के वजह से लोकप्रियता पाते हैं. और एक्टर वह होते हैं जो अपने फिल्मों के किरदारों की वजह से फिल्मी इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों से लिख जाते हैं. इसी का जीता जागता उदाहरण एक्टर विकी कौशल है जिन्होंने उरी द सर्जिकल स्ट्राइक, सरदार उधम सिंह, और सेम बहादुर जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाने के बाद अब ऐतिहासिक फिल्म छावा में अपने अभिनय का लोहा मनवा लिया है.
फिल्म के बारे में अगर एक शब्द में कहे तो तो यह एक शानदार और जानदार फिल्म है. फिल्म में इतिहास, जुनून, देश भक्ति और प्रेम की भावना, तलवारबाजी और एक्शन से भरे दृश्य, बेहतरीन तरीके से दिखाए गए हैं. फिल्म छावा में जबरदस्त परफौर्मेंस देकर विकी कौशल ने अपनी पीढ़ी के बेहतरीन एक्टर्स में से एक के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर ली है. फिल्म का एकएक सीन देखने लायक है. एक्शन डायरेक्शन, संगीत, सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक लाजवाब है. छावा में जहां विकी कौशल का शेर के साथ युद्ध, युद्ध के दौरान युद्ध की अनेक नीतियों को अलग अलग तरीके से चतुरता के साथ अंजाम देना, महाराज संभाजी पर दिल दहलाने वाले अत्याचार दर्दनाक मौत,जैसे असरदार दृश्य, दमदार संवाद के साथ खूबसूरत तरीके से पेश किये गए है.
विकी कौशल के अलावा औरंगजेब के रोल में अक्षय खन्ना, संभाजी की पत्नी के रोल में रश्मिका मंदाना, औरंगजेब की पत्नी के रोल में डायना पेंटी, अन्य कलाकारो में दिव्या दत्ता, आशुतोष राणा, संतोष जुवेकर, आदि सभी कलाकारों ने अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय किया है . छावा फिल्म में एक खास बात यह भी बताई गई है की पौराणिक युग हो या ऐतिहासिक, दुश्मन या गद्दार घर के अंदर ही होता है, जिसे पहचानना मुश्किल होता है .क्योंकि वह अपना खुद का ही कोई रिश्तेदार होता है. बाहर के दुश्मनों से लड़ा जा सकता है क्योंकि हमें पता है कि वह हमारा दुश्मन है. लेकिन घर के दुश्मनों से लड़ना मुश्किल हो जाता है और वही घर का भेदी ओर गद्दार, मौत का कारण भी बन जाते हैं . छत्रपति संभाजी महाराज की दर्दनाक मौत के जिम्मेदार भी उनके अपने ही थे जिन्होंने मुगलों के साथ मिलकर एक महान शौर्य वीर को मौत के घाट उतार दिया.