Akshaye Khanna : बौलीवुड ऐक्टर अक्षय खन्ना इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ को ले कर खूब सुर्खियों में हैं. ‘धुरंधर’ में अक्षय ने एक खूंखार डकैत का किरदार निभाया है, जो निगेटिव किरदार है। लेकिन इस किरदार को अक्षय ने इतना बखूबी निभाया है कि लोग हीरो से ज्यादा विलेन की तारीफ करते नहीं थक रहे. जिसे देखो वह अक्षय के डांस स्टेप कौपी कर सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहा है.
अक्षय यों तो फिल्मों में लगातार ही काम कर रहे हैं, लेकिन इस फिल्म की वजह से वे कुछ ज्यादा ही चर्चा में आ गए हैं.
एक रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ‘छावा’ की सफलता के बाद अक्षय खन्ना ने ‘धुरंधर’ फिल्म करने से पहले मना कर दिया था. जब उन्हें स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए कहा गया, फिर वे माने और स्क्रिप्ट सुने और राजी हुए थे.
अहंकारी अक्षय खन्ना
अब ‘धुरंधर’ और ‘’छावा’ की सफलता के बाद अक्षय खन्ना के बारे में यह बात कही जा रही है कि इन फिल्मों की सफलता उन के सिर चढ़ गई है, जिस से उन के व्यवहार में बदलाव आ गया है और उन्होंने ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग से ठीक पहले फिल्म छोड़ दी, जिस पर प्रोड्यूसर कुमार मंगत पाठक ने आपत्ति जताई, कानूनी नोटिस भेजा और कहा कि अक्षय का रवैया टौक्सिक और अनप्रोफैशनल है और उन की सफलता ने उन्हें अहंकारी बना दिया है.
डिमांड
सूत्रों की मानें तो अक्षय खन्ना की ‘दृश्यम 3’ फिल्म को छोड़ने की वजह काफी चौकाने वाली है. अक्षय खन्ना और मेकर्स के बीच पारिश्रमिक के अलावा ‘लुक’ को ले कर भी असहमति बनी. दरअसल, ‘दृश्यम 2’ में अक्षय अपने नैचुरल लुक (बिना विग के) में नजर आए थे, लेकिन ‘धुरंधर’ में उन्होंने विग पहनी है और दर्शकों ने उन के इस नए अवतार को बेहद पसंद किया. अब अक्षय चाहते थे कि ‘दृश्यम 3’ में भी वे विग पहन कर ही स्क्रीन पर आएं.
हालांकि, मेकर्स को यह सुझाव पसंद नहीं आया और उन्हें लगा कि किरदार की निरंतरता के लिए पुराना लुक ही सही है और अक्षय इसे मानने के लिए तैयार नहीं थे। पैसों और लुक के इसी तालमेल की कमी की वजह से निर्माता ने उन से दूरी बना ली.
अक्षय खन्ना ने अपने इस एरोगेंट व्यवहार की वजह से कई बड़ी फिल्मों को ठुकराया है. इन फिल्मों को ठुकराने की वजह उन्होंने किरदारों, फीस या क्रिएटिव मतभेदों के कारण रही है, जो निम्न है :
खाकी : राजकुमार संतोषी की फिल्म खाकी में सब इंस्पैक्टर का रोल पहले उन्हें औफर हुआ था, जिसे उन्होंने छोड़ दिया और बाद में तुषार कपूर ने किया.
कुरबान : इस फिल्म में विवेक ओबेराय वाला रोल अक्षय खन्ना ने ठुकराया था, जिसे बाद में विवेक ने निभाया.
जिंदा : संजय गुप्ता की फिल्म जिंदा में जौन अब्राहम वाला रोल अक्षय खन्ना को औफर हुआ था, लेकिन वित्तीय कारणों से उन्होंने इसे मना कर दिया.
परिणीता : इस फिल्म में मुख्य भूमिका (शेखर राय) के लिए अक्षय खन्ना पहली पसंद थे, लेकिन यह रोल सैफ अली खान को मिला और फिल्म सफल रही.
अक्षय खन्ना की फ्लौप फिल्में
अक्षय खन्ना आज एक अच्छे ऐक्टर के तौर पर गिने जा रहे हैं, लेकिन कभी ऐसा भी समय था, जब उन से फिल्मों ने दूरी बना ली थी क्योंकि एक के बाद एक उन की फिल्में असफल रही थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा भी था कि उन्हें आजकल फिल्मों में कोई चांस नहीं देता क्योंकि उन की फिल्में लगातार फ्लौप हो रही हैं.
यह सही है कि हिट फिल्मों के इस सफर से पहले अक्षय खन्ना की झोली में कई फ्लौप फिल्में भी आई हैं, जिन की वजह से उन के मीम्स भी बनते रहे हैं।
हिमालय पुत्र : ‘हिमालय पुत्र’ अक्षय खन्ना की पहली फिल्म थी. अक्षय अपनी डैब्यू फिल्म से लोगों की दिलों में जगह बनाने में नाकाम रहे थे. वर्ष 1997 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बौक्स औफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखाया था.
मोहब्बत : अक्षय खन्ना की इस फिल्म से लोगों ने बिलकुल मोहब्बत नहीं की और फिल्म परदे पर बुरी तरह पिटी. अक्षय खन्ना के अपोजिट इस फिल्म में माधुरी दीक्षित लीड रोल में थीं और यह अक्षय के कैरियर की तीसरी पिक्चर थी.
डोली सजा के रखना : साल 1998 में रिलीज हुई अक्षय खन्ना की फिल्म ‘डोली सजा के रखना’ बौक्स औफिस पर फुस्स साबित हुई. इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था जो कि एक मलयालम फिल्म थी.
नकाब : साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘नकाब’ में अक्षय ने लीड रोल निभाया था. फिल्म में ऐक्टर के अपोजिट ऐक्ट्रैस उर्वशी शर्मा को कास्ट किया गया था. यह फिल्म बौक्स औफिस पर फ्लौप रही थी.
आक्रोश : साल 2010 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय खन्ना के अलावा अजय देवगन और बिपाशा बसु भी लीड रोल में थे. फिल्म में अक्षय ने एक सीबीआई औफिसर का किरदार निभाया था. इस फिल्म ने भी परदे पर कुछ खास कमाल नहीं दिखाया था.
इन फिल्मों के अलावा ‘गांधी माय फादर’, ‘द ऐक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’, ‘इत्तेफाक’ जैसी कई फिल्में भी हैं, जो फ्लौप ही रही हैं.
इस प्रकार अभिनेता अक्षय खन्ना का ‘दृश्यम 3’ से बाहर होना उन के कैरियर के लिए एक जोखिम हो सकता है क्योंकि यह उन की बढ़ी हुई फीस की रकम और क्रिएटिव मतभेदों के कारण हुआ, जिस से निर्माताओं ने कानूनी काररवाई की बात कही है, हालांकि उन की हालिया सफलताओं ने उन की मांग बढ़ा दी थी, लेकिन इस विवाद से उन के स्टारडम और इंडस्ट्री में इमेज पर असर पड़ सकता है क्योंकि प्रोड्यूसर्स उन्हें ‘अनप्रोफेशनल’ बता रहे हैं और ‘रेस 4’ जैसी फ्रेंचाइजी से भी बाहर हो गए हैं, जिस से आगे प्रोजैक्ट्स मिलना मुश्किल हो सकता है क्योंकि ऐसे कई आर्टिस्ट इंडस्ट्री में हैं, जिन्होंने कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते हुए आने वाली अच्छी प्रोजैक्ट को ठेंगा दिखाया और बाद में एक फिल्म के लिए तरस गए, मसलन जायरा वसीम (धार्मिक कारणों से), असिन (शादी के बाद), इमरान खान (कैरियर ब्रेक), विनोद खन्ना (आश्रम जाने के लिए) और राज किरण (मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण) अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी बुरे दौर के बाद वापसी की और अब हर काम में वे सब से पहले भागीदार बनते हैं. इन कलाकारों को यह समझना जरूरी है कि दुनिया सिर्फ उगते हुए सूरज को ही आलिंगन करती है। वही सूरज जब डूबता है, तो लोग अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर लेते हैं.
